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इंदौर में राहुल गांधी के कार्यक्रम स्थल पर घमासान: रीजनल पार्क के ₹10 लाख किराए पर गरमाई सियासत

भोपाल (मध्य प्रदेश): लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आगामी इंदौर दौरे को लेकर मध्य प्रदेश का सियासी तापमान अचानक चढ़ गया है। इंदौर में आयोजित होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए रीजनल पार्क को ₹10 लाख के किराए पर आवंटित किए जाने के बाद कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी आमने-सामने आ गई हैं। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर द्वेषपूर्ण रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी देश के पहले ऐसे नेता प्रतिपक्ष हैं जो युवाओं के बीच पूर्णतः गैर-राजनीतिक संवाद कार्यक्रम करने आ रहे हैं, इसके बावजूद मोहन यादव सरकार ने उनसे मैदान के लिए ₹10 लाख की भारी-भरकम राशि वसूली है। पटवारी ने तंज कसते हुए याद दिलाया कि कांग्रेस के शासनकाल में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सभाओं के लिए निःशुल्क मैदान उपलब्ध कराए जाते थे।

💰 ’20 लाख का भी बिल देते तो भरती कांग्रेस’: जीतू पटवारी ने मोहन सरकार पर साधा निशाना

मैदान अनुमति और किराए के विवाद पर कांग्रेस का आधिकारिक रुख:

  • गैर-राजनीतिक संवाद: जीतू पटवारी ने स्पष्ट किया कि यह आयोजन किसी दल का राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि छात्रों और युवाओं की समस्याओं को सुनने के लिए एक खुला मंच है।

  • अटल जी का दिया उदाहरण: उन्होंने कहा कि जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी, तब अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यक्रमों को न केवल बिना किसी बाधा के अनुमति मिलती थी, बल्कि कांग्रेस नेता स्वयं उन्हें सुनने जाया करते थे।

  • दलों की सोच में अंतर: पटवारी ने कहा, “यही दोनों दलों के संस्कारों में बुनियादी अंतर है। यदि सरकार ₹10 लाख की जगह ₹20 लाख का भी बिल थमा देती, तो भी कांग्रेस जन छात्रों के हित में उस राशि का भुगतान करते।”

  • किराए की अवधि: इंदौर नगर निगम व प्रशासन द्वारा रीजनल पार्क को 17 सितंबर से 19 सितंबर तक के तीन दिवसीय उपयोग के लिए यह राशि निर्धारित की गई है।

🎙️ मंत्री विश्वास सारंग का तीखा पलटवार: ‘मध्य प्रदेश आकर स्क्रिप्टेड भाषण न दें राहुल गांधी’

बीजेपी सरकार के कैबिनेट मंत्री का बयान और सलाह:

  • अनुमति रोकने का खंडन: मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रशासन ने कभी भी कार्यक्रम की अनुमति नहीं रोकी और न ही कोई उनके राज्य में आने का विरोध कर रहा है।

  • गंभीरता की कमी का आरोप: सारंग ने कहा कि मुख्य समस्या यह है कि राहुल गांधी में राजनीतिक परिपक्वता और गंभीरता का अभाव है।

  • सारंग का बयान: मंत्री ने टिप्पणी करते हुए कहा, “मैं राहुल गांधी से आग्रह करता हूं कि वे मध्य प्रदेश आकर स्क्रिप्टेड भाषण न पढ़ें। उन्हें समाज में विभेद पैदा करने वाली और देश को कमजोर करने वाली भाषा से बचना चाहिए।”

  • परिपक्वता की अपेक्षा: उन्होंने आगे जोड़ा कि नेता प्रतिपक्ष के पद पर रहते हुए उन्हें ऐसी बयानबाजी से परहेज करना चाहिए जिससे देश के सामाजिक ताने-बाने को कोई ठेस पहुंचे।

📅 11 दिन बाद जाकर मिली अनुमति: नेहरू स्टेडियम से रीजनल पार्क तक कैसे बदला शेड्यूल

कार्यक्रम की तारीखों और स्थान में बदलाव का पूरा घटनाक्रम:

  • प्रारंभिक आवेदन (29 अगस्त): कांग्रेस ने 29 अगस्त को इंदौर के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजित करने हेतु प्रशासनिक अनुमति मांगी थी।

  • 12 सितंबर की तारीख टली: शुरुआत में यह कार्यक्रम 12 सितंबर को प्रस्तावित था, परंतु जिला प्रशासन और नगर निगम द्वारा नेहरू स्टेडियम को पूर्व-आरक्षित (Reserved) बताए जाने के कारण अनुमति अटक गई।

  • नई तारीख तय: अनुमति में देरी के चलते कांग्रेस को कार्यक्रम की तारीख बढ़ाकर 19 सितंबर करनी पड़ी।

  • रीजनल पार्क पर अंतिम मुहर: करीब 11 दिनों के गतिरोध के बाद प्रशासन ने जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के बजाय रीजनल पार्क के लिए अनुमति पत्र जारी किया, जिसके एवज में ₹10 लाख का शुल्क जमा कराया गया है।

CONGRESS PAY 10 lakh RENT

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