Logo
ब्रेकिंग
BJP MLA Slogan Viral: 'नरेंद्र मोदी अमर रहे' का नारा लगाकर घिरे सिंगरौली के भाजपा विधायक; जानें क्या... UPI Transaction Fee Rules: UPI से भुगतान पर लगेगा अतिरिक्त शुल्क? व्यापारियों ने जताया विरोध, वित्त ... Ganesh Utsav Vidisha: बंटी नगर में सजी 'गोकुलधाम सोसाइटी' की अनोखी झांकी; सिद्ध गणेश मंदिर में लगी भ... Asian Games 2026 Women's Cricket: सेमीफाइनल में बांग्लादेश से भिड़ेगी टीम इंडिया, मैच बारिश से धुला ... KBC 18 Episode Update: छत्तीसगढ़ की कपिला तनेजा की दर्द भरी कहानी सुनकर नम हुईं बिग-बी की आंखें, जान... Pakistan Kohat Mosque Blast: खैबर पख्तूनख्वाह की मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान जोरदार धमाका, 5 जव... US Fed Rate Hike and Crypto Market: ब्याज दरों में बढ़ोतरी से क्यों घबराते हैं क्रिप्टो निवेशक, जानि... iPhone 18 Pro Max vs iPhone 17 Pro Max Comparison: कीमत, फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स में जानें कौन सा फ... Ganesh Visarjan Vastu Tips: बप्पा की विदाई के बाद नारियल के इन अचूक उपायों से घर में बरसेगी मां लक्ष... Air Travel Costly News: बिना साथी बच्चों और इन्फेंट ट्रेवल फीस में भारी बढ़ोतरी, जेब पर पड़ेगा सीधा ...
Header Ad

8 घंटे की मेहनत, 200 किलो मिट्टी… सैंड आर्टिस्ट ने बनाई प्रेमानंद महाराज की ऐसी आकृति, देखते ही हो जाएंगे मंत्रमुग्ध

प्रेमानंद महाराज एक ऐसी शख्सियत हैं, जिन्हें शायद ही ऐसा कोई शख्स होगा, जो नहीं जानता होगा. उन्हें राधा रानी का परम भक्त भी कहते हैं. प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु वृंदावन आते हैं और उनके दर्शन करते हैं. अब सैंड आर्टिस्ट, जिन्होंने अपने हाथों से कई सैंड आर्ट बनाई हैं. वह प्रेमानंद महाराज के घर के बाहर पहुंचे और उन्होंने प्रेमानंद महाराज की आकृति बनाई.

जब आकृति को प्रेमानंद महाराज ने देखा तो उन्होंने उनका दुपट्टा और माला पहनाकर अपना आशीर्वाद दिया. प्रेमानंद महाराज की आकृति बनाने वाले रूपेश बलिया के रहने वाले हैं. वह यही काम करते हैं. वह आगरा आए हुए थे, जहां अमेरिका के उपराष्ट्रपति स्वागत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, अमेरिका के राष्ट्रीय डोनाल्ड ट्रंप और उप राष्ट्रपति जे डी वेंस की आकृति बनाने के लिए बुलाया गया था. तभी उनके मन में ख्याल आया की उन्हें प्रेमानंद महाराज की भी एक आकृति बनानी चाहिए.

200 किलो मिट्टी का इस्तेमाल

इसके बाद आगरा से निकले और पहुंच गए वृंदावन और वृंदावन पहुंचकर उन्होंने प्रेमानंद महाराज की आकृति बनाई. बलिया के रहने वाले रूपेश से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस आकृति को बनाने के लिए कई सामग्रियों का इस्तेमाल किया गया है, लेकिन सबसे ज्यादा मुश्किल काम मेहनत का है. क्योंकि इस आकृति को बनाने के लिए सबसे ज्यादा मेहनत की जाती है और इस आकृति को हमने वृंदावन से यमुना की बालू कलर और पानी से मिलकर इसे बनाया है. इसके साथ ही हमने 200 किलो मिट्टी का इस्तेमाल किया है.

प्रेमानंद महाराज ने दिया आशीर्वाद

उन्होंने बताया कि प्रेमानंद महाराज जी की आकृति बनाने में लगभग 8 घंटे का समय लगा. उन्होंने अपने पांच साथियों के साथ मिलकर प्रेमानंद महाराज की आकृति बनाई. फिर जैसे ही सुबह के समय प्रेमानंद महाराज अपनी पदयात्रा के लिए निकले तो वह अपनी इस आकृति को देखकर मंत्रमुग्ध हो गए और कुछ देर तक अपनी आकृति को निहारत रहे. प्रेमानंद महाराज ने सैंड आर्टिस्ट और उनके साथियों को अपना आशीर्वाद दिया.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.