
चंडीगढ़: अपनी प्रमुख मांगों और सरकार की मौजूदा नीतियों के विरोध में आक्रोश व्यक्त करते हुए पंजाब एवं चंडीगढ़ के समस्त सरकारी कर्मचारी आज पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार (टूल डाउन) कर एक दिवसीय भूख हड़ताल पर हैं।
यदि आप भी आज किसी शासकीय कार्य के सिलसिले में सरकारी कार्यालयों का रुख कर रहे हैं, तो आपको भारी असुविधा और कामकाज ठप रहने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इस हड़ताल को सफल बनाने के लिए मोहाली स्थित वाई.पी.एस. चौक के समीप पार्क में साझा कर्मचारी मंच पंजाब एवं पंजाब कर्मचारी-पेंशनर साझा फ्रंट के संयुक्त नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में चंडीगढ़ के सभी निदेशालयों, मोहाली स्थित राज्य स्तरीय कार्यालयों, पंजाब सिविल सचिवालय तथा एफ.सी.आर. एसोसिएशन से संबद्ध विभिन्न कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा तय की।
📢 कर्मचारी संगठनों ने की अनुशासन की अपील: काले कपड़े और काले बैज लगाकर जताएंगे विरोध
आंदोलन की रणनीति और दिशा-निर्देश:
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उपस्थित रहेंगे लेकिन कार्य नहीं करेंगे: लुधियाना बैठक में पारित प्रस्ताव के अनुसार, कर्मचारी अपने-अपने कार्यालयों में समय पर उपस्थित तो होंगे, परंतु किसी भी प्रकार की पत्रावली या पटल का कार्य नहीं करेंगे।
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प्रतीकात्मक भूख हड़ताल: प्रत्येक विभाग और कार्यालय के मुख्य द्वारों पर कर्मचारी संगठनों के प्रमुख प्रतिनिधि एक दिन की प्रतीकात्मक भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
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काले बैज पहनकर रोष प्रदर्शन: सभी कार्मिकों को निर्देशित किया गया है कि वे शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से विरोध दर्ज कराने के लिए काले वस्त्र धारण करें अथवा काले बैज लगाकर कार्यस्थल पर पहुंचें।
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सेवानिवृत्त कर्मचारियों की निगरानी टीम: हड़ताल के व्यापक समन्वय के लिए रिटायर्ड कर्मचारियों की एक विशेष पर्यवेक्षक टीम गठित की गई है, जो विभिन्न दफ्तरों का औचक दौरा कर कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाएगी।
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टकराव से बचने की हिदायत: मंच ने कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी है कि वे किसी भी प्रकार के उकसावे या अनुशासनहीनता से बचें और अपने सम्मान व अधिकारों की इस लड़ाई को एकजुट होकर आगे बढ़ाएं।
⚠️ कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा की सख्त चेतावनी: जनता परेशान हुई तो सरकार करेगी कानूनी कार्रवाई
सरकार का रुख और बातचीत की अपील:
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कानून के दायरे में कार्रवाई का संकेत: दूसरी ओर, पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारी संगठनों को दो टूक चेतावनी जारी की है।
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जनता की असुविधा बर्दाश्त नहीं: मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि कार्यालयों में काम रुकने के कारण आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ी, तो शासन कानून सम्मत कड़े कदम उठाने के लिए विवश होगा।
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टेबल टॉक का आह्वान: उन्होंने कर्मचारी यूनियनों से हड़ताल और गतिरोध का मार्ग त्यागकर शासन के साथ बातचीत की मेज पर बैठकर सभी लंबित मुद्दों को सुलझाने का आग्रह किया है।

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