Logo
ब्रेकिंग
Dhamtari Maratha Community: मराठा पारा में जीवंत हुई सदियों पुरानी संस्कृति; महालक्ष्मी पूजा में उमड... Chhattisgarh CM Visit: रायगढ़ के बनोरा आश्रम में सीएम साय ने खाया पंगत में प्रसाद; 8 एकड़ में बने आध... Ranchi TB Free Mission: टीबी मुक्त झारखंड के लिए NHM की बड़ी पहल; 350 NCC कैडेट्स बने 'माई भारत वॉलि... Katras Coalfield Threat: धनबाद में भू-धंसान प्रभावित परिवारों को अटल क्लिनिक में मिली शरण; बेलगड़िया... Surender Koli Death Mystery: हरिद्वार में मृत मिले सुरेंद्र कोली को लेकर पीड़ित परिवार का आरोप, 'जान... FDA Alert Maharashtra: इंदौर की कंपनी द्वारा निर्मित पैरासिटामोल व टेल्मिसर्टन टैबलेट्स की जांच रिपो... Beneshwar Dham News: डूंगरपुर में भारी बारिश से टापू बना प्रसिद्ध बेणेश्वर धाम; त्रिवेणी संगम उफान प... Maharashtra Railway Infrastructure: मुकुटबन-गडचांदूर के बीच बनेगी 38 किमी नई रेल लाइन; ₹493 करोड़ की... Surender Koli Suicide News: निठारी कांड के चर्चित आरोपी सुरेंद्र कोली की संदिग्ध मौत, हरिद्वार में ल... Punjab Politics: पंजाब में नशे के खिलाफ BJP का आर-पार का संग्राम; 4 कोनों से शुरू होंगी यात्राएं, जा...
Header Ad

क्लर्क ने बढ़ा ली खुद की सैलरी…जबलपुर के ऑडिट ऑफिस में पौने सात करोड़ का गबन

जबलपुर। स्थानीय निधि संपरीक्षा (लोकल फंड आडिट) के क्षेत्रीय कार्यालय में पौने सात करोड़ रुपये के गबन के मामले में लिपिक संदीप शर्मा सहित पांच पर अपराधिक मामला पंजीबद्ध किया है। आरोपित लिपिक क्षेत्रीय कार्यालय में पदस्थ था। उसके पास पे रोल जनरेशन और कर्मचारियों के बिल बनाने का उत्तरदायित्व था।

इस जिम्मेदारी की आड़ में आरोपित ने धांधली करते हुए सरकारी राशि अपने स्वजन के बैंक खाते में स्थानांतरित किया। बिल और वेतन की जालसाजी में आरोपित ने लगभग पौने सात करोड़ रुपये की सरकारी राशि का गबन किया।

मामले में गुरुवार को ओमती थाना में लिपिक संदीप व अन्य आरोपितों के विरुद्ध मामला पंजीबद्ध किया गया है। अन्य आरोपितों में भोपाल स्थित संचालनालय स्थानीय निधि संपरीक्षा सतपुड़ा भवन कार्यालय में पदस्थ मनोज बरहैया, सीमा अमित तिवारी, प्रिया विश्नोई एवं अनूप कुमार हैं और सभी फरार हैं।

ऐसे किया फर्जीवाड़ा

आरोपित लिपिक ने शासन की विभिन्न बीमा एवं परिवार कल्याण की योजना राशि में फर्जीवाड़ा किया। सरकारी राशि हड़पने के लिए जो ऐसे व्यक्ति को जो कभी शासकीय सेवा में नहीं थे, उन्हें मृत घोषित किया। उनके रिकार्ड में छद्म नामिनी बनाकर रुपये निकला। धांधली में लिपिक ने जाली हस्ताक्षर किए। जाली कर्मचारी कोड और नंबर नंबर बनाया।

कई कूटरचित शासकीय अभिलेख तैयार किए। महंगाई भत्ते के एरियर की गणना में अपने परिचित कर्मचारियों को अवैध तरीके से आर्थिक लाभ पहुंचाया। क्षेत्रीय कार्यालय में पदस्थ अनूप कुमार बौरिया, आरोपित लिपिक का नजदीकी था। उसे 28 हजार आठ रुपये डीए एरियर राशि स्वीकृत हुआ था।आरोपित लिपिक ने सॉफ्टवेयर में फर्जी फीड करते हुए अनूप के लिए दो लाख 53 हजार आठ रुपये डीए का एरियर भुगतान करवा दिया। आरोपित ने अर्जित अवकाश समर्पण और समूह बीमा योजना का चार करोड़ 69 लाख 82 हजार 551 रुपए और परिवार कल्याण निधि का 57 लाख 87 हजार 479 रुपए का भुगतान अपने और अपने स्वजन के बैंक खाते में भेजा है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.