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हिंदू त्योहारों की वजह से भी बंद होते हैं रास्ते, तो नमाज पढ़ने पर आपत्ति क्यों? अबू आजमी का सवाल

समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने वारी यात्रा को लेकर विवादास्पद बयान दिया है. उन्होंने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेस में कहा कि वारी की वजह से सड़कों पर जाम लग जाता है. हिंदुओं के त्योहार जब मनाए जाते हैं तो मुसलमान कभी विरोध नहीं करते, लेकिन जब मुसलमान नमाज अदा करते हैं, तब शिकायतें की जाती हैं.

अबू आजमी ने कहा कि मस्जिद के बाहर नमाज नहीं पढ़ी जा सकती, आज मैं आ रहा था, हम हमेशा हिंदू भाइयों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलते हैं. आज तक किसी भी मुसलमान ने यह शिकायत नहीं की कि हिंदू त्योहारों की वजह से रास्ता बंद होता है, लेकिन जब मस्जिद में नमाज पढ़ी जाती है, तो यूपी के मुख्यमंत्री कहते हैं कि अगर बाहर नमाज पढ़ी गई तो पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे.

उन्होंने आगे कहा की आज जब मैं सोलापुर आ रहा था, तब मुझे बताया गया कि पालखी आने वाली है. कहा गया कि जल्दी निकलें वरना रास्ता जाम हो जाएगा. वारी की वजह से ट्रैफिक जाम होता है लेकिन हमने कभी इसका विरोध नहीं किया. मुसलमानों के लिए जानबूझकर जमीन नहीं दी जाती है.

संत ज्ञानेश्वर महाराज और संत तुकाराम महाराज की पालखी फिलहाल पुणे की दिशा से पंढरपुर की ओर प्रस्थान कर रही है. ऐसे में समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी के इस बयान से राजनीतिक विवाद गहराने की संभावना है.

भारत को इंसाफ करना चाहिए: इस्राइल-ईरान युद्ध पर आजमी

इस्राइल-ईरान युद्ध अबू आजमी ने भारत सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि इस्राइल ने ईरान पर हमला किया और छोटे-छोटे बच्चों की हत्या कर दी. अमेरिका फिर भी इस्राइल का समर्थन कर रहा है. ईरान ने जब जवाब दिया, तो मैं उनकी तारीफ करता हूं. भारत को भी इंसाफ करना चाहिए. 149 देश इस्राइल के पक्ष में गए, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री नहीं गए, उन्होंने दस्तखत नहीं किए, क्योंकि ये भारत की परंपरा के खिलाफ है.

चुनाव आयोग केंद्र सरकार की कठपुतली

अबू आजमी ने कहा कि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं रहा है. ये सरकार चुनाव जीतने के लिए हर हद पार कर रही है. पिछले चुनावों में बड़े-बड़े नेता हार गए, उसकी जांच होनी चाहिए. चुनाव आयोग इनके हाथ की कठपुतली बन गया है.

सोलापुर में हुए शाहरुख शेख एनकाउंटर पर आजमी ने सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि उसकी मां मेरे पास आई थीं, उन्होंने बताया कि पुलिस वालों ने सिर पर रिवॉल्वर रखी और फिर गोली मार दी. कसाब को भी जिंदा पकड़ा गया था, उसे सारी सुविधाएं दी गईं, फिर फांसी हुई. तो शाहरुख शेख को शॉर्टकट में गोली क्यों मारी गई?

हिंदी-मराठी विवाद पर जानें क्या बोले आजमी

राज और उद्धव ठाकरे की संभावित एकता पर आजमी ने कहा कि भाई के भाई के तकाजे होते हैं. अगर एक ही घर में जन्मे हैं, तो साथ रहना अच्छा है, पर राज ठाकरे की कोई ताकत नहीं है, वो सिर्फ नफरत की राजनीति करते हैं , हिंदी, उत्तर भारतीयों के खिलाफ बोलते हैं. अगर राज और उद्धव एक हो गए, तो शिवसेना की ताकत कम हो सकती है.

हिंदी-मराठी विवाद पर आजमी ने कहा कि महाराष्ट्र में अगर तीन भाषाएं होती हैं तो पहली मराठी हो, दूसरी हिंदी और तीसरी इंग्लिश, संसद की एक कमिटी देशभर में हिंदी को बढ़ावा देने का काम करती है. मराठी का सम्मान होना चाहिए, लेकिन हिंदी का अपमान नहीं होना चाहिए.

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