
Tarn Taran News Update: सुबह 8 बजे ताले, 9 बजे आते हैं डॉक्टर! तरनतारन सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की खुली पोल
तरनतारन। एक तरफ पंजाब सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से आम जनता को मुफ्त व विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जिला स्तरीय सिविल अस्पताल तरनतारन में कुछ डॉक्टरों की कथित लेटलतीफी के कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बुधवार सुबह सिविल अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में बड़ी संख्या में मरीज और विशेष रूप से गर्भवती महिलाएं डॉक्टरों के कमरों के बाहर लंबी-लंबी कतारों में खड़ी दिखाई दीं। मरीजों का गंभीर आरोप है कि कुछ डॉक्टर निर्धारित समय पर अपनी ड्यूटी पर उपस्थित नहीं होते और कुछ कर्मचारी समय पूरा होने से पहले ही गायब हो जाते हैं।
🚪 सुबह 8 बजे कमरों पर लटके मिले ताले: 9 बजे के बाद अस्पताल पहुंचने के लगे आरोप
कतार में खड़े झब्बाल निवासी सरबजीत सिंह ने आपबीती बताते हुए कहा कि वे अपनी गर्भवती पत्नी के इलाज के लिए सुबह-सुबह सिविल अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में पहुंचे थे।
उन्होंने बताया कि सुबह 8 बजे के बाद भी महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों और अल्ट्रासाउंड करने वाली डॉक्टर नीतू तेजपाल के कमरों पर ताले लटके हुए थे। उस समय महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. राजपिंदर कौर के कमरे के आसपास भी कोई संबंधित स्टाफ मौजूद नहीं था। पूछने पर अस्पताल कर्मचारियों ने बताया कि डॉक्टर अक्सर सुबह 9 बजे के बाद ही ड्यूटी पर आते हैं। अल्ट्रासाउंड कक्ष में मौजूद स्टाफ ने भी असंतोषजनक जवाब दिया, जिससे दर्जनों गर्भवती महिलाओं को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा।
📢 मरीजों ने उच्च अधिकारियों से लगाई गुहार: डॉक्टरों और स्टाफ की समय पर उपस्थिति पक्की करने की मांग
अस्पताल में मौजूद कई अन्य मरीजों ने भी आरोप लगाया कि अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ और महिला रोग विशेषज्ञ अक्सर सुबह 9 बजे के बाद ही अस्पताल पहुंचते हैं, जिससे दूर-दराज के गांवों से आए गरीब मरीजों का पूरा दिन बर्बाद हो जाता है।
सरबजीत सिंह सहित अन्य पीड़ित मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग के निदेशक और जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि सिविल अस्पताल में डॉक्टरों और अन्य पैरा-मेडिकल स्टाफ की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए, ताकि इलाज के लिए आने वाले लोगों को अनावश्यक परेशानी न झेलनी पड़े।
🔍 औचक निरीक्षण कर करेंगे सख्त कार्रवाई: सिविल सर्जन डॉ. संदीप धवन का कड़ा रुख
इस पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए तरनतारन के सिविल सर्जन डॉ. संदीप धवन ने कहा कि मामला उनके ध्यान में आ चुका है और इसे बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे जल्द ही जिले भर के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों का अचानक (औचक) निरीक्षण करेंगे। डॉ. धवन ने चेतावनी दी कि ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की लेटलतीफी या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित डॉक्टर व स्टाफ के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश जारी करते हुए कहा कि गर्मियों के मौसम में अस्पतालों में सुबह 8 बजे सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों की उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित की जाएगी।

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