Logo
ब्रेकिंग
लल्ली चौक का बदलेगा लुक, लगेगा क्लॉक टावर, नगर पालिका बिल्डिंग का पुराना स्वरूप संवरेगा बेंगलुरु से लौट रहे बिहारी युवक की ट्रेन में गई जान, जीआरपी ने किया था रेस्क्यू बैतूल: कोबरा से भी ज्यादा जहरीला कॉमन करैत मकान में निकला, सर्पमित्र ने सुरक्षित किया रेस्क्यू बैतूल की महिला की चिट्ठी राष्ट्रपति भवन पहुंची, असम के CM को भेजा गया मामला... 2 साल बाद मिला पति का... MP News: आदिवासी छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी, आवास सहायता योजना से मिलेगी आर्थिक मदद कारगिल विजय दिवस 2026: देश आज मना रहा 27वां कारगिल विजय दिवस, वीर शहीदों को श्रद्धांजलि यूसीसी की जरूरत क्यों पड़ी, सरकार पहले बताए जनता की राय क्या है: उमंग सिंघार खाटू श्याम जा रहे बाइक सवारों को कार ने मारी टक्कर,वृद्धा की मौत, दो घायल 18 किमी पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे आदिवासी छात्र, अधीक्षक पर मारपीट और वसूली के आरोप रेगिस्तान में बसा इंजीनियरिंग का चमत्कार: 2200 साल पहले बिना नदी के कैसे बसा शहर ? आज भी वैज्ञानिक इ...
Header Ad

आंखों में आंसू और हाथों में झोला, अंदर थी नवजात की लाश… रोते-रोते DM के पास पहुंचा पिता, बताई डॉक्टरों की करतूत

0

उत्तर प्रदेश के लखीमपुल खीरी स्थित एक निजी अस्पताल में डिलीवरी के दौरान एक नवजात की मौत हो गई. इसके बाद नाराज पिता नवजात के शव को झोले में लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गया. यह देख अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए. उसने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया और वहां चीख-चीखकर अपने साथ हुई बदसलूकी की कहानी सुनाई. मामले की सूचना पर सीएमओ, एसडीएम और कोतवाल फोर्स एक साथ मौके पर पहुंच गए. सीएमओ ने अस्पताल को सील कर दिया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है

मामला भीरा थाना क्षेत्र के नौसर गांव हैं. यहां के रहने वाले विपिन गुप्ता की पत्नी के गर्भवती थी. महिला को प्रसव पीड़ा होने पर गोलदार अस्पताल में भर्ती कराया गया. आरोप है कि उसकी गर्भवती पत्नी को निजी गोलदार अस्पताल में धक्का देकर बाहर निकाल दिया गया. उसका प्रसव भी नहीं कराया गया. पीड़ित ने बताया कि अस्पताल में 8 हजार रुपये जमा किये लेकिन पैसे कम होने की वजह से इलाज नहीं किया गया और हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल से बाहल निकल दिया गया. इसके बाद महिला को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने मृत बच्चे को जन्म दिया.

अस्पताल में महिला के साथ अभद्रता

पति ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी के साथ बहुत ही अभद्रता से व्यवहार किया गया. उसने कहा गोलदार अस्पताल की लापरवाही ने उनके बच्चे की जान ले ली और पत्नी की जिंदगी भी खतरे में डाल दी है. विपिन ने अस्पताल पर कार्रवाई की मांग की है. मामले को संज्ञान में लेते हुए अधिकारियों ने तुरंत सीएमओ डॉक्टर संतोष गुप्ता व एसडीएम सदर अश्विनी कुमार को आदेश दिया, कि वे तत्काल जाएं और अस्पताल को सील करने के साथ ही महिला के साथ बदसलूकी करने वालों पर कठोर कार्रवाई करें. इसके बाद गोलदार अस्पताल को सील कर वहां के मरीजों को सुरक्षित जिला महिला अस्पताल में शिफ्ट कराया.

डीएम ने उठाया इलाज का खर्च

मामले में डीएम ने निर्देश दिये कि प्रसूता के इलाज में कोई कमी नहीं होनी चाहिए. उसे अच्छे से अच्छा इलाज मुहैया कराया जाए. प्रशासन ने पीड़ित को हर संभव मदद उपलब्ध कराने को कहा है. अब उसकी स्थिति में सुधार हो रहा है. मामले में डीएम ने खुद प्रसूता का पूरा खर्ज वहन करने की जिम्मेदारी उठाई है.

Leave A Reply

Your email address will not be published.