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Dussehra 2025: दशहरा की रात दीप जलाने से खुलेंगे भाग्य के द्वार, जानें सही स्थान

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बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी का पर्व हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है. यह पर्व हर साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण का वध कर अधर्म पर धर्म की विजय प्राप्त की थी.साथ ही, मां दुर्गा ने महिषासुर नामक राक्षस का अंत भी इसी दिन किया था. यह पर्व न केवल विजय का जश्न है, बल्कि यह दिवाली से पहले मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का एक सुनहरा अवसर भी होता है.

ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दशहरा की रात कुछ विशेष जगहों पर दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है, आर्थिक तंगी दूर होती है और सुख-समृद्धि के द्वार खुलते हैं. आइए जानते हैं, साल 2025 में दशहरा के पावन पर्व पर आपको किन जगहों पर दीपक जलाना चाहिए ताकि आपकी किस्मत चमक जाए.

दशहरा पर दीपक जलाने का महत्व

दशहरा का पर्व नवरात्रि के समापन और दिवाली के आगमन का संकेत देता है. इस दिन दीपक जलाना अमंगल को टालने और जीवन की बाधाओं को दूर करने का प्रतीक माना जाता है. दीपक की रोशनी नकारात्मकता को दूर कर घर में सकारात्मक ऊर्जा और मां लक्ष्मी के आगमन का मार्ग प्रशस्त करती है. मान्यता है कि विजयादशमी की रात सही स्थान और शुभ समय पर दीपक जलाने से घर में धन-धान्य और खुशहाली आती है.

घर में इन 5 जगहों पर जलाएं दीपक!

घर का मुख्य द्वार

घर का मुख्य द्वार सकारात्मक ऊर्जा और मां लक्ष्मी के प्रवेश का स्थान माना जाता है. दशहरे की रात घर के मुख्य द्वार पर चौमुखी दीपक (चार मुंह वाला दीया) जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है.

लाभ: यह उपाय घर से राहु के बुरे प्रभाव को दूर करता है, सुख-समृद्धि के योग बनाता है और जीवन में नए अवसरों को आकर्षित करता है.

शमी वृक्ष के नीचे

शमी के पेड़ को विजय, सौभाग्य और धन का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि भगवान राम ने लंका जाने से पहले शमी वृक्ष की पूजा की थी.

लाभ: दशहरे की शाम शमी के पौधे के पास घी का दीपक जलाना बहुत शुभ होता है. ऐसा करने से कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिलती है और सौभाग्य की प्राप्ति होती है.अगर घर में शमी का पौधा नहीं है, तो आप किसी मंदिर में शमी वृक्ष के नीचे दीपक जला सकते हैं.

पूजा स्थान/मंदिर

हर शुभ अवसर पर पूजा स्थान पर दीपक जलाना अनिवार्य होता है. दशहरे की रात अपने घर के पूजा स्थान पर घी का एक अखंड दीपक (जो रात भर जलता रहे) जरूर जलाएं.

लाभ: यह उपाय जीवन में सुख और शांति बनाए रखता है और सभी देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है.

तुलसी के पौधे के पास

तुलसी के पौधे को मां लक्ष्मी का प्रतीक और विष्णु प्रिया माना जाता है. हिंदू धर्म में तुलसी के बिना कोई भी पूजा अधूरी मानी जाती है.

लाभ: दशहरे के दिन शाम को तुलसी के पौधे के नीचे घी का दीपक जलाने से घर में शुभता का आगमन होता है और आर्थिक तंगी दूर होती है.

धन के स्थान पर

दशहरे की रात मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए घर में उस स्थान पर दीपक जलाएं जहां आप अपना धन, गहने या कीमती सामान रखते हैं, जैसे कि तिजोरी या अलमारी.

लाभ: इस स्थान पर अलसी के तेल का दीपक जलाकर रखना धन में वृद्धि करता है और आय के नए स्रोत खोलता है.

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