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हरियाणा में ‘आबादी देह नियम 2026’ लागू: लाल डोरा भूमि के मालिकाना हक को मिली वैधानिक मजबूती

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में लाल डोरा (Lal Dora) भूमि के स्वामित्व अधिकारों को पूर्णतः स्पष्ट, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 17 अगस्त को ‘हरियाणा आबादी देह (स्वामित्व अधिकारों का निहित होना, अभिलेखन और समाधान) नियम, 2026’ की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इन नए नियमों के विधिवत लागू होने से गांवों में पीढ़ियों से चले आ रहे भूमि, मकान और संपत्ति विवादों के त्वरित एवं स्थायी समाधान की मजबूत राह तैयार हो गई है।

📑 वैध कब्जाधारियों को मिलेगा ‘स्वामित्व अधिकार प्रमाण-पत्र’, तैयार होगा डिजिटल रिकॉर्ड

अधिसूचित नियमों के तहत भू-स्वामियों को कानूनी सुरक्षा प्रदान की गई है:

  • स्वामित्व प्रमाण-पत्र: अंतिम अधिकार अभिलेख (Record of Rights) में दर्ज सभी वैध कब्जाधारियों को सरकार द्वारा आधिकारिक ‘स्वामित्व अधिकार प्रमाण-पत्र’ प्रदान किया जाएगा।

  • सटीक पैमाइश व रिकॉर्ड: गांव की प्रत्येक संपत्ति, मकान और भूखंड की आधुनिक तकनीकों से सटीक पैमाइश (Measurement) कर उनका रकबा एक निर्धारित सरकारी प्रारूप में दर्ज किया जाएगा, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार के सीमा विवाद की गुंजाइश न रहे।

⏳ उप-विभाजित संपत्तियों की अलग पहचान, 90 दिनों के भीतर सह-स्वामियों का अनिवार्य बंटवारा

पारिवारिक और आपसी बंटवारे की प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी बनाया गया है:

  • हिस्सों की विशिष्ट पहचान: गांवों में एक ही प्लॉट या मकान के उप-विभाजन (Sub-division) होने की स्थिति में अब प्रत्येक हिस्से की अलग और स्पष्ट पहचान दर्ज की जाएगी।

  • समय-सीमा का निर्धारण: सह-स्वामियों (Co-owners) के मध्य आपसी बंटवारे के मामलों को वर्षों तक लटकाने के बजाय अब सक्षम प्राधिकारी द्वारा अधिकतम 90 दिनों की अनिवार्य समय-सीमा के भीतर निपटाना होगा।

⚠️ सर्वेक्षण चिह्नों (Survey Marks) को नुकसान पहुंचाने पर भारी जुर्माने का प्रावधान

नक्शा और सीमा चिह्नों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े दंड तय किए गए हैं:

  • सुरक्षा के कड़े नियम: पैमाइश, सीमांकन और डिजिटल मैपिंग के लिए स्थापित किए जाने वाले सर्वेक्षण चिह्नों (Survey Marks) को सुरक्षित रखने के लिए कड़े दंडात्मक प्रावधान जोड़े गए हैं।

  • आर्थिक दंड: यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर इन चिह्नों को नष्ट करता है, हटाता है या नुकसान पहुंचाता है, तो उससे भारी जुर्माना वसूला जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

🏡 ग्रामीणों को लोन, क्रय-विक्रय और मालिकाना हक साबित करने में मिलेगी बड़ी राहत

नए नियमों के प्रभाव से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी:

  • संपत्ति का क्रय-विक्रय: स्पष्ट मालिकाना हक मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त बिना किसी कानूनी अड़चन के सुगम हो जाएगी।

  • बैंक लोन की सुविधा: आधिकारिक स्वामित्व प्रमाण-पत्र के आधार पर ग्रामीण अपनी आवासीय संपत्तियों पर बैंकों से आसानी से होम लोन और अन्य वित्तीय सुविधाएं प्राप्त कर सकेंगे।

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