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पंजाब में जारी हुए सख्त आदेश, रात 10 बजे से…

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नवांशहर: जिला मैजिस्ट्रेट अंकुरजीत सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश जारी किया है कि जिले में विभिन्न अवसरों पर, उप-मंडल मैजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना, मैरिज पैलेस, क्लब, होटल और खुले स्थानों पर दिन या रात में डी.जे., ऑर्केस्ट्रा, वाद्य यंत्र आदि नहीं बजाए जा सकेंगे।

जिला मैजिस्ट्रेट ने जारी आदेशों में स्पष्ट किया है कि लिखित अनुमति लेने के बाद, यह शपथ पत्र देना होगा कि ध्वनि का स्तर 10 डी.बी. (ए) से अधिक नहीं होगा। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्देशों के आलोक में, जिला मैजिस्ट्रेट ने निर्देश दिया कि उप-मंडल मैजिस्ट्रेट यह सुनिश्चित करेंगे कि परीक्षा के दिनों से 15 दिन पहले किसी भी लाऊडस्पीकर आदि के लिए अनुमति न दी जाए।

जारी आदेशों के अनुसार, जिले में लाऊडस्पीकर व अन्य किसी भी वाद्य यंत्र आदि चलाने की अनुमति प्राप्त होने के बावजूद, रात्रि 10 से सुबह 6 बजे तक किसी भी भवन व स्थान पर कोई भी ध्वनि यंत्र चलाना प्रतिबंधित रहेगा। जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि सांस्कृतिक व धार्मिक अवसरों को छोड़कर रात्रि 10 से मध्य रात्रि 12 बजे तक, जो वर्ष में 15 दिन से अधिक नहीं होगा।

इसी प्रकार, आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिले में ध्वनि प्रदूषण के संबंध में कोई भी शिकायत प्राप्त होने पर उपमंडल मैजिस्ट्रेट अपने स्तर पर संबंधित डी.एस.पी., पर्यावरण अभियंता, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी से समन्वय स्थापित कर आवश्यक जांच करवाएंगे तथा शिकायत सही पाए जाने पर न्यायालय के आदेशानुसार कार्यवाही करते हुए ध्वनि प्रदूषण करने वाले उपकरण को हटाकर अपने कब्जे में ले लेंगे तथा संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करेंगे। यह आदेश 20-11-2025 तक प्रभावी रहेगा।

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