Logo
ब्रेकिंग
फोन नहीं उठाते सीईओ,मीडियाकर्मियों में नाराजगी,ज्ञापन सौंपा Ola Uber Ban Chandigarh: ओला-उबर के लाइसेंस रद्द होने के बाद शुरू हुई 'भारत टैक्सी', जानिए यात्रियों... Haryana News: लगातार चौथी बार देश में अव्वल रही करनाल शुगर मिल, केंद्रीय मंत्रियों ने दी प्रतिष्ठित ... NCC DG Team Selection: हरियाणा के होनहार शूटर विजयन्त ढाण्डा ने बढ़ाया राज्य का मान, देश के टॉप-12 शू... Haryana Road Mishap: नूंह सड़क हादसे में चार लोगों की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल; पुलिस जांच में ज... Haryana Crime News: पानीपत में اغवा हुआ बच्चा बरामद, एक लाख में बेचने की थी डील; पुलिस ने दो को दबोच... Gurnam Singh Chaduni Mahapanchayat: धान खरीद की मांग पर अड़े किसान, हाईवे पर बीती रात; आज होगी बड़ी ... Patna Mithila Colony Incident: दानापुर में खूनी संघर्ष, शादी से पहले सिपाही भाई ने की आत्महत्या, पुल... Delhi Demolition News: शालीमार बाग मैक्स अस्पताल रोड पर देर रात चला पीला पंजा; भारी पुलिस बल तैनात, ... Monsoon Update 2026: मॉनसून की विदाई के बीच बिगड़ेगा मौसम; मध्य प्रदेश, ओडिशा और पूर्वोत्तर में भारी...
Header Ad

GST काउंसिल के ऐतिहासिक फैसले से रियल एस्टेट क्षेत्र को मिली नई गति

0

नई दिल्ली : आज आयोजित जीएसटी काउंसिल की बैठक में भारतीय कर ढांचे से जुड़े एक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए, जिसने रियल एस्टेट उद्योग को नई दिशा और मजबूती प्रदान की है। काउंसिल ने लंबे समय से चली आ रही कर संरचना की जटिलताओं को सरल बनाते हुए 5%, 12%, 18% और 28% की चार अलग-अलग स्लैब्स को एकीकृत संरचना में बदल दिया है। साथ ही, सीमेंट और अन्य प्रमुख निर्माण सामग्रियों पर जीएसटी को 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है। यह सुधार न केवल रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए बल्कि पूरे हाउसिंग इकोसिस्टम के लिए दूरगामी और क्रांतिकारी साबित होगा।

निर्माण सामग्रियों पर ऊंची कर दरें अब तक डेवलपर्स के लिए बड़ी चुनौती रही हैं, जिसके कारण निर्माण लागत बढ़ जाती थी और प्रोजेक्ट्स के वित्तीय प्रबंधन पर दबाव पड़ता था। काउंसिल के इस निर्णय से सीधे तौर पर इनपुट कॉस्ट में कमी आएगी, जिससे प्रोजेक्ट्स की कुल लागत घटेगी और डेवलपर्स को समयबद्ध तरीके से प्रोजेक्ट्स पूरे करने में मदद मिलेगी। यह राहत केवल उद्योग तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि घर खरीदारों तक भी पहुंचेगी, क्योंकि कम हुई लागत का लाभ सीधे तौर पर ग्राहकों तक पहुंचेगा और उन्हें किफायती दामों पर मकान उपलब्ध होंगे। इस फैसले से खासकर किफायती और मिड-सेगमेंट हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को सबसे अधिक प्रोत्साहन मिलेगा, जो भारतीय हाउसिंग बाजार की रीढ़ माने जाते हैं।

सारांश त्रेहान, मैनेजिंग डायरेक्टर, त्रेहान ग्रुप ने कहा कि यह निर्णय रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए दूरदर्शी और ऐतिहासिक है। उनके अनुसार, इनपुट कॉस्ट घटने से न केवल डेवलपर्स पर वित्तीय दबाव कम होगा बल्कि नए प्रोजेक्ट्स को लॉन्च करना आसान होगा और ग्राहकों के लिए मकान खरीदना भी पहले से अधिक सुलभ हो जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कदम हाउसिंग सेक्टर में नई मांग को बढ़ावा देगा, बाजार में भरोसा मजबूत करेगा और रियल एस्टेट को लंबे समय तक स्थायी विकास की राह पर आगे ले जाएगा।

नीरज के. मिश्रा, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, गंगा रियल्टी ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि लंबे समय से डेवलपर्स इनपुट्स पर ऊंची टैक्स दरों से जूझ रहे थे, खासकर किफायती और मिड-सेगमेंट हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में। इस सुधार से निर्माण लागत घटेगी और प्रोजेक्ट्स अधिक किफायती बनेंगे। उनके अनुसार, यह कदम न केवल ग्राहकों का भरोसा बढ़ाएगा बल्कि प्रोजेक्ट्स की समयबद्ध पूर्ति को भी सुनिश्चित करेगा। गंगा रियल्टी का मानना है कि यह सुधार रियल एस्टेट क्षेत्र को नई विकास लहर प्रदान करेगा और ‘सबके लिए घर’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में निर्णायक कदम साबित होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि जीएसटी काउंसिल का यह सुधार रियल एस्टेट सेक्टर में लंबे समय से प्रतीक्षित स्थिरता लाएगा। इससे न केवल नए प्रोजेक्ट्स लॉन्च होंगे बल्कि निवेशकों और घर खरीदारों दोनों का भरोसा मजबूत होगा। इस निर्णय ने उद्योग जगत को यह भरोसा दिया है कि सरकार रियल एस्टेट जैसे प्रमुख क्षेत्र को दीर्घकालिक विकास और मजबूती की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले वर्षों में यह सुधार न केवल निर्माण लागत को नियंत्रित करेगा बल्कि हाउसिंग की मांग को गति देकर भारत को “सबके लिए घर” के लक्ष्य के और करीब ले जाएगा।

Leave A Reply

Your email address will not be published.