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ICAI Jodhpur 50th Foundation Day: जानिए देश को बड़े नाम देने वाली जोधपुर सीए ब्रांच का इतिहास, राजनीति से लेकर न्यायपालिका तक है दबदबा

देश को हजारों चार्टर्ड अकाउंटेंट (Chartered Accountant) देने वाली दी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टड एकाउंटे्टस ऑफ इंडिया (ICAI) की जोधपुर ब्रांच 16 सितंबर को अपना 50वां स्थापना दिवस मना रही है. आईसीएआई की सेंट्रल रीजन की यह ब्रांच प्रदेश की दूसरी ब्रांच थी और आज इस सेंट्रल रीजन में कुल 62 ब्रांचेज हैं. वर्तमान अध्यक्ष महिपाल लढ्ढा ने बताया कि 50 सालों में करीब सात हजार सीए इस ब्रांच से निकले हैं, जिनमें से 2500 से ज्यादा अभी यहीं रजिस्टर्ड हैं जबकि बाकी देश-दुनिया में अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

🏢 2. 1998 में मिला था स्थायी कार्यालय, सीए की मंडी के रूप में पहचान बना चुका है जोधपुर

16 सितंबर 1976 को जोधपुर में पहला पेशेवर संस्थान आईसीएआई के रूप में शुरू हुआ था जिसके पहले अध्यक्ष जेठानंद शारदा थे. धीरे-धीरे संस्थान ने गति पकड़ी और हर वर्ष 100 से ज्यादा सीए देने के कारण जोधपुर सीए की मंडी कहलाने लगा. स्थापना के दो दशक बाद 1998 में इसका स्थायी कार्यालय बना, जहां आज सीए की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स के लिए तमाम आधुनिक व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं.

⚖️ 3. राजनीति, न्यायिक सेवा और प्रशासन में भी जोधपुर के सीए का जलवा, कई नामी हस्तियां रहीं हैं छात्र

जोधपुर के सीए सिर्फ खाता बही तक सीमित नहीं हैं बल्कि इन्होंने राजनीति और प्रशासन में भी बड़ी पहचान बनाई है. पूर्व विधायक कैलाश भंसाली, वर्तमान विधायक अतुल भंसाली, आयकर अपीलीय अधिकरण सदस्य बीएम बियानी, शेयर बाजार के दिग्गज आनंद राठी व सुरेश राठी यहीं से सीए बने हैं. इसके अलावा आईएएस नमित मेहता, राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस विनीत कोठारी और कई यूपीएससी क्रैक करने वाले अधिकारी भी इसी ब्रांच से जुड़े रहे हैं.

💻 4. खाता बही से लेकर एआई (AI) के दौर तक पहुंचा सफर, देश में अभी भी है सीए की भारी मांग

कार्यकारिणी के सदस्य योगेश व्यास ने बताया कि कभी मेन्यूअल और खाता बही से हिसाब देखने वाले सीए आज एआई (AI) के आधुनिक दौर में काम कर रहे हैं. आईसीएआई अब सीए को एआई के उपयोग की ट्रेनिंग भी दे रही है. वर्तमान में पूरे देश में 4 लाख 56 हजार सीए हैं और वर्ष 2047 तक देश में लाखों और सीए की जरूरत होगी, जिससे इस क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनाएं बनी हुई हैं.

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