Logo
ब्रेकिंग
आने वाली पीढी को सच्चे इतिहास से परिचित कराना आवश्यक - खंडेलवाल, विभाजन विभिषिका स्मृति दिवस पर परिज... क्या भारत में नागरिकों को हासिल है पूरी आजादी? जानिए संविधान प्रदत्त 11 अधिकारों के साथ जुड़ी अहम का... क्या NDA में होगा बड़ा विस्तार? परिसीमन और महिला आरक्षण बिल के बीच DMK, NCP और अकाली दल के साथ आने क... महाराष्ट्र के सांगली में बड़ा हादसा: रेणावी घाट में दो ST बसों की आमने-सामने भीषण टक्कर स्वतंत्रता दिवस 2026: दिल्ली मेट्रो की विशेष व्यवस्था, लाल किला और जामा मस्जिद के लिए सुबह 4 बजे से ... अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महंत परमहंस रामचंद्र दास के स्मृति समारोह में हुए शामिल 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन, देशवासि... PM मोदी और विदेश नीति पर टिप्पणी से गरमाई सियासत: राजनाथ सिंह और एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी को घेरा,... CJI सूर्य कांत विवाद के बाद सुर्खियों में NALSAR यूनिवर्सिटी, BCI ने वापस लिया निलंबन फैसला 4,200 करोड़ के लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
Header Ad

बाढ़ के मुद्दे पर विधानसभा में हंगामा, हरजोत बैंस ने कांग्रेस और भाजपा पर साधा निशाना

0

चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान बाढ़ के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि आज विधानसभा की कार्यवाही का उद्देश्य भविष्य की योजना बनाना और बाढ़ से प्रभावित लोगों के जख्मों पर मरहम लगाना था, लेकिन कांग्रेस ने इस गंभीर मुद्दे पर सिर्फ राजनीति की। बैंस ने कहा कि बाढ़ के दौरान पंजाब के कई नेताओं, गायकों, समाजसेवियों और धार्मिक हस्तियों ने लोगों के लिए अच्छे काम किए। दुख की घड़ी में ही पता चलता है कि असल में कौन किसके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान बीमार पड़ गए, लेकिन कांग्रेस ने उन पर भी राजनीति की। “बीमारी किसी के हाथ में नहीं होती, कोई भी बीमार हो सकता है।”

उन्होंने भाजपा पर भी हमला बोला और कहा कि बाढ़ के दौरान भाजपा ने भी पंजाब का हाथ नहीं थामा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पिछले 10 दिनों से प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांग रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें समय नहीं मिला है, जबकि प्रधानमंत्री तमिलनाडु का दौरा कर चुके हैं। बैंस ने कहा कि अगर आज भी सिर्फ राजनीति ही करनी है, तो जनता का पैसा बर्बाद करने का कोई मतलब नहीं है।

बैंस ने कहा कि पंजाब हमेशा से ही आहत रहा है, कुछ गैरों ने, कुछ अपनों ने और कुछ कुदरत ने। उन्होंने कहा कि 1947 का बंटवारा, 1984 के दंगे, 1988 की घटनाएं और प्राकृतिक आपदाओं ने पंजाब को तोड़ दिया। पंजाब में धार्मिक स्थलों पर हमले हुए, पंजाब के माथे पर चिट्टे का तेजाब फेंका गया और अब पंजाब फिर से बाढ़ से आहत है। उन्होंने कहा कि 5लाख एकड़ से ज्यादा फसलें बर्बाद हो गई हैं और पंजाब की समृद्धि फसलों से जुड़ी है। जिन घरों में पहले लोग गंदे जूते अंदर नहीं आने देते थे, अब वे मिट्टी से भर गए हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.