
छिंदवाड़ा में खाद वितरण पर लगी अंतरिम रोक: धांधली के आरोपों के बीच किसानों का चक्काजाम, स्टॉक सत्यापन जारी
छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में रासायनिक खाद वितरण व्यवस्था में अनियमितताओं और धांधली के गंभीर आरोप सामने आने के बाद किसानों ने सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया।
बढ़ते जनाक्रोश और अव्यवस्था को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से निजी एवं सहकारी (कोऑपरेटिव) क्षेत्र के सभी खाद वितरण केंद्रों से बिक्री पर अस्थायी रोक लगाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रशासन का तर्क है कि पोर्टल और भौतिक स्टॉक के मिलान के उद्देश्य से 14 अगस्त से सभी वितरण केंद्रों को बंद किया गया है ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
🔍 गोदामों में रखे स्टॉक की गहन पड़ताल, IFMS पोर्टल से हो रहा मिलान
कृषि उपसंचालक मॉरीश नाथ ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि जिले में रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि कुछ क्षेत्रों में वितरण प्रणाली को लेकर तकनीकी व प्रशासनिक विसंगतियां सामने आ रही थीं, जिसके समाधान हेतु स्टॉक वेरिफिकेशन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। इसके अंतर्गत मार्कफेड के सभी वितरण केंद्रों, प्राथमिक साख सहकारी समितियों और निजी उर्वरक विक्रेताओं के भौतिक स्टॉक का आईएफएमएस (IFMS) पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों से सघन मिलान कराया जा रहा है। जांच प्रक्रिया पूरी होते ही वितरण पुनः प्रारंभ किया जाएगा।
🌾 वितरण रुकने से किसानों की बढ़ी मुश्किलें, चौरई में विधायक संग चक्काजाम
प्रशासन द्वारा वितरण प्रक्रिया अचानक बंद किए जाने से खरीफ फसलों के लिए खाद की आवश्यकता से जूझ रहे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
कृषि जानकारों के मुताबिक, ई-टोकन सिस्टम के हटने के बाद से कालाबाजारी और बिचौलियों की सक्रियता की आशंका बढ़ गई थी। वितरण व्यवस्था ठप होने के विरोध में शुक्रवार को चौरई विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस विधायक सुजीत सिंह चौधरी के नेतृत्व में आक्रोशित किसानों ने खाद वितरण केंद्र के मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर जोरदार प्रदर्शन किया।
✉️ सांसद ने कृषि मंत्री को लिखा पत्र, कलेक्टर ने दिया पर्याप्त खाद का भरोसा
किसानों की गंभीर समस्या को संज्ञान में लेते हुए छिंदवाड़ा सांसद बंटी विवेक साहू ने प्रदेश के कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना, मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल और कलेक्टर हरेन्द्र नारायण को पत्र प्रेषित कर अविलंब पारदर्शी व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
कलेक्टर हरेन्द्र नारायण ने इस संबंध में बताया कि राज्य शासन के निर्देशानुसार किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत सभी पात्र किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया, डीएपी और अन्य रासायनिक उर्वरक निर्बाध रूप से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने किसानों से किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों पर ध्यान न देने और स्टॉक सत्यापन कार्य पूर्ण होते ही सुचारू वितरण शुरू होने का आश्वासन दिया।

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