Logo
ब्रेकिंग
फोन नहीं उठाते सीईओ,मीडियाकर्मियों में नाराजगी,ज्ञापन सौंपा Ola Uber Ban Chandigarh: ओला-उबर के लाइसेंस रद्द होने के बाद शुरू हुई 'भारत टैक्सी', जानिए यात्रियों... Haryana News: लगातार चौथी बार देश में अव्वल रही करनाल शुगर मिल, केंद्रीय मंत्रियों ने दी प्रतिष्ठित ... NCC DG Team Selection: हरियाणा के होनहार शूटर विजयन्त ढाण्डा ने बढ़ाया राज्य का मान, देश के टॉप-12 शू... Haryana Road Mishap: नूंह सड़क हादसे में चार लोगों की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल; पुलिस जांच में ज... Haryana Crime News: पानीपत में اغवा हुआ बच्चा बरामद, एक लाख में बेचने की थी डील; पुलिस ने दो को दबोच... Gurnam Singh Chaduni Mahapanchayat: धान खरीद की मांग पर अड़े किसान, हाईवे पर बीती रात; आज होगी बड़ी ... Patna Mithila Colony Incident: दानापुर में खूनी संघर्ष, शादी से पहले सिपाही भाई ने की आत्महत्या, पुल... Delhi Demolition News: शालीमार बाग मैक्स अस्पताल रोड पर देर रात चला पीला पंजा; भारी पुलिस बल तैनात, ... Monsoon Update 2026: मॉनसून की विदाई के बीच बिगड़ेगा मौसम; मध्य प्रदेश, ओडिशा और पूर्वोत्तर में भारी...
Header Ad

सेना से लेकर बालेन शाह तक… नेपाल का भविष्य तय करेगा ये ‘त्रिकोण’

0

नेपाल में सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ छिड़ा आंदोलन तीसरे दिन भी जारी है. राजधानी काठमांडू और आसपास के इलाकों में भड़की हिंसा में अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 400 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं. हालात काबू से बाहर होते देख नेपाली सेना ने मंगलवार रात 10 बजे से देश की बागडोर अपने हाथ में ले ली.

इस बीच सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि नेपाल का भविष्य फिलहाल किनके हाथ में होगा. क्योंकिसंसद भंग कर नए चुनाव कराने की मांग तेज होती जा रही है. फिलहाल नेपाल का राजनीतिक भविष्य तीन ध्रुवों के इर्द-गिर्द घूमता दिख रहा है. आइए इसे विस्तार से समझते हैं.

1. आर्मी और अंतरिम सरकार का फॉर्मूला

फिलहाल पूरे नेपाल पर सेना का कंट्रोल हो गया है. आर्मी चीफ अशोक राज आज युवाओं से भी बात करने वाली है. सूत्रों के अनुसार, नेपाली सेना अब सिर्फ सुरक्षा संभालने तक सीमित नहीं रहना चाहती. वो राजनीतिक समाधान का हिस्सा बन सकती है. सेना और आंदोलनकारी युवाओं के बीच अंतरिम सरकार के फॉर्मूले पर चर्चा चल रही है.

2. युवाओं के हीरो- बालेन शाह पर भी नजर

काठमांडू के मेयर बालेन शाह युवाओं के बीच सबसे लोकप्रिय चेहरा बनकर उभरे हैं. आंदोलनकारियों का एक बड़ा हिस्सा उन्हें साफ-सुथरी राजनीति का प्रतीक मान रहा है. सूत्रों का कहना है कि बालेन शाह को अंतरिम सरकार का प्रधानमंत्री बनाने पर बातचीत आगे बढ़ रही है.

केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद उत्तराधिकारी की दौड़ में एक और जो नाम सबसे आगे चल रहा है, वो है रबी लामिछाने. जो कि पत्रकार और एकंर भी रह चुके हैं. रबी ने 2022 में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) की स्थापना की थी. आरएसपी ने खुलकर जेन जी के विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया है. उनकी पार्टी के 21 सांसदों ने एकसाथ इस्तीफा देकर ओली पर इस्तीफे का दबाव बनाया, ऐसे में युवाओं का समर्थन भी रबी लामिछाने के साथ दिख रहा है.

3. राजशाही की वापसी की मांग तेज

इस राजनीतिक उथल-पुथल के बीच राजशाही समर्थक गुट भी सक्रिय हो गए हैं. उनका तर्क है कि लोकतंत्र असफल हो गया है, इसलिए अब कॉनस्टिट्यूशनल मोनार्की की वापसी पर विचार होना चाहिए. आंदोलन के पहले दिन ही इसकी चर्चा जोर पर थी कि इस विद्रोह से राजशाही समर्थकों को मौका मिलेगा. लोकतंत्र फेल होने का हवाला देकर राजशाही की वापसी की मांग जोर पकड़ सकती है.

जेन-जी के प्रतिनिधि को भी मिल सकता है मौका

आंदोलन में युवाओं (GenZ) की भागीदारी को देखते हुए अंतरिम सरकार में जेन-जी के कुछ प्रतिनिधियों को शामिल करने पर सहमति बन रही है जिनकी छवि ईमानदार और भ्रष्टाचार-मुक्त रही है. यह कदम अंतरिम सरकार को राजनीतिक संतुलन देगा और पुराने दलों का पूरी तरह बहिष्कार करने से बचाएगा. मुख्यधारा की राजनीति से अगर किसी नेता को युवाओं का आंशिक समर्थन मिला है तो वे नेपाली कांग्रेस के शेखर कोइराला हैं. माना जा रहा है कि अंतरिम सरकार में उन्हें या उनके प्रतिनिधि को जगह देकर संतुलन साधने की कोशिश हो सकती है.

Leave A Reply

Your email address will not be published.