Logo
ब्रेकिंग
दुबई से पति को तलाशते हुए सतना पहुंची महिला: महिला थाने में दर्ज कराई गुमशुदगी की शिकायत 🛕 खैरागढ़ के जमातपारा में 300 साल पुराना बनबिहारी मंदिर: कृष्ण भक्ति और रियासतकालीन इतिहास का संगम Durg News: दिव्यांगता को बनाया ताकत, दुर्ग के दृष्टिबाधित शिक्षक अवतार गुप्ता ने की डिजिटल एक्सेसिबि... Chhattisgarh BJP News: रायपुर में जुटेगा प्रबुद्ध वर्ग और ओबीसी मोर्चा, संगठन महामंत्री पवन साय देंग... Guru Balakdas Jayanti: पंडरिया में धूमधाम से मनी गुरु बालकदास की 221वीं जयंती, 30 गांवों में निकली भ... NTPC Korba Blackout: एनटीपीसी कोरबा की सभी 7 यूनिट्स एक साथ ट्रिप, 7 राज्यों में गहराया बिजली संकट Jashpur News: 850 साल पुराने रियासतकालीन बालाजी मंदिर में गूंजे श्रीकृष्ण के जयकारे, राजपरिवार ने झु... CGPSC State Service Exam: कम अभ्यर्थियों के चयन पर सीजीपीएससी का स्पष्टीकरण, 21 सितंबर से साक्षात्का... रायगढ़ जिले के लिए गौरव का पल: प्राथमिक शाला सेमरा की दो शिक्षिकाएं राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान से सम... रायपुर में शिक्षक दिवस पर राज्य स्तरीय सम्मान समारोह: 63 उत्कृष्ट शिक्षक सम्मानित, 4 को मिला स्मृति ...
Header Ad

Faridabad News: सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से चरमराई व्यवस्था, पुलिस गाड़ी पर चढ़कर बोले यूनियन प्रधान- ‘CM का हर फैसला मंजूर’

फरीदाबाद (हरियाणा): जिले में मूलभूत नागरिक सुविधाओं और स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावित करते हुए सफाई कर्मचारियों की हड़ताल आज लगातार 31वें दिन भी जारी रही।

इसी क्रम में पूरे प्रदेश में मंत्रियों के कैंप कार्यालयों पर सफाई कर्मियों द्वारा ‘झाड़ू प्रदर्शन’ का आह्वान किया गया। फरीदाबाद में भी सैकड़ों की तादाद में आक्रोशित सफाई कर्मचारी एकजुट होकर कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के कार्यालय पहुंचे और सरकार की कथित वादाखिलाफी के विरुद्ध जोरदार नारेबाजी करते हुए रोष प्रकट किया।

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी नेताओं ने शासन से हठधर्मिता छोड़कर कर्मचारियों के भविष्य और जनहित को ध्यान में रखते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग उठाई।

📢 ‘CM सैनी हरियाणा का ताज, उनका हर फैसला मंजूर’: यूनियन प्रधान बलबीर बालगुहेर ने की भावुक अपील

नेतृत्व का पक्ष और मुख्यमंत्री से संवाद की गुहार:

  • सकारात्मक पहल का स्वागत: सफाई कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान बलबीर बालगुहेर ने कहा कि यह राहत की बात है कि सरकार प्रशासनिक स्तर पर इस गतिरोध को समाप्त करने की दिशा में प्रयास कर रही है और समाधान के लिए उच्चस्तरीय बैठकें आयोजित की जा रही हैं।

  • कर्मचारियों का पक्ष सुनने की मांग: उन्होंने आग्रह किया कि वार्ता की मेज पर कर्मचारियों के अधिकृत प्रतिनिधियों को भी बुलाया जाए, ताकि धरातल की वास्तविक समस्याओं से अवगत कराया जा सके।

  • सहमति का भरोसा: बालगुहेर ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को ‘हरियाणा का ताज’ संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा कि यदि मुख्यमंत्री कर्मचारियों के हितों की रक्षा करते हुए कोई भी अंतिम निर्णय लेंगे, तो संपूर्ण यूनियन उसका खुले दिल से स्वागत करेगी।

💼 कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की प्रमुख मांग: फैसला होते ही वापस होगी हड़ताल

कर्मचारियों की मुख्य मांगें और कार्य-बहिष्कार समाप्ति की शर्त:

  • नियमितीकरण मुख्य एजेंडा: कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि आंदोलन का मुख्य बिंदु वर्षों से अल्प वेतन पर कार्यरत कच्चे सफाई कर्मियों को नियमित (पक्का) करना है।

  • हड़ताल समाप्ति का आश्वासन: यूनियन ने ऐलान किया कि यदि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी कच्चे कर्मियों के पक्के होने की आधिकारिक घोषणा कर देते हैं, तो कर्मचारी उसी क्षण अपनी हड़ताल स्वतः समाप्त कर पूरी निष्ठा से काम पर लौट आएंगे।

  • सीधी वार्ता की जरूरत: उन्होंने दोहराया कि सरकार के साथ सीधे संवाद से ही जनहित में वर्षों पुरानी इस समस्या का स्थाई हल संभव है।

🚓 पुलिस गाड़ी की छत पर चढ़कर नारेबाजी का मामला: यूनियन प्रधान ने गलती स्वीकार की

प्रदर्शन के दौरान घटी घटना पर स्पष्टीकरण:

  • वायरल घटनाक्रम: विरोध-प्रदर्शन के दौरान यूनियन नेता बलबीर बालगुहेर के पुलिस की सरकारी स्कॉर्पियो गाड़ी की छत पर चढ़कर भाषण व नारेबाजी करने का मामला सामने आया, जिसकी काफी चर्चा रही।

  • जोश और बारिश का असर: इस घटना पर सफाई देते हुए बालगुहेर ने कहा कि उस समय तेज वर्षा हो रही थी और कर्मचारियों का उत्साह चरम पर था; अत्यधिक जोश के कारण वे अनजाने में गाड़ी पर चढ़ गए।

  • कानून का सम्मान: उन्होंने कहा कि वे कानून और पुलिस प्रशासन का पूरा सम्मान करते हैं। यदि उनके इस आचरण से किसी नियम या मर्यादा का उल्लंघन हुआ है, तो वे बिना किसी हिचक के अपनी मानवीय भूल स्वीकार करते हैं।

🤝 बैठक से समाधान की जगी उम्मीद: 31 दिनों के लंबे गतिरोध पर टिकी निगाहें

आगामी रूपरेखा और नागरिकों की नजर:

  • जनता को भारी असुविधा: पिछले एक माह से सफाई कर्मियों के कार्य-बहिष्कार के चलते शहर के मुख्य मार्गों, कॉलोनियों और बाजारों में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त है।

  • मंत्रालय स्तर पर मंथन: शासन और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच जारी विचार-विमर्श से यह उम्मीद जगी है कि जल्द ही दोनों पक्षों के बीच सहमति का कोई मध्य मार्ग निकल सकता है।

  • फैसले का इंतजार: अब सभी की निगाहें सरकार द्वारा बुलाई गई समीक्षा बैठक के परिणामों पर टिकी हैं कि क्या सरकार कर्मियों के नियमितीकरण पर मुहर लगाती है या आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

Comments are closed.