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नेपाल के रसुआ में भीषण बाढ़ की त्रासदी: बिहार के चनपटिया के 3 मजदूर लापता, 4 साथी सुरक्षित लौटे

पश्चिम चंपारण (बिहार): नेपाल के रसुआ जिले में आई भीषण बाढ़ और मलबे की प्रलयंकारी त्रासदी ने बिहार के पश्चिम चंपारण जिले अंतर्गत चनपटिया क्षेत्र के तीन परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

रोजी-रोटी की तलाश में नेपाल गए तीन स्थानीय मजदूर हादसे के बाद से लगातार लापता हैं। लापता मजदूरों की पहचान समीर अंसारी, मोख्तार मियां और अरमान आलम के रूप में हुई है, जिनका अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। हालांकि, उनके साथ काम करने वाले चार अन्य मजदूर किसी तरह जान बचाकर सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं, लेकिन लापता मजदूरों के परिवारों की बेचैनी और चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय सभी मजदूर नेपाल के रसुआ जिले में स्थित ‘गणेश होटल’ में फर्नीचर और टाइल्स लगाने के कार्य में जुटे हुए थे। इसी दौरान इलाके में अचानक प्राकृतिक आपदा ने दस्तक दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पहले आसमान में धुआं और धूल का भारी गुबार उठा और उसके कुछ ही पलों के भीतर पानी और मलबे का प्रचंड सैलाब इलाके में घुस आया, जिससे चारों तरफ चीख-पुकार और भगदड़ मच गई।

⚠️ सैलाब और मलबे में बिछड़े साथी: मोबाइल संपर्क टूटा, अनहोनी की आशंका

हादसे का घटनाक्रम और साथियों की आपबीती:

  • अफरातफरी में बिछड़े: जान बचाने की जद्दोजहद के दौरान समीर अंसारी, मोख्तार मियां और अरमान आलम अपने अन्य साथियों से अलग हो गए और मलबे के तेज बहाव की चपेट में आ गए।

  • संपर्क पूरी तरह कटा: आपदा के बाद से तीनों मजदूरों के मोबाइल फोन बंद आ रहे हैं और किसी भी माध्यम से उनका संपर्क परिजनों से नहीं हो पा रहा है।

  • दूसरी साइट पर था साथी: सुरक्षित लौटे समूह के मजदूर नेयाज आलम ने बताया कि घटना के समय वह दूसरी कार्यस्थल (साइट) पर मौजूद था। जब वह मुख्य स्थल पर लौटा तो पूरा इलाका मलबे में तब्दील हो चुका था और उसके तीनों साथी नदारद थे।

💔 परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल: दरवाजे पर टिकी हैं मासूम बच्चों की निगाहें

पीड़ित परिवारों की मार्मिक स्थिति:

  • अरमान आलम का परिवार: सबसे हृदयविदारक स्थिति अरमान आलम के घर की है। उनकी पत्नी शहरून खातून और चार बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। अरमान का बेटा सलमान सुरक्षित लौट आया है, लेकिन पिता के लापता होने से घर में मातम छाया हुआ है।

  • मोख्तार मियां का घर: मोख्तार मियां के दो बेटे और एक बेटी अपने पिता की सुरक्षित वापसी की राह देख रहे हैं।

  • समीर अंसारी: पांच भाइयों में सबसे छोटे और अविवाहित समीर अंसारी के लापता होने से उनके वृद्ध माता-पिता और भाई गहरे सदमे में हैं।

⏳ सुरक्षित लौटे 4 मजदूरों के घरों में राहत, लापता परिवारों को चमत्कार की उम्मीद

वर्तमान स्थिति और प्रशासनिक गुहार:

  • प्रशासन से संपर्क की कोशिश: पीड़ित परिजन लगातार नेपाल में मौजूद परिचितों, स्थानीय प्रशासन और भारतीय दूतावास से संपर्क कर अपनों की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहे हैं।

  • उम्मीद की किरण: बाढ़ और मलबे का स्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है, जिससे परिजनों के मन में अब भी यह उम्मीद बंधी है कि शायद कोई चमत्कार हो और उनके परिजन सुरक्षित घर लौट आएं।

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