Logo
ब्रेकिंग
सीजेपी कार्यकर्ता के पिता पर हमले के खिलाफ आक्रोश, कॉकरोच जनता पार्टी ने दिया 10 दिन का अल्टीमेटम छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग के आरोप पर सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली पुलिस का हलफनामा, कार्रवाई का किया ... जंतर-मंतर पर छात्रों से पुलिस की बदसलूकी: सुप्रीम कोर्ट बनाएगा हाई लेवल कमेटी, CJI बोले- निर्दोष छात... बिहार पुलिस में बड़ा फेरबदल: 18 IPS अधिकारियों के तबादले, सीवान एसपी पूरन झा हटे, भारत सोनी बने नए क... उमरिया का वह ऐतिहासिक गांव जहां कभी राजीव गांधी पहुंचे थे, आज 41 साल से सड़क को तरस रहा पंचकेदार कल्पेश्वर महादेव मंदिर में भारी बारिश से तबाही: मलबे से पटा परिसर, हवन कुंड और सुरक्षा दीवा... नालंदा में मिड डे मील में नमक की जगह मिलाया सर्फ: 24 से अधिक स्कूली बच्चों की बिगड़ी तबीयत, मची अफरा... महाराष्ट्र कैबिनेट के बड़े फैसले: पंढरपुर विकास के लिए विशेष पुनर्वास नीति, जायकवाड़ी फेज-2 को ₹6,47... शिव भक्ति पर शौहर ने दिया तीन तलाक: झारखंड की जमीला खातून बरेली में बनी ज्योति देवी, प्रकाश संग लिए ... लखनऊ के होटल क्रिस्टेलिया में फर्जी विदेश मंत्रालय अफसरों का हाईड्रामा, स्टाफ को बनाया बंधक
Header Ad

19 लोगों की मौत, 12,000 प्रभावित…नॉर्थ ईस्ट में बारिश और लैंडस्लाइड से तबाही

केरल में मानसून की दस्तक के बाद बारिश का दौर शुरू हो चुका है. इसके साथ ही मानसून नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में भी पहुंच चुका है. यही कारण है कि असम, मेघालय, मिजोरम, सिक्किम में पिछले 3 दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है. पिछले 24 घंटों के दौरान कई जगहों पर लैंडस्लाइड और बाढ़ जैसे हालात देखने को मिल रहे हैं. लगातार हो रही बारिश के कारण अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है. बाढ़ से 12 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं.

मिजोरम, असम, मणिपुर, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुआ है. यहां कई इलाकों की सड़कें बह गईं और घर तबाह हो चुके हैं. लगातार हो रही बारिश के कारण हजारों लोग बेघर हो चुके हैं. जबकि कई स्थानों पर बचाव अभियान चल रहा है. मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में और अधिक बारिश की चेतावनी देते हुए कई पूर्वोत्तर राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है.

मलबे में दबे कई लोग

शुक्रवार देर रात दक्षिणी मिजोरम के लॉन्ग्टलाई शहर में लगातार बारिश के कारण हुए बड़े भूस्खलन में तीन इमारतें ढह गईं, जिसके बाद कम से कम आठ लोगों के फंसे होने की आशंका है. लगातार बारिश और सीमित उपकरणों के कारण बचाव कार्य बाधित हो रहे हैं. मलबे से अब तक दो घायल व्यक्तियों को निकाला गया है.मलबे के नीचे से मदद के लिए चीख-पुकार की आवाजें सुनाई दे रही थीं. भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-54 अवरुद्ध है, जिससे लॉन्ग्टलाई मिजोरम के सबसे दक्षिणी जिले सियाहा से कट गया है. उधर सिक्किम में भारी बारिश के कारण थेंग और चुंगथांग इलाकों में भूस्खलन से कई घर मलबे में दब गए.

मई महीने में ऐसी बारिश नहीं हुई पहले

इस बार मानसून समय से पहले ही दस्तक दे चुका है. पहले समय से 8 दिन पहले दोस्ती थी उसके बाद महारिकॉर्ड बना दिया. मानसून की दस्तक के बाद 30 मई तक 116.6 मिमी मानसूनी बारिश दर्ज की गई है. मई महीने में इतनी ज्यादा बारिश इससे पहले कभी दर्ज नहीं की गई है. इससे पहले मई में सबसे ज्यादा 110.7 मिमी बारिश 35 साल पहले यानी 1990 में हुई थी.

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

मौसम विभाग की मानें तो आने वाले कई दिनों तक बारिश से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है. अगले सात दिनों के दौरान असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश का अनुमान है. त्रिपुरा में मौसम विभाग ने राज्य में अगले 24 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान व्यक्त किया है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.