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अयोध्या में ऊंची इमारत के निर्माण पर बना नया कानून, मनमानी करने पर जमींदोज होंगे घर

उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में अब राम मंदिर के आसपास मानक से अधिक ऊंचाई वाले भवनों का निर्माण नहीं किया जा सकेगा. अयोध्या विकास प्राधिकरण ने ऐसे स्थानों पर सूचना बोर्ड लगा कर आम जनमानस को यह सूचना दी है. बता दें कि राम नगरी में राम मंदिर निर्माण के साथ-साथ संपूर्ण अयोध्या जिले में हजारों करोड़ों रुपए की सैकड़ों योजनाएं और परियोजना वर्तमान में चल रही है. एडीए ने अयोध्या को दो अलग-अलग जोनों में बांटा है.

अयोध्या विकास प्राधिकरण ने राम मंदिर परिक्षेत्र में भवनों के निर्माण की ऊंचाई का मापदंड तय कर दिया है. अब राम मंदिर परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी भवन निर्माणकर्ता अपने आवासी और व्यवसायिक भवन निर्माण की तय की गई ऊंचाई की सीमा से अधिक ऊंचाई में निर्माण नहीं करा सकेंगे. अधिकारियों के अनुसार, अयोध्या धाम क्षेत्र के कई हिस्सों को दो अलग-अलग जोनों में विभाजित किया गया है.

तय हुई भवन निर्माण ऊंचाई की सीमा

इनको जोन-1 और जोन-2 नाम से चिंहित किया गया है. इन क्षेत्रों में अब भवन निर्माण के लिए तय मानक ऊंचाई से अधिक भवनों के निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी. जोन-1 क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले किसी भी नए भवन की अधिकतम ऊंचाई सड़क से मात्र 7.50 मीटर तक ही हो सकेगी, जबकि जोन-2 क्षेत्र में यह सीमा 15 मीटर निर्धारित की गई है. यह निर्णय अयोध्या मास्टर प्लान 2031 के तहत लिया गया है, जिसका उद्देश्य राम नगरी की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर की गरिमा को बनाए रखना और अत्यधिक शहरीकरण पर नियंत्रण करना है.

नोटिस बोर्ड लगाकर दी गई जानकारी

राम मंदिर के आसपास के प्रतिबंधित क्षेत्र में रानोपाली रेलवे क्रॉसिंग, अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन, रायगंज रोड, रानी बाजार चौराहा, तपस्वी जी की छावनी चौराहा, वाल्मीकि भवन, राम की पैड़ी का दक्षिणी भाग, लक्ष्मण घाट और साकेत डिग्री कॉलेज के पीछे का क्षेत्र शामिल हैं. इन क्षेत्रों में विकास प्राधिकरण ने बाकायदा एक मानचित्र के साथ नोटिस बोर्ड लगाए गए हैं, जिससे इन क्षेत्र के लोगों को यह जानकारी मिल सके.

‘नियमों के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई’

अयोध्या विकास प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर कोई भी व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जो भी व्यक्ति या संस्था बिना स्वीकृति या तय सीमा से अधिक ऊंचाई का निर्माण करेगा तो उसके खिलाफ नोटिस जारी कर भवन गिराने तक की कार्यवाही हो सकती है.

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