Logo
ब्रेकिंग
Badrinath Dham Accident: तप्त कुंड में 108 डुबकी लगाते समय बेहोश हुईं दो महिला श्रद्धालु, अस्पताल मे... Bijnor Road Accident: बिजनौर में बेकाबू कार ने खाना खा रहे लोगों को रौंदा, पंजाब के 3 व्यापारियों की... महाराष्ट्र सरकार का बड़ा प्रशासनिक एक्शन: मंत्री कार्यालयों से 550 कर्मचारियों की मूल विभागों में वा... Indian Railways Alert: दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का फेरबद... Noida Street Food Hub: इंदौर की ‘56 दुकान’ की तर्ज पर नोएडा में बनेंगे 2 नए फूड मार्केट, 24 घंटे खुल... Dumka Crime News: दुमका में 23 वर्षीय विवाहिता से दरिंदगी, जीजा ने साथी संग मिलकर जंगल में किया दुष्... Canada Work Permit New Rules: बिना स्टडी परमिट 6 महीने तक कोर्स कर सकेंगे विदेशी कामगार, IRCC ने जार... Ludhiana Jail Security: जेल सुरक्षा के दावों की खुली पोल, चेकिंग के दौरान बंदियों से मिला नशीला पदार... Gurdaspur Fraud Case: कंस्ट्रक्शन कंपनी में पार्टनरशिप का झांसा देकर 18.84 लाख की ठगी, हिमाचल के व्य... Ludhiana Shocker: लुधियाना में हैवानियत की हदें पार, 3 साल की बच्ची से दरिंदगी करने वाला पड़ोसी दबोच...
Header Ad

Ranchi Cyber Fraud: बैंक अफसर बनकर शेयर बाजार में निवेश का झांसा, कांके के मंगरा उरांव से 9.20 लाख की ठगी

रांची (झारखंड): राज्यभर में साइबर अपराध के प्रति चलाए जा रहे निरंतर जागरूकता अभियानों के बावजूद भोले-भाले नागरिक शातिर ठगों के चंगुल में फंस रहे हैं। अकेले राजधानी रांची में वर्ष 2026 के भीतर अब तक 200 से अधिक लोग ऑनलाइन ठगी के शिकार हो चुके हैं।

ताजा मामला रांची के कांके क्षेत्र से सामने आया है, जहां पतगाई निवासी मंगरा उरांव से एक शातिर ठग खुद को प्रतिष्ठित बैंक का अधिकारी बताकर मिला। आरोपी ने पीड़ित को शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में भारी मुनाफे का प्रलोभन देकर 9 लाख 20 हजार 2 रुपये की मोटी रकम की धोखाधड़ी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर रांची साइबर अपराध थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2), 336(3), 338 एवं आईटी एक्ट की धारा 66(सी) व 66(डी) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

🤝 फर्जी पहचान बनाकर जीता भरोसा: शेयर और म्यूचुअल फंड में निवेश का दिखाया ख्वाब

पहचान और विश्वास का घटनाक्रम:

  • बैंक के माध्यम से संपर्क: मंगरा उरांव ने पुलिस को बताया कि उसकी पहचान संतोष कुमार मलिक नामक व्यक्ति से बैंक कार्य के सिलसिले में हुई थी।

  • अधिकारी होने का ढोंग: संतोष ने खुद को बैंक का बड़ा अधिकारी बताया और कहा कि बचत खाते में पैसे रखने से कोई खास लाभ नहीं मिलता।

  • मुनाफे का लालच: उसने दावा किया कि शेयर बाजार और ‘ग्रो’ म्यूचुअल फंड में निवेश करने पर रकम कई गुना बढ़ जाएगी। पीड़ित उसकी बातों के प्रभाव में आ गया और निवेश के लिए सहमत हो गया।

📱 दस्तावेज लेकर एक्टिवेट किया फोन-पे: खुद ट्रांसफर करता रहा रकम

तकनीकी हेराफेरी और धोखाधड़ी की कार्यप्रणाली:

  • निजी दस्तावेज किए हासिल: आरोपी ने निवेश की औपचारिकता पूरी करने के बहाने मंगरा का मोबाइल फोन, आधार पहचान पत्र, पैन कार्ड और बैंक पासबुक अपने कब्जे में ले ली।

  • फोन-पे खाता बनाया: 15 मार्च 2026 को आरोपी ने मंगरा के मोबाइल नंबर पर फोन-पे (PhonePe) यूपीआई ऐप सक्रिय कर दिया। पीड़ित स्वयं डिजिटल पेमेंट ऐप्स चलाना नहीं जानता था।

  • सीधे खाते में भेजी रकम: आरोपी जब भी शेयर बाजार में निवेश की बात कहकर मंगरा का फोन लेता, वह फंड में पैसे लगाने के बजाय गुप्त रूप से रकम सीधे अपने निजी बैंक खाते में ट्रांसफर कर लेता था।

💸 9.20 लाख की अवैध निकासी: पीड़ित के नाम पर ईएमआई पर मोबाइल भी खरीदा

वित्तीय नुकसान और ठगी का ब्योरा:

  • कुल 9,20,002 रुपये की हेराफेरी: आरोपी संतोष ने पीड़ित को गुमराह कर सिलसिलेवार तरीके से कुल 9 लाख 20 हजार 2 रुपये की भारी धनराशि अपने खाते में ट्रांसफर कर ली।

  • किस्त पर लिया फोन: इसके अतिरिक्त आरोपी ने मंगरा के बैंक खाते से करीब 30 हजार रुपये का एक महंगा मोबाइल फोन भी ईएमआई (EMI) पर खरीद लिया, जिसकी मासिक किस्तें पीड़ित के खाते से कट रही थीं।

📞 फोन उठाना बंद किया तो हुआ ठगी का अहसास: 1930 पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत

मामले का खुलासा और विधिक कार्रवाई:

  • संपर्क से काटा किनारा: 27 अप्रैल 2026 के बाद जब मंगरा ने पैसे की स्थिति जानने के लिए कॉल किया, तो आरोपी ने फोन उठाना बंद कर दिया। 5 जुलाई 2026 को दोबारा कॉल करने पर आरोपी की बहन ने फोन रिसीव कर पीड़ित को धमकाया।

  • बैंक स्टेटमेंट से खुला राज: ठगी का संदेह होने पर जब मंगरा ने बैंक शाखा पहुंचकर खाते का स्टेटमेंट निकाला, तब उसे जानकारी हुई कि उसके निवेश का पैसा सीधे संतोष कुमार मलिक के व्यक्तिगत खाते में जा चुका है।

  • साइबर पोर्टल पर केस: पीड़ित ने तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई, जिसका पावती (ACK) नंबर 33407260008483 जारी हुआ। इसी शिकायत और साक्ष्यों के आधार पर साइबर पुलिस अब आरोपी की धरपकड़ में जुटी है।

Comments are closed.