Logo
ब्रेकिंग
GT Road Gannaur Crime News: सीसीटीवी में कैद हुआ भीषण सड़क हादसा, पुलिस आरोपी ट्रक चालक की तलाश में ... Haryana Teacher Achieves Success in Swimming: शिक्षा के बाद अब खेल जगत में चमका मंजू दहिया का नाम, द... Disha Salian Case: 'मातोश्री' पहुंचे दिशा सालियान के पिता; आदित्य ठाकरे से मांगी बिना शर्त माफी और 5... Etawah Crime News: जमीन बेचने के बाद रहस्यमय परिस्थितियों में मिला शख्स का शव, पत्नी ने लगाया हत्या ... Kosi River Elephant Video: कॉर्बेट लैंडस्केप में नदी पार कर रहा था हाथियों का झुंड, उफनती धारा में ब... West Bengal By-Elections Update: ममता बनर्जी के समर्थन के बाद गिरफ्तारी पर कांग्रेस का हमला, कोर्ट न... Dalhousie Bear Rescue Operation: डलहौजी में बस स्टैंड के पास मुंह में कनस्तर फंसे भालू का रेस्क्यू, ... Sambhal Lover Couple Suicide: संभल में पेड़ से लटके मिले प्रेमी युगल के शव, तीन महीने से था प्रेम सं... West Bengal Politics: ममता बनर्जी के समर्थन के बाद कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी पर बवाल, केसी वेण... Punjab AAP Campaign: सीएम भगवंत मान ने जारी किया AAP का चुनावी पैम्फलेट; रविवार से शुरू होगा घर-घर प...
Header Ad

8 घंटे की मेहनत, 200 किलो मिट्टी… सैंड आर्टिस्ट ने बनाई प्रेमानंद महाराज की ऐसी आकृति, देखते ही हो जाएंगे मंत्रमुग्ध

प्रेमानंद महाराज एक ऐसी शख्सियत हैं, जिन्हें शायद ही ऐसा कोई शख्स होगा, जो नहीं जानता होगा. उन्हें राधा रानी का परम भक्त भी कहते हैं. प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु वृंदावन आते हैं और उनके दर्शन करते हैं. अब सैंड आर्टिस्ट, जिन्होंने अपने हाथों से कई सैंड आर्ट बनाई हैं. वह प्रेमानंद महाराज के घर के बाहर पहुंचे और उन्होंने प्रेमानंद महाराज की आकृति बनाई.

जब आकृति को प्रेमानंद महाराज ने देखा तो उन्होंने उनका दुपट्टा और माला पहनाकर अपना आशीर्वाद दिया. प्रेमानंद महाराज की आकृति बनाने वाले रूपेश बलिया के रहने वाले हैं. वह यही काम करते हैं. वह आगरा आए हुए थे, जहां अमेरिका के उपराष्ट्रपति स्वागत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, अमेरिका के राष्ट्रीय डोनाल्ड ट्रंप और उप राष्ट्रपति जे डी वेंस की आकृति बनाने के लिए बुलाया गया था. तभी उनके मन में ख्याल आया की उन्हें प्रेमानंद महाराज की भी एक आकृति बनानी चाहिए.

200 किलो मिट्टी का इस्तेमाल

इसके बाद आगरा से निकले और पहुंच गए वृंदावन और वृंदावन पहुंचकर उन्होंने प्रेमानंद महाराज की आकृति बनाई. बलिया के रहने वाले रूपेश से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस आकृति को बनाने के लिए कई सामग्रियों का इस्तेमाल किया गया है, लेकिन सबसे ज्यादा मुश्किल काम मेहनत का है. क्योंकि इस आकृति को बनाने के लिए सबसे ज्यादा मेहनत की जाती है और इस आकृति को हमने वृंदावन से यमुना की बालू कलर और पानी से मिलकर इसे बनाया है. इसके साथ ही हमने 200 किलो मिट्टी का इस्तेमाल किया है.

प्रेमानंद महाराज ने दिया आशीर्वाद

उन्होंने बताया कि प्रेमानंद महाराज जी की आकृति बनाने में लगभग 8 घंटे का समय लगा. उन्होंने अपने पांच साथियों के साथ मिलकर प्रेमानंद महाराज की आकृति बनाई. फिर जैसे ही सुबह के समय प्रेमानंद महाराज अपनी पदयात्रा के लिए निकले तो वह अपनी इस आकृति को देखकर मंत्रमुग्ध हो गए और कुछ देर तक अपनी आकृति को निहारत रहे. प्रेमानंद महाराज ने सैंड आर्टिस्ट और उनके साथियों को अपना आशीर्वाद दिया.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.