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हार्ट में ब्लॉकेज होने पर जरूर दिखते हैं ये लक्षण, न करें नजरअंदाज

जब हार्ट की नसें यानी कोरोनरी आर्टरीज में फैट, कोलेस्ट्रॉल और अन्य पदार्थों का जमाव हो जाता है, तो इसे हार्ट में ब्लॉकेज कहा जाता है. इस स्थिति को “एथेरोस्क्लेरोसिस” भी कहा जाता है. यह जमाव धीरे-धीरे ब्लड फ्लो को धीमा करता है, जिससे हार्ट को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं. समय के साथ ब्लॉकेज बढ़ने पर हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट का खतरा भी होता है. अक्सर यह समस्या धीरे-धीरे विकसित होती है और शुरुआत में इसके लक्षण बेहद मामूली या असामान्य हो सकते हैं, जिससे लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं. आइए जानते हैं कि हार्ट में ब्लॉकेज क्यों होती है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है.

हार्ट ब्लॉकेज के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से मुख्य है, खराब लाइफस्टाइल. अत्यधिक तैलीय और फैट युक्त भोजन, धूम्रपान, शराब का सेवन, एक्सरसाइज की कमी और लगातार तनाव ब्लॉकेज को बढ़ावा देते हैं. इसके अलावा, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज भी इस समस्या के विशेष कारण हैं. जेनेटिक फैक्टर से भी किसी व्यक्ति में यह समस्या हो सकती है, विशेषकर अगर परिवार में पहले किसी को हार्ट डिजीज रहा हो. उम्र बढ़ने के साथ नसों का लचीलापन कम हो जाता है, जिससे ब्लॉकेज का खतरा बढ़ता है. समय रहते इन कारणों पर ध्यान न देने से यह समस्या गंभीर हो सकती है और जानलेवा भी साबित हो सकती है.

हार्ट में ब्लॉकेज के लक्षण क्या हैं?

राजीव गांधी हॉस्पिटल में कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट में डॉ. अजीत जैन बताते हैं कि हार्ट में ब्लॉकेज के लक्षण व्यक्ति की शारीरिक स्थिति और ब्लॉकेज की गंभीरता पर निर्भर करते हैं. शुरूआत में हल्की थकान या सांस फूलने जैसी मामूली शिकायतें हो सकती हैं, जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन जब ब्लॉकेज बढ़ने लगती है, तो छाती में दर्द, दबाव या जलन महसूस होती है, खासकर चलने या मेहनत वाले कार्य के दौरान. यह दर्द बाएं हाथ, गर्दन, जबड़े या पीठ तक फैल सकता है.

इसके अलावा, थकान, घबराहट, पसीना आना, चक्कर आना, सांस लेने में तकलीफ और हार्ट रेट का इर्रेगुलर होना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. कुछ लोगों को सोते समय भी सीने में भारीपन महसूस हो सकता है. अगर ऐसे लक्षण बार-बार नजर आएं, तो यह हार्ट ब्लॉकेज का संकेत हो सकते हैं. ऐसे में तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं.

कैसे करें बचाव?

हेल्दी डाइट लें.

रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करें.

धूम्रपान और शराब से पूरी तरह बचें.

ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और शुगर की समय-समय पर जांच कराएं.

तनाव को कम करने के लिए मेडिटेशन या योग करें.

रोजाना कम से कम 8 घंटों की नींद लें.

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