Logo
ब्रेकिंग
Dhamtari Maratha Community: मराठा पारा में जीवंत हुई सदियों पुरानी संस्कृति; महालक्ष्मी पूजा में उमड... Chhattisgarh CM Visit: रायगढ़ के बनोरा आश्रम में सीएम साय ने खाया पंगत में प्रसाद; 8 एकड़ में बने आध... Ranchi TB Free Mission: टीबी मुक्त झारखंड के लिए NHM की बड़ी पहल; 350 NCC कैडेट्स बने 'माई भारत वॉलि... Katras Coalfield Threat: धनबाद में भू-धंसान प्रभावित परिवारों को अटल क्लिनिक में मिली शरण; बेलगड़िया... Surender Koli Death Mystery: हरिद्वार में मृत मिले सुरेंद्र कोली को लेकर पीड़ित परिवार का आरोप, 'जान... FDA Alert Maharashtra: इंदौर की कंपनी द्वारा निर्मित पैरासिटामोल व टेल्मिसर्टन टैबलेट्स की जांच रिपो... Beneshwar Dham News: डूंगरपुर में भारी बारिश से टापू बना प्रसिद्ध बेणेश्वर धाम; त्रिवेणी संगम उफान प... Maharashtra Railway Infrastructure: मुकुटबन-गडचांदूर के बीच बनेगी 38 किमी नई रेल लाइन; ₹493 करोड़ की... Surender Koli Suicide News: निठारी कांड के चर्चित आरोपी सुरेंद्र कोली की संदिग्ध मौत, हरिद्वार में ल... Punjab Politics: पंजाब में नशे के खिलाफ BJP का आर-पार का संग्राम; 4 कोनों से शुरू होंगी यात्राएं, जा...
Header Ad

चीतों का पुनर्वास प्रकृति से प्रगति और प्रगति से प्रकृति के संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम : CM मोहन यादव

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश की धरती पर चीता प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। भारत और लगभग सम्पूर्ण एशिया महाद्वीप से विलुप्त हो चुके चीतों का पुनर्वास कर राज्य सरकार प्रकृति से प्रगति और प्रगति से प्रकृति के संरक्षण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आज ही केन्द्रीय पर्यावरण, वन एनं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ मिलकर चीता प्रोजेक्ट की समीक्षा की है।

इसमें तय किया कि मध्यप्रदेश में चीता प्रोजेक्ट का विस्तार किया जाएगा। केन्द्रीय मंत्री ने कूनो नेशनल पार्क में आने वाले पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाए जाने सहित अन्य कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं, जिन पर राज्य सरकार शिद्दत से अमल करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मीडिया को जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क के बाद मंदसौर में गांधीसागर अभयारण्य प्रदेश का दूसरा ऐसा स्थान होगा, जहां चीतों को बसाया जा रहा है। हम चीता प्रोजेक्ट के विस्तार की स्वीकृति प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार के आभारी हैं।

आगामी 20 अप्रैल को गांधीसागर अभयारण्य से मध्यप्रदेश में चीता प्रोजेक्ट का‍विस्तार करने जा रहे हैं। यह वन्य जीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। साथ ही वन्य जीव संरक्षण प्रेमियों और देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए भी यह उत्साह का अवसर है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.