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‘लेडी सिंघम’ CSP नेहा पच्चीसिया पर FIR: एयरहोस्टेस से DSP बनीं अफसर पर घूसखोरी और आपराधिक साजिश का मुकदमा

कटनी (मध्य प्रदेश): कभी नीले आसमान में एयरहोस्टेस बनकर उड़ान भरने वाली और बाद में खाकी वर्दी पहनकर ‘लेडी सिंघम’ के रूप में चर्चित हुईं मध्य प्रदेश पुलिस की नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया कानूनी शिकंजे में पूरी तरह घिर चुकी हैं।

युवाओं की प्रेरणा और रोल मॉडल मानी जाने वाली सीएसपी नेहा पच्चीसिया के खिलाफ कटनी पुलिस ने रंगदारी (Extortion) और आपराधिक साजिश की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। कभी संघर्ष और सादगी के दम पर पहचान बनाने वाली इस अधिकारी पर घूसखोरी, मर्डर केस के आरोपियों को अनुचित लाभ पहुंचाने और डरा-धमकाकर बेशकीमती जमीन कौड़ियों के दाम ऐंठने के आरोपों की विभागीय जांच में पुष्टि हुई है।

⚖️ हत्या के आरोपी को जमानत दिलाने और जमीन हड़पने का गंभीर आरोप

सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर लगे संगीन आरोपों का ब्योरा:

  • डंपर छुड़ाने की रिश्वत: एक ट्रांसपोर्टर ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए खुलासा किया कि जब्त किए गए हाइवा डंपर को छोड़ने के एवज में सीएसपी ने सीधे ₹30,000 की अवैध वसूली की।

  • चार्जशीट में जानबूझकर देरी: कुठला थाना क्षेत्र में हुए एक चर्चित हत्याकांड में आरोप लगा कि सीएसपी ने निर्धारित कानूनी अवधि के भीतर अदालत में चार्जशीट पेश नहीं की, जिसका सीधा फायदा उठाकर हत्या का मुख्य आरोपी कोर्ट से जमानत पाने में सफल रहा।

  • जमीन ऐंठने का खेल: आरोपी के जेल से बाहर आते ही उस पर दबाव बनाया गया और कथित तौर पर उसकी करोड़ों की बेशकीमती जमीन को बेहद कम दामों पर अपने और अपने करीबियों के नाम लिखवा लिया गया।

📋 IPS अनु बेनीवाल की सीलबंद जांच रिपोर्ट से खुला पूरा खेल

उच्चाधिकारियों के निर्देश पर हुई निष्पक्ष जांच:

  • आईजी का सख्त एक्शन: मामले की गंभीरता को देखते हुए जबलपुर रेंज के आईजी (IG) प्रमोद कुमार वर्मा ने जांच की कमान तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी अनु बेनीवाल (ASP) को सौंपी।

  • साक्ष्य और बयान: सीएसपी द्वारा जांच में असहयोग के बावजूद एएसपी अनु बेनीवाल ने ट्रांसपोर्टरों, पीड़ितों और गवाहों के बयान दर्ज कर डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए।

  • एफआईआर दर्ज: सीलबंद जांच रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपे जाने के तुरंत बाद कटनी पुलिस ने नेहा पच्चीसिया और उनके दो सहयोगियों के खिलाफ कानूनी मुकदमा दर्ज कर लिया।

🛑 थानों का प्रभार छिना, ड्राइवर निलंबित; हाईकोर्ट से भी लगा करारा झटका

विभागीय कार्रवाई और न्यायिक हस्तक्षेप से इनकार:

  • प्रशासनिक अधिकार सीमित: प्राथमिक शिकायतें आते ही पुलिस मुख्यालय ने नेहा पच्चीसिया से पहले 2 और फिर 3 अन्य थानों का प्रभार छीनकर उनका प्रशासनिक दायरा सीमित कर दिया था।

  • ड्राइवर पर गाज: रिश्वतखोरी और सौदेबाजी में बिचौलिए की भूमिका निभाने के आरोप में उनके सरकारी चालक केशव सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।

  • हाईकोर्ट से याचिका खारिज: अपने प्रशासनिक अधिकार छीने जाने और ड्राइवर के निलंबन को सीएसपी ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन सिंगल बेंच ने याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि थानों का प्रभार बांटना पुलिस विभाग का आंतरिक मामला है और इसमें अदालत हस्तक्षेप नहीं करेगी।

✈️ एयरहोस्टेस से डीएसपी तक का सफर: कैसा रहा ‘लेडी सिंघम’ का पूरा बैकग्राउंड?

नेहा पच्चीसिया का अतीत और करियर प्रोफाइल:

  • पारिवारिक पृष्ठभूमि: नेहा पच्चीसिया मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की पचोर तहसील के एक ग्रामीण परिवार से आती हैं। उनके पिता शिक्षक और मां गृहिणी हैं।

  • विमानन क्षेत्र में सेवा: 12वीं के बाद एविएशन डिप्लोमा कर उन्होंने एयर इंडिया और अन्य विदेशी कॉर्पोरेट एयरलाइंस में बतौर एयरहोस्टेस सेवाएं दीं।

  • MPPSC में 20वीं रैंक: कॉर्पोरेट सेक्टर छोड़कर 2012 से 2016 तक कड़ी तैयारी के बाद उन्होंने MPPSC परीक्षा में पूरे प्रदेश में 20वीं रैंक हासिल की और पुलिस उपाधीक्षक (DSP) का पद चुना।

  • साख पर बट्टा: कोविड-19 महामारी के दौरान कार्यों के लिए पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित होने वाली यह महिला अधिकारी आज भ्रष्टाचार और आपराधिक मुकदमों के घेरे में आकर अपनी प्रशासनिक साख गंवा चुकी हैं।

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