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CM मोहन के नेतृत्व में मध्य प्रदेश गढ़ रहा औद्योगिक विकास के नए प्रतिमान

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश निवेश और औद्योगिक विस्तार के नए आयाम स्थापित कर रहा है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के माध्यम से राज्य अपनी औद्योगिक क्षमताओं, निवेश अनुकूल नीतियों और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप विकसित बुनियादी ढांचे को प्रस्तुत कर रहा है। आईटी एवं प्रौद्योगिकी, पर्यटन, खनन, ऊर्जा, खाद्य प्र-संस्करण, फार्मा, कपड़ा, लॉजिस्टिक्स, कौशल विकास, ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस और पेट्रो केमिकल जैसे प्रमुख क्षेत्रों में मध्यप्रदेश ने खुद को निवेशकों के लिए फेवरेट डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित किया है।

आईटी एवं प्रौद्योगिकी: डिजिटल युग की नई पहचान

मध्यप्रदेश तेजी से डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की ओर बढ़ रहा है। 15 से अधिक आईटी पार्क और 50 से अधिक प्रमुख आईटी कंपनियों की उपस्थिति इसे टेक्नोलॉजी का उभरता हब बना रही है। इंदौर, भोपाल और जबलपुर में आईटी स्टार्ट-अप्स और इनोवेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे डिजिटल इंडिया मिशन को नया विस्तार मिल रहा है।

पर्यटन: प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहरों का केंद्र

प्रदेश में 3 यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स, 2 ज्योतिर्लिंग, 12 राष्ट्रीय उद्यान और 11 स्थल यूनेस्को की संभावित सूची में शामिल हैं। महाकाल लोक जैसी परियोजनाएँ धार्मिक पर्यटन को नए स्तर पर पहुँचा रही हैं। टाइगर स्टेट, लेपर्ड स्टेट, वल्चर स्टेट और चीता स्टेट के रूप में प्रदेश की विशेष पहचान पर्यटन को वैश्विक स्तर पर नई ऊँचाइयाँ दे रही है।

खनन खनिज संपदा से औद्योगिक समृद्धि

देश के 90% हीरा भंडार, तांबा, मैंगनीज, ग्रेफाइट और रॉक फॉस्फेट के विशाल भंडार के साथ मध्यप्रदेश खनन क्षेत्र में निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। 700 से अधिक प्रमुख खनन परियोजनाएं और 6 हजार से अधिक लघु खनिज खदानें प्रदेश की औद्योगिक प्रगति को गति प्रदान कर रही हैं।

ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा हरित भविष्य की ओर

रीवा मेगा सोलर प्लांट, ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट और नीमच पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज परियोजनाएं प्रदेश को ग्रीन एनर्जी हब बना रही हैं। सरकार की नवकरणीय ऊर्जा नीति-2022 में 53 हजार से अधिक मेगावॉट की क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।

खाद्य प्र-संस्करण और बागवानी एग्रो-इंडस्ट्री का नया केंद्र

मध्यप्रदेश ऑर्गेनिक कृषि में देश का अग्रणी राज्य है। 11.24 लाख हेक्टेयर में जैविक खेती और 30 हजार से अधिक किसान उत्पादक संगठनों के माध्यम से प्रदेश में खाद्य प्र-संस्करण उद्योग को बढ़ावा दिया जा रहा है। डेयरी, अनाज प्र-संस्करण, फल-सब्जी और मसाला उद्योग में नई संभावनाएं निर्मित हो रही हैं।

फार्मा, मेडिटेक और मेडिकल डिवाइसेज हेल्थकेयर मैन्युफैक्चरिंग हब

फार्मा सेक्टर में 13 हजार 158 करोड़ रूपये के निर्यात के साथ प्रदेश हेल्थ केयर मैन्युफैक्चरिंग में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत के पहले मेडिकल डिवाइस पार्क और फार्मा हब के रूप में प्रदेश, निवेशकों के लिए नए अवसर प्रदान कर रहा है।

टेक्सटाइल इंडस्ट्री का उभरता केंद्र

मध्यप्रदेश, जैविक कपास उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है। पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क, टेक्सटाइल ओडी-ओपी और वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट जैसी योजनाएं प्रदेश को वस्त्र निर्माण का प्रमुख केंद्र बना रही हैं। बुटिक प्रिंट जैसे पारंपरिक शिल्प को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग: भारत का अप-कमिंग लॉजिस्टिक्स हब

प्रदेश की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति इसे लॉजिस्टिक्स के लिए सबसे उपयुक्त बनाती है। मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क से तेज और कुशल आपूर्ति श्रृंखला की सुविधा मिल रही है। नए एक्सप्रेस-वे और औद्योगिक कॉरिडोर लॉजिस्टिक्स सेक्टर को और मजबूती प्रदान कर रहे हैं।

कौशल विकास उद्योगों के अनुरूप मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में अग्रसर

मध्यप्रदेश स्किल डेवलपमेंट में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। ग्लोबल स्किल पार्क, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान और निजी क्षेत्र के सहयोग से रोजगारपरक प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में 1500 से अधिक कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं।

ऑटोमोबाइल और घटक सहायक उद्योग भारत का नेक्स्ट ऑटो हब

पीथमपुर ऑटो क्लस्टर, एशिया का सबसे लंबा हाई-स्पीड टेस्टिंग ट्रैक, 200 से अधिक ऑटो पार्ट्स निर्माता और 30 से अधिक ओरिजनल इक्युपमेंट्स मैन्यूफैक्चरर्स (ओईएम) के साथ प्रदेश ऑटोमोबाइल उद्योग में तेजी से विस्तार कर रहा है। ईवी मैन्युफैक्चरिंग और हरित गतिशीलता को बढ़ावा देने के लिए विशेष नीतियां लागू की जा रही हैं।

एयरोस्पेस और रक्षा भारत के डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का उभरता केंद्र

प्रदेश में रक्षा उत्पादन और एयरोस्पेस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए विशेष क्लस्टर बनाए जा रहे हैं। डीआईसी इंदौर, एमआरओ हब और एयरोस्पेस पार्क के माध्यम से प्रदेश डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को गति दे रहा है।

पेट्रो केमिकल ऊर्जा और उद्योग के नए अवसर

विन्ध्य बेसिन में ओएनजीसी द्वारा गैस उत्पादन से प्रदेश भारत के 9वें उत्पादक बेसिन के रूप में उभरेगा। बीना में 49 हजार करोड़ रुपये की लागत से स्थापित हो रहा डाउनस्ट्रीम पेट्रो केमिकल कॉम्प्लेक्स इस क्षेत्र में निवेश के नए द्वार खोल रहा है। जीआईएस-2025 में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश निवेशकों को एक स्थिर, औद्योगिक रूप से समृद्ध और संभावनाओं से भरा भविष्य प्रदान करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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