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मथुरा का मामला बना दलित बनाम यादव विवाद, कहीं अखिलेश यादव के पीडीए फॉर्मूले पर पानी न फेर दे?

उत्तर प्रदेश के मथुरा के रिफाइनरी थाना क्षेत्र के एक गांव में दलित परिवार की दो बहनों की शादी टूटने की घटना पर सियासी भूचाल आ गया है. पिछले हफ्ते दो दलित बहनें अपनी शादी के लिए ब्यूटी पार्लर से तैयार होकर वापस घर लौट रही थीं, तभी रास्ते में उनकी कार से एक बाइक टकरा गई. इसके बाद बाइक सवार ने अपने परिवार से 15 लोगों को बुलाकर दुल्हन और उनके घरवालों पर हमला कर दिया. हमला करने वाले यादव समाज से हैं, जिसके चलते अब ये मामला दलित बनाम यादव का सियासी रंग लेता नजर आ रहा है.

मथुरा की दलित बहनें, जिनकी उम्र 19 और 22 साल है, सलून से वापस आ रही थीं. तभी उनकी कार एक बाइक से टकरा गई. बाइक रोहतास यादव चला रहा था. उसके साथ पिंटल यादव नामक युवक भी था. बाइक टकराने के बाद दोनों यादव लड़कों ने दलित समाज की बेटियों के फूफा से मारपीट शुरू कर दी. इस पर गाड़ी में बैठी दोनों बहनें बीच-बचाव करने आईं तो रोहतास और पिंटल ने उनके ऊपर गोबर फेंक दिया.

मामले ने लिया सियासी रंग

यादव समाज के लोगों के द्वारा दलित बहनों की पिटाई किए जाने और जातिसूचक गालियां दिए जाने के चलते शादी की खुशी गम में तब्दील हो गई. ये सब देख राजस्थान से आए दोनों दूल्हे ‘सुरक्षा के खतरे’ का हवाला देते हुए शादी से इनकार कर चले गए. दलित बहनों की शादी टूटने का मामला अब सियासी रंग लेता नजर आ रहा है. बसपा प्रमुख मायावती ने तुरंत अपना एक प्रतिनिधिमंडल दलित परिवार से मिलने मथुरा भेज दिया. बीजेपी भी तुरंत एक्शन में आई और योगी सरकार के मंत्री अरुण असीम ने मथुरा पहुंचकर पीड़ित बहनों से मुलाकात की. उन्हें इंसाफ का आश्वासन दिया है.

बसपा ने अपनाए आक्रामक तेवर

मायावती के निर्देश पर बसपा प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल, पश्चिमी यूपी के कोऑर्डिनेटर शमसुद्दीन राइन और भीमराव आंबेडकर ने मथुरा जाकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की. शमसुद्दीन ने पीड़ितों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. उन्होंने पूरे मामले की परिजनों और ग्रामीणों से जानकारी ली, जिसके बाद पुलिस प्रशासन से कहा कि ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जा सकती हैं. आरोपियों को ऐसी सजा दें कि दोबारा ऐसा करने की हिम्मत न कर सकें.

शमसुद्दीन ने कहा कि गांव में किसी की बारात आती है तो उसका सम्मान किया जाता है. मगर, जिस तरह से सपा के गुंडों ने मथुरा में हमारी बेटियों के साथ व्यवहार किया है, उस अपमान का भरपूर दंड प्रशासन को देना चाहिए. सपा से जुड़े हुए लोगों ने गलत संदेश दिया है. दलित समाज की बेटियों की शादी टूटने के जिम्मेदार यादव समाज के लोग हैं. पुलिस को ऐसी कार्रवाई करनी चाहिए कि एक नजीर बन सके. दलित समाज के साथ होने वाली किसी भी घटना को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है. मथुरा की घटना बहुत ही निंदनीय है.

बीजेपी भी एक्शन में आ रही नजर

दलित बहनों के साथ हुई घटना को लेकर बीजेपी भी एक्शन में नजर आ रही है. योगी सरकार में मंत्री और कन्नौज से बीजेपी विधायक असीम अरुण ने मथुरा जाकर पीड़ित दलित बेटियों से मुलाकात की. इसके बाद कहा कि सपा के कुछ गुंडों को लगा कि हमारे परिवार के साथ मारपीट कर सकते हैं, बदतमीजी कर सकते हैं और बच जाएंगे. इस घटना को सीएम योगी ने गंभीरता से लिया और विधानसभा सत्र के दौरान ही मुझे भेजा. असीम अरुण ने कहा, मैंने परिवार से बात की, स्थानीय जनप्रतिनिधि और पुलिस प्रशासन से बात की. हमारी बेटियों और उनके रिश्तेदारों के साथ मारपीट की गई और अपमान किया गया, इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है. सभी आरोपी जेल भेजे जाएंगे.

दलित बनाम यादव का बना विवाद

मामले ने अब सियासी रंग ले लिया है. इसमें दलित बनाम यादव का रंग नजर आ रहा है. बसपा ने दलित समाज के साथ खड़े होकर उनकी लड़ाई को मजबूती से लड़ने का संदेश दिया और सपा को कठघरे में खड़ा करने की कवायद की. इस तरह से बीजेपी भी सियासी नैरेटिव सेट करती नजर आई है. बसपा और बीजेपी की सक्रियता ने सपा की सियासी टेंशन बढ़ा दी है. इस मामले से सिर्फ मथुरा ही नहीं बल्कि यूपी के दलित समाज के बीच सपा के खिलाफ गलत संदेश गया है.

सपा के पीडीए फॉर्मूले पर संकट

अखिलेश यादव लोकसभा चुनाव-2024 में पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक (पीडीए) फॉर्मूला बनाकर बड़ी जीत दर्ज करने में कामयाब रहे हैं. दलित समाज का अच्छा खासा वोट सपा के पक्ष में गया था. सपा इसी फॉर्मूले पर 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है. ऐसे में मथुरा में दलित समाज की दो बहनों के साथ जिस तरह से यादव समाज के लोगों ने मारपीट की और उन्हें जाति सूचक गालियां दी हैं, उससे दलित समाज का विश्वास सपा से डगमगा सकता है. अखिलेश ने भले ही इस मुद्दे पर कुछ न बोला हो लेकिन अपनी पार्टी के लोकल नेताओं को डैमेज कंट्रोल करने में लगा दिया है.

इस घटना को लेकर पार्षद राकेश यादव के नेतृत्व में बैठक की गई. घटना को निंदनीय करार देते हुए गुंडई करने वालों से अपना संबंध तोड़ने और प्रायश्चित स्वरूप विवाह करने में मदद का आश्वासन दिया गया. मथुरा के सपा जिलाध्यक्ष विरेंद्र सिंह यादव पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद करने का भरोसा दे रहे हैं. इस तरह से उनकी कोशिश है कि मामले को दलित बनाम यादव होने से रोका जा सके ताकि सपा के पीडीए फॉर्मूले पर खतरा न आ सके.

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