Logo
ब्रेकिंग
सांझवीर टाईम्स के प्रतिष्ठा अलंकरण समारोह में जिले की 22 विभूतियां सम्मानित आर डी कोचिंग के विद्यार्थियों ने जे ई ई मैंस में हासिल की उत्कृष्ट सफलता, 99.68 परसेंटाइल हासिल कर स... Live: एमपी विधानसभा में बजट पेश कर रहे वित्त मंत्री देवड़ा, जानिए किसको क्या मिला नई दिल्ली से ताम्रम जा रही GT एक्सप्रेस के पार्सल वैन में लगी आग, बड़ा हादसा टला 13 फरवरी को सारणी में लगेगा रोजगार मेला, 9 कंपनियां करेंगी भर्ती, 775 से अधिक पदों पर मौका नागपुर एम्स में चार साल के हर्ष की मौत, कोल्ड्रिफ कफ सिरप कांड का था पीड़ित, चार माह से ICU में चल र... लोकायुक्त ट्रैप में फंसे बैतूल नायब तहसीलदार के रीडर को चार साल की सजा ई-साइकिल की बैटरी में धमाका, दिव्यांग युवक जिंदा जला महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजीत पवार की विमान हादसे में मौत, बारामती में हुआ हादसा एसआईआर–2026 में बैतूल को बड़ी उपलब्धि, कलेक्टर नरेन्द्र सूर्यवंशी को राज्यपाल ने किया सम्मानित
Header Ad

सपने में दिख जाएं मरे हुए रिश्तेदार तो…? प्रेमानंद महाराज ने बताया इसका असली मतलब और उपाय

प्रेमानंद महाराज को आज की तारीख में कौन नहीं जानता? वृंदावन के इस संत के दुनियाभर में करोड़ों फॉलोअर्स हैं, जिनमें कई नामी हस्तियां भी शामिल हैं. स्टार क्रिकेटर विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा भी प्रेमानंद महाराज के फॉलोअर हैं. महाराज के पास रोजाना कई भक्त अपनी परेशानियों का समाधान पाने आते हैं. ऐसा ही एक भक्त महाराज के पास आया, जिसने सवाल किया- महाराज अगर हमारे सपने में मरे हुए रिश्तेदार आएं तो इसका क्या मतलब है?

भक्त के सवाल का जवाब देते हुए प्रेमानंद महाराज ने कहा- सपने तीन तरह के होते हैं. पहला सपना वो होता है, जिनमें परिवार के मृत सदस्य दिखाई देते हैं. दूसरा वो जिसमें भगवान व साधु-संतों के दर्शन होते हैं. तीसरा वो जिसका अस्तित्व नहीं है.

चिंता की बात है या नहीं?

प्रेमानंद महाराज के बताया कि अक्सर इंसान का मन कई लोगों के साथ जुड़ा रहता है. ये लोग जिंदा भी हो सकते हैं और मृत परिजन भी. उन्होंने कहा कि अगर मृत परिजन सपने में दिखे तो इसे लेकर चिंता करने की बात नहीं है. ऐसा नहीं होता कि आपने कुछ बुरा कर दिया हो, जिसके कारण ये संकेत देना चाहते हैं, ऐसा कुछ नहीं होता. इसलिए डरने की बात नहीं है.

क्या करना चाहिए ऐसे में?

महाराज ने आगे कहा कि इस तरह के सपने आते हैं तो दान-पुण्य की आदत डालें. ये आदत सामान्य तौर पर भी होनी चाहिए. प्रेमानंद जी कहते हैं कि अगर आप निरंतर जल व अन्न का दान करते हैं तो यह दान पूर्वजों तक पहुंचता है. जब आप दान करते हैं तो इससे पूर्वजों को संतुष्टि मिलती है.

मरने के बाद दान-पुण्य करें

उन्होंने कहा- इसी कारण से पिंडदान भी किया जाता है. जब तक घर के बड़े-बुजुर्ग जीवित होते हैं तब तक उनकी सेवा करनी चाहिए और उनके मरने के बाद दान-पुण्य.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.