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LoC के पास बनने लगे बंकर, सीजफायर के बीच जम्मू कश्मीर सरकार का बड़ा कदम

जम्मू कश्मीर सरकार ने सीमा पर संघर्ष विराम का अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करते हुए एक बड़ा कदम उठाया है. केंद्र शासित प्रदेश की सरकार ने नियंत्रण रेखा (LoC) के पास सीमावर्ती निवासियों के लिए सामुदायिक बंकरों का निर्माण शुरू किया है. भारत-पाकिस्तान सीमा पर हाल ही में हुई तनातनी ने अधिकारियों को सामुदायिक बंकरों का निर्माण शुरू करने के लिए प्रेरित किया है.

उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में सीमा के पास नौगाम सेक्टर में सामुदायिक बंकरों का निर्माण शुरू किया है. पिछले सप्ताह भारत और पाकिस्तान के बीच टकराव में सीमा पार से हुई गोलाबारी में यह इलाका बुरी तरह प्रभावित हुआ था. सिंधु जल संधि के निलंबन और पाकिस्तान को पानी की आपूर्ति रोके जाने के कारण दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है. इसलिए प्राथमिकता के आधार पर सात बंकरों का निर्माण किया जा रहा है.

स्थानीय लोगों ने प्रशासन के कदम को सराहा

जम्मू कश्मीर सरकार का यह कदम सीमावर्ती निवासियों के लिए काफी अहम है. पाकिस्तान के साथ संघर्ष में सबसे ज्यादा नुकसान सीमा के पास रहने वालों को ही भुगतना पड़ता है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन के प्रति उनकी चिंताओं को दूर करने और बंकरों का निर्माण शुरू करने के लिए आभार व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई तनातनी से वे डरे हुए हैं, जिससे उनकी रातों की नींद उड़ गई है और वे गहरी चिंता में हैं.

निवासियों ने कहा कि, भगवान न करे, अगर अतीत जैसी स्थिति फिर से पैदा होती है, तो वे इन बंकरों में शरण लेंगे. पिछली घटनाओं को याद करते हुए कई लोगों ने कहा कि उन्होंने हाल के सालों में ऐसी तनावपूर्ण और चिंताजनक स्थिति कभी नहीं देखी थी. हालांकि, भारत-पाकिस्तान के बीच फिलहाल सीजफायर घोषित है लेकिन सिंधु जल संधि समेत कई मुद्दों पर अभी भी तनाव बना हुआ है. ऐसे में बंकरों का निर्माण एक जिम्मेदारी भरा कदम है.

पहलगाम आतंकी हमले के बाद से तनाव

पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद से तनाव चरम पर है. भारतीय सेना ने इसके जवाब में 7 मई को पाकिस्तान और पीओके में स्थित कई आतंकी शिविरों को नष्ट कर दिया. जिसके बाद पाकिस्तान और भारत के बीच चार दिन तक भीषण गोलीबारी हुई. इसमें पाकिस्तान के कई फाइटर जेट और एयरबेस तबाह हो गए. जिसके बाद 10 मई की शाम से पाकिस्तान के अनुरोध पर भारत ने सीजफायर पर सहमति जताई, जो अभी तक लागू है.

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