Logo
ब्रेकिंग
Birender Singh on Haryana Youth Jobs: हरियाणा में बेरोजगारी और शिक्षा के गिरते स्तर पर बरसे बीरेंद्र... Haryana Crime News: जमीन के चक्कर में पिता बना अपने ही बेटे का कातिल, पुलिस ने आरोपियों की तलाश की श... Panchkula Sector 6 Hospital Update: सरकारी अस्पतालों में लंबी कतारें और स्टाफ की कमी, मरीजों को जाना... Inspirational Story: तबेले की मिट्टी से नेशनल वॉलीबॉल तक का सफर! खंडवा की श्रद्धा और ऋषिका की मिसाल MP News: ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में क्या है लेटेस्ट अपडेट? गिरिबाला सिंह की बेल पर अब अगले हफ्ते हो... Pakistan Cricket Board Update: इंग्लैंड में फजीहत के बाद मोहसिन नकवी एक्शन में, वहाब रियाज की भी हो ... Tom Holland and Zendaya News: क्या सच में हुई है टॉम हॉलैंड और जेंडाया की शादी? वायरल तस्वीरों और खब... Nepal China Border Disaster: बाढ़ और भूस्खलन के बाद लापता लोगों की तलाश तेज, मोबाइल और वॉट्सऐप स्टेट... HDFC Bank MD Search: देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक के नए बॉस की तलाश अंतिम दौर में, निवेशकों की टिक... Oppo Launch Event 2026: ओप्पो जल्द पेश करेगा Find X10 और Find X10 Pro Max, साथ में आएंगे वॉच और बड्स
Header Ad

Panchkula Sector 6 Hospital Update: सरकारी अस्पतालों में लंबी कतारें और स्टाफ की कमी, मरीजों को जाना पड़ रहा प्राइवेट लैब

पंचकूला: सरकारी अस्पतालों में मरीजों को इलाज के लिए अकसर कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. लेकिन जिला पंचकूला से लेकर चंडीगढ़ तक के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को लंबे समय से अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिल पा रही है. किसी अस्पताल में एक वर्ष तो किसी अस्पताल में तीन वर्षों से अधिक समय से यह समस्या बनी हुई है. नतीजतन, ओपीडी के मरीजों को मजबूरन अपनी जेब ढीली कर प्राइवेट लैब या चैरिटेबल ट्रस्ट का सहारा लेना पड़ रहा है, जबकि स्वास्थ्य विभाग इस समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं निकाल पा रहा है.

🩺 2. मनीमाजरा अस्पताल में मशीन होने के बावजूद रेडियोलॉजिस्ट नहीं, एक साल से ठप पड़ी है अल्ट्रासाउंड सेवा

चंडीगढ़ के मनीमाजरा (सेक्टर-13) स्थित अस्पताल में ओपीडी और गर्भवती महिलाओं के लिए अल्ट्रासाउंड की सुविधा पूरी तरह बंद है. हैरान करने वाली बात यह है कि अस्पताल के पास अपनी खुद की अल्ट्रासाउंड मशीन होने के बावजूद मरीजों को प्राइवेट लैब का रुख करना पड़ रहा है, क्योंकि पिछले करीब एक साल से यहां एक भी रेगुलर या अनुबंधित रेडियोलॉजिस्ट तैनात नहीं है. फरवरी 2026 तक चलने वाला ट्रस्ट का अनुबंध भी समय से पहले खत्म हो चुका है, जिससे मरीजों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं.

🚗 3. सेक्टर-22 सिविल अस्पताल में सिर्फ गर्भवती महिलाओं को मिल रही सुविधा, ओपीडी मरीज प्राइवेट लैब जाने को मजबूर

चंडीगढ़ के सेक्टर-22 स्थित सिविल अस्पताल में भी ओपीडी मरीजों के अल्ट्रासाउंड नहीं किए जाते हैं. हालांकि, गर्भवती महिलाओं के लिए सेक्टर-11 स्थित निजी संजीवनी लैब के साथ एमओयू किया गया है, जहां अस्पताल की गाड़ी से महिलाओं को ले जाकर जांच कराई जाती है. स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ. सुमन सिंह ने स्पष्ट किया है कि यह निशुल्क सुविधा केवल गर्भवती महिलाओं के लिए है, जबकि अन्य ओपीडी मरीजों को रेडियोलॉजिस्ट की कमी के कारण यह लाभ नहीं मिल पा रहा है.

⏳ 4. पंचकूला सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में भारी वर्कलोड और स्टाफ की कमी, सिर्फ गर्भवती महिलाओं को मिल रही प्राथमिकता

पंचकूला सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल के अल्ट्रासाउंड काउंटर पर भी मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिलती है. अस्पताल में तीन मशीनें और तीन रेडियोलॉजिस्ट होने के बावजूद, अत्यधिक वर्कलोड के चलते केवल गायनी वार्ड से आने वाली गर्भवती महिलाओं के ही अल्ट्रासाउंड प्राथमिकता पर किए जा रहे हैं. रोजाना 200 से 300 मरीजों की लंबी कतार और कम स्टाफ होने के कारण आम ओपीडी मरीजों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

Comments are closed.