
उज्जैन नागचंद्रेश्वर मंदिर में करंट की अफवाह से मची भगदड़: बैरिकेडिंग टूटने से कई श्रद्धालु घायल, चरक अस्पताल में भर्ती
उज्जैन (मध्य प्रदेश): विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के शीर्ष तल पर स्थित भगवान श्री नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए लगी श्रद्धालुओं की कतार में अचानक भगदड़ मच गई।
सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के पावन अवसर पर हरसिद्धि मंदिर चौराहे के समीप स्थित प्रवेश मार्ग पर यह अफरा-तफरी उत्पन्न हुई। जानकारी के अनुसार, बैरिकेडिंग क्षेत्र में विद्युत वितरण डीपी (DP) के पास करंट फैलने की भ्रामक अफवाह फैल गई, जिसके बाद कतार में खड़े श्रद्धालुओं में जान बचाने के लिए भागमभाग शुरू हो गई।
🏥 घायलों को तुरंत चरक अस्पताल पहुंचाया गया, MP, गुजरात और बिहार के श्रद्धालु शामिल
हादसे के तुरंत बाद मंदिर सुरक्षाकर्मियों और पुलिस बल ने मोर्चा संभाला और घायल श्रद्धालुओं को तत्काल उपचार हेतु उज्जैन के चरक अस्पताल और जिला अस्पताल पहुंचाया।
घायलों में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ अन्य राज्यों से आए भक्त भी शामिल हैं:
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उज्जैन (MP): हिंदू बाई, सागर और लक्ष्मीबाई
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ग्वालियर (MP): सोनम और खुशी
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गंजबासौदा (MP): अनसूया और उनकी मां ममता
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गुजरात (वापी व वलसाड): हरिश्चंद्र (पैरों में गंभीर चोट), तुलसी और उनकी मां रेखा बाई
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बिहार (दरभंगा): सुजीत
⚡ बैरिकेड्स से टकराने से हरिश्चंद्र के पैरों में गंभीर चोट, 13 श्रद्धालु अस्पताल में भर्ती
भगदड़ और तेज धक्का-मुक्की के दौरान लोहे के बैरिकेड्स से टकराने के कारण गुजरात निवासी हरिश्चंद्र के पैरों में गंभीर चोटें आई हैं।
सुबह के समय मंदिर क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर दबाव की स्थिति बनी। पहली घटना नीलकंठ द्वार के पास करंट की अफवाह से हुई, जबकि दूसरी घटना हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र में भीड़ का अप्रत्याशित दबाव बढ़ने से घटी, जहां दम घुटने और घबराहट से कई श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई। कुल करीब 13 श्रद्धालुओं का अस्पताल में चिकित्सकों की देखरेख में उपचार जारी है।
👮♂️ पुलिस व प्रशासन ने संभाली स्थिति, दर्शन व्यवस्था पुनः हुई सुचारू
हादसे के बाद कुछ समय के लिए दर्शनार्थियों का प्रवेश प्रभावित हुआ, लेकिन मौके पर तैनात वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए भीड़ को नियंत्रित किया।
माइक से अनाउंसमेंट कर अफवाहों का खंडन किया गया और स्थिति को सामान्य बनाया गया। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में दर्शन व्यवस्था पूरी तरह सुचारू और नियंत्रित है, तथा अस्पताल में भर्ती सभी श्रद्धालुओं की स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है।

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