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चित्रकूट में 2003 के बाद सबसे विनाशकारी बाढ़: डोडा डैम टूटने से मंदाकिनी उफान पर, सेना ने 750 लोगों को किया एयरलिफ्ट

चित्रकूट / सतना (मध्य प्रदेश): भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट और मध्य प्रदेश के सतना जिले में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। पिछले 24 घंटों से लगातार हो रही बारिश और मानिकपुर स्थित डोडा डैम के ओवरफ्लो होकर टूटने से मंदाकिनी नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। वर्ष 2003 के बाद चित्रकूट में आई इस सबसे विनाशकारी बाढ़ के कारण सड़कें दरिया में तब्दील हो गई हैं और बस्तियों में पानी पहली मंजिल तक पहुंच गया है।

मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर जाने से रामघाट और भरतघाट के किनारे स्थित 400 से अधिक मकान, होटल और दुकानें जलमग्न हो गईं। घरों में पानी घुसने के बाद नागरिकों को बच्चों व बुजुर्गों के साथ छतों पर शरण लेनी पड़ी।

🚁 सेना के दो हेलीकॉप्टरों और NDRF का रेस्क्यू: 750 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

राहत एवं बचाव कार्यों का विवरण:

  • एयरलिफ्ट और बोट रेस्क्यू: हालात की गंभीरता को देखते हुए भारतीय सेना के 2 हेलीकॉप्टरों, NDRF और SDRF की टीमों ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला। टीमों ने छतों और जलमग्न इमारतों से करीब 750 लोगों को सुरक्षित एयरलिफ्ट व मोटर बोट्स के जरिए रेस्क्यू किया।

  • राहत शिविरों की स्थापना: बेघर हुए प्रभावितों के लिए प्रमोद वन, चित्रकूट विकास प्राधिकरण, मदन गोपाल और गायत्री पीठ में राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां भोजन, पेयजल और सूखा राशन वितरित किया जा रहा है।

🚆 डोडा डैम टूटने से सतना-मानिकपुर रेल ट्रैक जलमग्न: रेलकर्मियों ने जान जोखिम में डाल निकाली ट्रेन

रेलवे ट्रैक और वायरल वीडियो की स्थिति:

  • चितहरा में पटरियां डूबीं: मानिकपुर के डोडा डैम के टूटने से सतना-मानिकपुर रेलखंड अंतर्गत चितहरा रेलवे स्टेशन के पास पटरियों पर 3 फीट से अधिक पानी भर गया, जिससे रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।

  • रेलकर्मियों का अदम्य साहस: सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिखा कि रेलकर्मी घुटनों तक भरे पानी में उतरे और एक कर्मचारी हाथ में लाल झंडी लेकर इंजन के आगे-आगे पैदल पटरी का निरीक्षण करता चला, जिसके पीछे ट्रेन धीमी गति से सुरक्षित निकाली गई।

🚫 प्रमुख मार्ग बंद: गुप्त गोदावरी और कामदगिरि परिक्रमा मार्ग का संपर्क टूटा

यातायात और पर्यटन स्थलों की स्थिति:

  • मार्गों पर बैरिकेडिंग: लोक निर्माण विभाग (PWD) ने सुरक्षा कारणों से सतना-अटरा मार्ग, सभापुर-नयागांव मार्ग, पिंडरा-नकैला-बरौंदा मार्ग और मझगवां-पटना-पहाड़ी मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह रोक दी है। नयागांव पुल को भी भारी क्षति पहुंची है।

  • धार्मिक स्थल कटे: आरोग्यधाम, गुप्त गोदावरी, सती अनुसुइया आश्रम और कामदगिरि परिक्रमा क्षेत्र में भारी जलभराव के चलते श्रद्धालुओं और पर्यटकों का संपर्क शेष शहर से कट गया है।

📍 ग्राउंड जीरो पर पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव: दिए विस्तृत सर्वे और मुआवजे के निर्देश

प्रशासनिक संज्ञान और वर्तमान स्थिति:

  • सीएम का दौरा: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद चित्रकूट पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जमीनी मुआयना किया और राहत शिविरों में लोगों से मुलाकात की।

  • मुआवजे के निर्देश: मुख्यमंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिए कि पानी उतरते ही घर-घर सर्वे कर जनहानि, मकान क्षति, फसल और मवेशियों के नुकसान का त्वरित आकलन कर मुआवजा वितरित किया जाए।

  • जलस्तर में गिरावट: राहत की बात यह है कि मंदाकिनी नदी का जलस्तर अब धीरे-धीरे घटने लगा है, हालांकि बाजारों और गलियों में जमा भारी कीचड़ तथा मलबे की सफाई प्रशासन के लिए अगली बड़ी चुनौती है।

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