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ईरान में फंसे भारतीय छात्र कैसे निकाले जाएंगे? उमर अब्दुल्ला ने बताया पूरा प्लान

ईरान और इजराइल के बीच छिड़े युद्ध के बाद तेहरान में फंसे भारतीय छात्रों को वहां से निकालने की कोशिश की जा रही है. इसी बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बताया कि तेहरान में फंसे जम्मू-कश्मीर के छात्रों को भारत किस रास्ते वापस लाया जाएगा.

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि ईरान में पढ़ रहे जम्मू-कश्मीर के छात्रों को आर्मेनिया ले जाया जा रहा है जहां से उन्हें सुरक्षित घर वापस लाया जाएगा.

तेहरान से निकाला जाएगा बाहर

सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा, पिछले कई दिनों से हमारी यह कोशिश रही. मैं विदेश मंत्रालय के साथ लगातार ताल-मेल में बना रहा. विदेश मंत्री जयशंकर साहब से मेरी बात भी हुई. उन्होंने मुझे उस वक्त भी यकीन दिलाया कि एक प्रोग्राम और एक प्लान के तहत पहले हमारे छात्र जो हैं उन इलाकों से बाहर निकाले जाएंगे जहां सबसे खतरा है, खासकर तेहरान और इस्फहान.

 

आर्मेनिया के रास्ते आएंगे भारत

सीएम ने बताया छात्रों को तेहरान से निकालने के लिए पहला प्रोग्राम यह था कि हम पहले उनको ईरान के शहर कोम भेजते जो सुरक्षित इलाके हैं. उसके बाद क्योंकि एयरपोर्ट सारे बंद हैं, पोर्ट सारे बंद हैं, इसीलिए इनको अब आर्मेनिया लाया जा रहा है. आर्मेनिया से इनको फिर सही सलामत यहां वापस घर ले आएंगे.

ईरान और इजराइल के बीच युद्ध छिड़ गया है. दोनों देश एक दूसरे पर वार-पलटवार कर रहे हैं. इजराइल ने शुक्रवार की रात को ईरान पर पहला हमला किया था. इस हमले में इजराइल ने ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों पर हमला किया. ड्रोन और मिसाइल बरसाई. यह पहला इजराइल ने ईरान में किया. इसी के बाद ईरान ने भी इजराइल को करारा जवाब दिया और जवाबी हमला किया. इसी के बाद दोनों देशों के बीच वार-पलटवार का सिलसिला जारी है.

छात्रों को पहुंचाया गया आर्मेनिया

तेहरान में भारतीय दूतावास ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच 110 भारतीय छात्रों को, जिनमें से ज्यादातर जम्मू-कश्मीर से थे, ईरान से आर्मेनिया पहुंच गए हैं, जिससे उन परिवारों को कुछ राहत मिली है जो अब अपने बच्चों की भारत में सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहे हैं. इसी के बाद अब आर्मेनिया से इन छात्रों को भारत लाया जाएगा.

विदेश मंत्रालय ने तेहरान में अन्य भारतीयों को, जिनके पास परिवहन के साधन हैं, विकासशील स्थिति के कारण शहर से बाहर जाने की सलाह दी है.

ईरान में कितने भारतीय?

विदेश में पढ़ रहे भारतीय छात्रों के विदेश मंत्रालय के अनुमानित आंकड़ों के अनुसार, 2022 में, लगभग 2,050 छात्रों ने ईरान में तेहरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज, शाहिद बेहेश्टी यूनिवर्सिटी और इस्लामिक आजाद यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों में ज्यादातर मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए दाखिला लिया था. साथ ही विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान में 10 हजार 765 भारतीय रहते हैं.

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