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Punjab Swine Flu Alert: जालंधर में स्वाइन फ्लू से पहली संदिग्ध मौत, राज्य में 220 पहुंचा H1N1 मरीजों का आंकड़ा

जालंधर (पंजाब): देश के विभिन्न राज्यों में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच पंजाब में इस सीजन में स्वाइन फ्लू (H1N1) से पहली संदिग्ध मौत का मामला दर्ज किया गया है।

जालंधर के सिविल अस्पताल में भर्ती 85 वर्षीय बुजुर्ग की H1N1 संक्रमण की पुष्टि होने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। हालांकि, राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि मरीज की मृत्यु का वास्तविक और प्रत्यक्ष कारण अभी तय नहीं है। मेडिकल सुप्रीटेंडेंट (MS) डॉ. नमिता घई के अनुसार, मरीज पहले से ही कई गंभीर पुरानी बीमारियों से पीड़ित था। स्वाइन फ्लू टेस्ट जरूर पॉजिटिव आया था, लेकिन मौत की अंतिम आधिकारिक वजह डेथ ऑडिट (औपचारिक स्वास्थ्य ऑडिट) के बाद ही स्पष्ट होगी। यह घटनाक्रम ऐसे वक्त में सामने आया है जब राज्य में इस साल स्वाइन फ्लू के पुष्ट मामलों का आंकड़ा 220 तक पहुंच गया है।

🏥 सांस की तकलीफ के बाद कराया गया था भर्ती: अमृतसर मेडिकल कॉलेज में पॉजिटिव आई थी रिपोर्ट

मरीज की स्थिति और मेडिकल जांच का ब्योरा:

  • गंभीर बीमारी से ग्रसित: जालंधर निवासी मृतक मूल राज को गंभीर सांस फूलने की समस्या के बाद सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वे लंबे समय से क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) से जूझ रहे थे।

  • संक्रमण की पुष्टि: स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 2 सितंबर को अमृतसर स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) में जांच के दौरान उनमें H1N1 वायरस की पुष्टि हुई थी। शुक्रवार को उन्होंने उपचार के दौरान अंतिम सांस ली।

  • कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता: चिकित्सकों का कहना है कि अधिक उम्र और पहले से कमजोर इम्यूनिटी के कारण यह तय करना कठिन है कि मौत का प्राथमिक कारण स्वाइन फ्लू था या अन्य पुरानी शारीरिक जटिलताएं।

🩺 स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह का बयान: ‘स्थिति नियंत्रण में, नए म्यूटेशन के प्रमाण नहीं’

सरकार की निगरानी और विभागीय रुख:

  • कड़ी निगरानी: पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया कि सरकार पूरे राज्य में H1N1 के प्रसार पर पैनी नजर बनाए हुए है।

  • कोई नया म्यूटेंट नहीं: उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सीजन में जो स्ट्रेन सामने आया है, वह सामान्य स्वाइन फ्लू वायरस ही है और उसमें किसी नए या खतरनाक म्यूटेटेड स्ट्रेन की पुष्टि नहीं हुई है।

  • ऑडिट रिपोर्ट का इंतजार: स्वास्थ्य मंत्री ने भी कहा कि बुजुर्ग की अत्यधिक उम्र और पुरानी बीमारियों को देखते हुए मौत का सीधा कारण केवल स्वाइन फ्लू होने की संभावना कम है, फिर भी पूरी रिपोर्ट ऑडिट के बाद ही सार्वजनिक की जाएगी।

📊 1,513 संदिग्धों की जांच में 220 मरीज संक्रमित: लुधियाना बना सबसे बड़ा हॉटस्पॉट

पंजाब में स्वाइन फ्लू के जिलेवार आंकड़े:

  • कुल जांच और पॉजिटिव केस: जनवरी से अब तक राज्य में 1,513 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए गए, जिनमें से कुल 220 लोग H1N1 से संक्रमित पाए गए हैं।

  • लुधियाना: सबसे अधिक 72 मामले अकेले लुधियाना जिले में दर्ज किए गए हैं।

  • एसएएस नगर (मोहाली): 36 मामलों के साथ मोहाली दूसरे स्थान पर है।

  • अन्य जिले: पटियाला में 16, मोगा में 11, जालंधर में 10, रूपनगर में 9 और फाजिल्का में 1 मामला सामने आया है, जबकि शेष जिलों में मरीजों की संख्या 2 से 8 के बीच है।

🛡️ अस्पतालों में फ्लू कॉर्नर और आइसोलेशन वार्ड सक्रिय: लक्षण दिखने पर तुरंत जांच की अपील

स्वास्थ्य विभाग के एहतियाती कदम और दिशा-निर्देश:

  • अगस्त से बढ़े मामले: विभाग के अनुसार, अगस्त के महीने से मौसम में बदलाव के चलते मामलों में तेजी देखी गई है, जिसे देखते हुए सर्विलांस और सैंपलिंग की गति बढ़ा दी गई है।

  • अस्पतालों में विशेष व्यवस्था: सभी जिला अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में फ्लू कॉर्नर और आइसोलेशन यूनिट्स को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है, ताकि संदिग्ध मरीजों की त्वरित पहचान और इलाज हो सके।

  • जनता से अपील: स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि तेज बुखार, खांसी, गले में खराश या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण महसूस होने पर घरेलू उपचार के बजाय फौरन नजदीकी सरकारी अस्पताल जाकर चिकित्सकीय परामर्श लें।

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