Logo
ब्रेकिंग
रात की बारिश में खोलने पड़े सतपुड़ा के 7 गेट, झरने बह निकले बारिश में ढही दीवार ,दबने से मजदूर की मौत ।बैतूल में 93.4 mm बारिश घर में सो रहा था मासूम,जाने क्या हुआ चली गई जान? नजर आया था जहरीला सांप पर काटने के निशान नहीं मिले 5 लाख की चोरी का दूसरा आरोपी भी दबोचा, ₹10 हजार का इनामी निकला आदतन नकबजन लल्ली चौक का बदलेगा लुक, लगेगा क्लॉक टावर, नगर पालिका बिल्डिंग का पुराना स्वरूप संवरेगा बेंगलुरु से लौट रहे बिहारी युवक की ट्रेन में गई जान, जीआरपी ने किया था रेस्क्यू बैतूल: कोबरा से भी ज्यादा जहरीला कॉमन करैत मकान में निकला, सर्पमित्र ने सुरक्षित किया रेस्क्यू बैतूल की महिला की चिट्ठी राष्ट्रपति भवन पहुंची, असम के CM को भेजा गया मामला... 2 साल बाद मिला पति का... MP News: आदिवासी छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी, आवास सहायता योजना से मिलेगी आर्थिक मदद कारगिल विजय दिवस 2026: देश आज मना रहा 27वां कारगिल विजय दिवस, वीर शहीदों को श्रद्धांजलि
Header Ad

मुर्शिदाबाद हिंसा: पश्चिम बंगाल में विधायक भी सुरक्षित नहीं! TMC के मोनिरुल इस्लाम के घर पर तोड़फोड़, भड़के MLA ने क्या कहा?

वक्फ कानून को लेकर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. हिंसा के समय फरक्का के तृणमूल कांग्रेस विधायक मोनिरुल इस्लाम भी गुंडों के हाथों से नहीं बचे. उनके घर में तोड़फोड़ और लूटपाट की गई. आरोप है कि तोड़फोड़ के बाद घर में आग लगाने की भी कोशिश की गई. हिंसा की इस भयावह तस्वीर को देखने के बाद तृणमूल विधायक पुलिस थाने पहुंचे.

मोनिरुल इस्लाम का घर मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज पुलिस स्टेशन से महज 100 मीटर की दूरी पर है. शनिवार 12 अप्रैल की रात उनके घर पर प्रदर्शनकारियों का हमला हुआ. बर्बरता चल रही है. जिस समय विधायक के घर में आग लगाने की भी कोशिश की गई. उस समय फरक्का से तृणमूल विधायक घर पर थे. जान का खतरा देखने के बाद वो किसी तरह से पुलिस स्टेशन पहुंचे. बाद में हमले की खबर मिलने पर सांसद खलीलुर्रहमान उनसे मिलने गए.

चाहे कुछ भी हो जाए, मैं घर पर अकेला ही रहूंगा

हमले के बारे में बताते हुए मोनिरुल इस्लाम ने कहा कि अचानक से आए कुछ लोगों ने घर में तोड़फोड़ की. घर के सामने आग लगा दी. परिवार के लोग डर की वजह से घर पर नहीं रह रहे हैं बल्कि कहीं और शरण लिए हुए हैं. लेकिन उन्होंने कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए, मैं घर पर अकेला ही रहूंगा.

क्षेत्र की स्थिति पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कहा कि हमें सुरक्षा चाहिए. अगर हम जनप्रतिनिधि ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम लोगों को सुरक्षा कैसे मिलेगी? मेरी कार में तोड़फोड़ की गई. क्या आगे भी ऐसा होता रहेगा?

पुलिस पर गुस्सा जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि उपद्रवियों ने मेरे घर के सामने तोड़फोड़ की, आग लगाने की कोशिश की, जो पुलिस स्टेशन से 100 मीटर की दूरी पर है. ये उपद्रवी संपत्ति लूटने की कोशिश कर रहे हैं. पुलिस की ओर से चूक हुई है. मुझ पर बार-बार हमला किया गया है. बिल्कुल भी सुरक्षा नहीं है. पुलिस हम प्रतिनिधियों को भी सुरक्षा देने में असफल रही है. छोटे लड़कों ने मेरे घर पर हमला किया.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.