Logo
ब्रेकिंग
North Korea Nuclear Tests Impact: उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों से दहल रहा माउंट मंटाप, लगातार बढ... National News: रोजगार मेले में बोले पीएम नरेंद्र मोदी— 'नागरिक देवो भव:' के भाव से काम करें नवचयनित ... Delhi Police Action: केशवपुरम और स्वरूप नगर में सनसनीखेज वारदातें, दुष्कर्म और हत्या के मामलों में आ... Delhi Fire Accident: मोतीनगर में मकान में लगी भीषण आग, एलपीजी सिलेंडर फटने से एक शख्स की मौत Bahadurgarh News: घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर लोग, आधार अपडेशन के लिए टोकन सिस्टम लागू करने की... Punjab Singer R Nait: कमालपुर में हुई थी शूटिंग, हथियारों वाला वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने शुर... Kaithal Police Action: दुष्कर्म मामले में समझौते का खेल बेनकाब, कोर्ट परिसर में पैसे लेने वाले आरोपी... GT Road Gannaur Crime News: सीसीटीवी में कैद हुआ भीषण सड़क हादसा, पुलिस आरोपी ट्रक चालक की तलाश में ... Haryana Teacher Achieves Success in Swimming: शिक्षा के बाद अब खेल जगत में चमका मंजू दहिया का नाम, द... Disha Salian Case: 'मातोश्री' पहुंचे दिशा सालियान के पिता; आदित्य ठाकरे से मांगी बिना शर्त माफी और 5...
Header Ad

CAG रिपोर्ट का हवाला देकर अशोक गहलोत का बड़ा आरोप: 37 में से 21 योजनाओं पर खर्च हुआ ‘शून्य’ बजट

जयपुर (राजस्थान): राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) की ताजा रिपोर्ट का हवाला देते हुए राज्य की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला है।

गहलोत ने आरोप लगाया कि बच्चों, छात्राओं और महिलाओं के सशक्तिकरण व कल्याण के लिए बनी 37 प्रमुख योजनाओं में से 21 योजनाओं के तहत जमीनी स्तर पर एक रुपया तक खर्च नहीं किया गया, जबकि इन जनहितकारी योजनाओं के लिए लगभग ₹3,000 करोड़ का भारी-भरकम बजट आवंटित किया गया था। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के एक करोड़ से अधिक बच्चों, बेटियों और महिलाओं को सीधे तौर पर सामाजिक व आर्थिक लाभ पहुंचाना था।

📊 स्कूटी, RTE फीस और मां-बाड़ी केंद्रों का फंड अटका: गहलोत ने गिनाए आंकड़े

योजनावार गैर-खर्च का विवरण:

  • कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना: इस योजना के तहत आवंटित ₹21.61 करोड़ की राशि का कोई उपयोग नहीं किया गया।

  • आरटीई (RTE) पुनर्भरण: शिक्षा का अधिकार कानून के तहत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब बच्चों की फीस रीइंबर्समेंट के लिए तय ₹55.31 करोड़ की राशि खर्च नहीं की गई।

  • मां-बाड़ी केंद्र निर्माण: दूरदराज व जनजातीय क्षेत्रों में मां-बाड़ी केंद्रों के आधारभूत ढांचे के निर्माण हेतु आवंटित ₹6 करोड़ की राशि भी अप्रयुक्त रही।

🛑 लाड़ली सुरक्षा और परित्यक्ता महिला पेंशन जैसी 9 योजनाएं पूरी तरह ठप

उच्च शिक्षा और महिला सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं पर सवाल:

  • कॉलेज छात्राओं व महिलाओं की 9 योजनाएं: पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उच्च शिक्षा ग्रहण कर रही छात्राओं और जरूरतमंद महिलाओं के लिए संचालित 9 प्रमुख योजनाओं में से किसी में भी आवंटित बजट का एक पैसा जारी नहीं हुआ।

  • लाड़ली सुरक्षा योजना: बालिकाओं की संरक्षा और भविष्य संवारने के लिए बनी लाड़ली सुरक्षा योजना का क्रियान्वयन पूरी तरह ठप पड़ा है।

  • परित्यक्ता पेंशन योजना: समाज की निराश्रित व परित्यक्ता (Deserted Women) महिलाओं को मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना पर भी फंड का आवंटन होने के बावजूद खर्च नहीं किया गया।

🗣️ ‘यह लापरवाही नहीं, बेटियों से धोखा है’: गहलोत ने भाजपा सरकार की मंशा पर उठाए सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री का सरकार पर सीधा वार:

  • योजनाएं बंद करने का आरोप: गहलोत ने आरोप लगाया कि मौजूदा भाजपा सरकार पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं को बिना किसी आधिकारिक घोषणा के ‘अनौपचारिक रूप से बंद’ करने की दिशा में काम कर रही है।

  • बजट के उपयोग पर सवाल: उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार इन योजनाओं को जारी रखने की बात करती है, तो फिर घोषित बजट आवंटन का उपयोग लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए अब तक क्यों नहीं किया गया?

  • गंभीर वादाखिलाफी: कांग्रेस नेता ने इसे प्रशासनिक उदासीनता से परे बच्चों, बेटियों और माताओं के साथ सीधा विश्वासघात और धोखा करार दिया।

Comments are closed.