Logo
ब्रेकिंग
रतलाम कृषि मंडी में अचानक छुट्टी पर भड़के किसान: 600 प्याज की ट्रालियां खड़ी कर महू-नीमच रोड किया जा... 'ट्रस्ट में आंदोलन से जुड़े लोग नहीं': राम मंदिर विवाद और 'जैन-जी' आंदोलन पर बोले भोजपाली बाबा रविंद... सिंगरौली सरकारी अस्पताल की खुली पोल: डॉक्टर की कुर्सी पर सफाईकर्मी, सीएमएचओ ने दिए जांच के आदेश मध्य प्रदेश में फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा: सीएम के लेटरहेड से ट्रांसफर और हाईकोर्ट में फर्जी वकालतना... कार्तिक त्यागी की 153.6 Kmph की आग उगलती गेंद: UP T20 लीग में प्रिंस यादव का उखाड़ा विकेट, रिंकू सिं... 'कर्नाटक ही नहीं, पूरे सिनेमा जगत के किंग हैं यश': टॉक्सिक के प्रमोशनल इवेंट में दिखा जबरा क्रेज गिनी की राजधानी कोनाक्री में लैंडफिल का विशाल ढेर ढहने से 30 की मौत: मलबे में दबीं झुग्गियां, 6 घायल चीनी शेयरों में 11% तक का जबरदस्त उछाल: बलरामपुर चीनी, धामपुर और उत्तम शुगर में तेजी, जानें तेजी के ... आधार कार्ड में नया पता कैसे बदलें? बिना लाइन में लगे घर बैठे मोबाइल से अपडेट करने का आसान तरीका ईद-ए-मिलाद उन नबी 2026: 26 अगस्त को मनाया जाएगा 12 रबीउल अव्वल, जानिए इस दिन का अर्थ और इस्लामिक महत...
Header Ad

CAG रिपोर्ट का हवाला देकर अशोक गहलोत का बड़ा आरोप: 37 में से 21 योजनाओं पर खर्च हुआ ‘शून्य’ बजट

जयपुर (राजस्थान): राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) की ताजा रिपोर्ट का हवाला देते हुए राज्य की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला है।

गहलोत ने आरोप लगाया कि बच्चों, छात्राओं और महिलाओं के सशक्तिकरण व कल्याण के लिए बनी 37 प्रमुख योजनाओं में से 21 योजनाओं के तहत जमीनी स्तर पर एक रुपया तक खर्च नहीं किया गया, जबकि इन जनहितकारी योजनाओं के लिए लगभग ₹3,000 करोड़ का भारी-भरकम बजट आवंटित किया गया था। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के एक करोड़ से अधिक बच्चों, बेटियों और महिलाओं को सीधे तौर पर सामाजिक व आर्थिक लाभ पहुंचाना था।

📊 स्कूटी, RTE फीस और मां-बाड़ी केंद्रों का फंड अटका: गहलोत ने गिनाए आंकड़े

योजनावार गैर-खर्च का विवरण:

  • कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना: इस योजना के तहत आवंटित ₹21.61 करोड़ की राशि का कोई उपयोग नहीं किया गया।

  • आरटीई (RTE) पुनर्भरण: शिक्षा का अधिकार कानून के तहत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब बच्चों की फीस रीइंबर्समेंट के लिए तय ₹55.31 करोड़ की राशि खर्च नहीं की गई।

  • मां-बाड़ी केंद्र निर्माण: दूरदराज व जनजातीय क्षेत्रों में मां-बाड़ी केंद्रों के आधारभूत ढांचे के निर्माण हेतु आवंटित ₹6 करोड़ की राशि भी अप्रयुक्त रही।

🛑 लाड़ली सुरक्षा और परित्यक्ता महिला पेंशन जैसी 9 योजनाएं पूरी तरह ठप

उच्च शिक्षा और महिला सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं पर सवाल:

  • कॉलेज छात्राओं व महिलाओं की 9 योजनाएं: पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उच्च शिक्षा ग्रहण कर रही छात्राओं और जरूरतमंद महिलाओं के लिए संचालित 9 प्रमुख योजनाओं में से किसी में भी आवंटित बजट का एक पैसा जारी नहीं हुआ।

  • लाड़ली सुरक्षा योजना: बालिकाओं की संरक्षा और भविष्य संवारने के लिए बनी लाड़ली सुरक्षा योजना का क्रियान्वयन पूरी तरह ठप पड़ा है।

  • परित्यक्ता पेंशन योजना: समाज की निराश्रित व परित्यक्ता (Deserted Women) महिलाओं को मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना पर भी फंड का आवंटन होने के बावजूद खर्च नहीं किया गया।

🗣️ ‘यह लापरवाही नहीं, बेटियों से धोखा है’: गहलोत ने भाजपा सरकार की मंशा पर उठाए सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री का सरकार पर सीधा वार:

  • योजनाएं बंद करने का आरोप: गहलोत ने आरोप लगाया कि मौजूदा भाजपा सरकार पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं को बिना किसी आधिकारिक घोषणा के ‘अनौपचारिक रूप से बंद’ करने की दिशा में काम कर रही है।

  • बजट के उपयोग पर सवाल: उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार इन योजनाओं को जारी रखने की बात करती है, तो फिर घोषित बजट आवंटन का उपयोग लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए अब तक क्यों नहीं किया गया?

  • गंभीर वादाखिलाफी: कांग्रेस नेता ने इसे प्रशासनिक उदासीनता से परे बच्चों, बेटियों और माताओं के साथ सीधा विश्वासघात और धोखा करार दिया।

Comments are closed.