Logo
ब्रेकिंग
Meesho कस्टमर केयर के नाम पर ठगी: APK भेजकर उड़ाए 1.01 लाख, बैतूल पुलिस ने ओडिशा से आरोपी दबोचा रक्षाबंधन पर भद्रा और चंद्रग्रहण का साया नहीं: 28 अगस्त को दिनभर बांध सकेंगे राखी, जानें शुभ मुहूर्त... रक्षाबंधन पर महंगाई की दोहरी मार: दंतेवाड़ा में प्याज ₹60 और चीनी ₹80 प्रति किलो, त्योहार से पहले बि... बलरामपुर के बाबा कर्मेश्वर धाम पहुंचे CM विष्णु देव साय: रुद्राभिषेक कर की पूजा, कर्रा में मंगल भवन ... रायपुर में ₹55 लाख तक की डायमंड राखी: इस बार भद्रा और चंद्रग्रहण से मुक्त रहेगा रक्षाबंधन, सोने-चांद... रायपुर IGKV में तीसरा पेपर भी लीक: 'फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स' परीक्षा पर बवाल, यूनिवर्सिटी ने पुलिस ... सेक्स वर्कर होने के आधार पर नहीं चल सकता आपराधिक केस: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रद्द की FIR और चार्जशीट,... बापटला बीच पर मिला शिवलिंग पीठम और मूर्तियां; लहरों के साथ बहीं या जमीन से निकलीं? जांच में जुटा प्र... रीलबाजी की सनक पड़ी भारी: ग्वालियर में 3400 किस वाली कार का कटा चालान, मालिक से मौके पर साफ करवाए लि... वंदे मातरम् विवाद पर ओवैसी का बयान: 'संविधान की शुरुआत हम भारत के लोग से होती है', बीजेपी-कांग्रेस म...
Header Ad

‘सीएम केयर’ के अंतर्गत सभी एमपी के सभी मेडिकल कॉलेजों में प्रारंभ होंगे कार्डियोलॉजी और कैंसर रोग विभाग

भोपाल। मध्य प्रदेश में कैंसर और हृदय संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ने के कारण प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कैंसर और हृदय रोग (कार्डियोलॉजी) विभाग प्रारंभ किए जाएंगे। इनमें उपचार की अत्याधुनिक सुविधाएं रहेंगी।

कैंसर की सिकाई के लिए रेडियोथेरेपी मशीनें और सर्जरी के लिए आपरेशन थिएटर होंगे। इसी तरह से हृदय रोगों के उपचार के लिए एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, हार्ट की सर्जरी और वाल्व बदलने की सुविधा होगी। ‘सीएम केयर’ के अंतर्गत ये सुविधाएं प्रारंभ की जाएंगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा है। चिकित्सा शिक्षा संचालनालय के अधिकारियों ने बताया कि कुछ कॉलेजों में बड़ी सुविधाएं सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) से भी प्रारंभ की जा सकती हैं। बीमारियों की जांच के लिए एमआरआई और पेट (पीईटी) स्कैन मशीन भी लगाई जाएंगी।

बीमारियों का उपचार बेहतर होगा

बता दें, कुछ कॉलेजों में विभाग पहले से हैं, लेकिन सभी सुविधाएं नहीं हैं। इस तरह सीएम केयर में आने के बाद हृदय संबंधी और कैंसर की बीमारियों का उपचार बेहतर हो जाएगा। अधिकारियों के अनुसार ज्यादा मरीजों वाले मेडिकल कॉलेजों में सुविधाएं सरकार खुद प्रारंभ कर सकती है, जबकि जहां कम रोगी हैं वहां पीपीपी से सुविधाएं प्रारंभ की जा सकती हैं।

एंजियोप्लास्टी की सुविधा मात्र भोपाल और रीवा के मेडिकल कॉलेज में

केंद्र सरकार के सहयोग से जबलपुर और ग्वालियर में कैंसर के उपचार के लिए अस्पताल बनाया गया है, पर न पर्याप्त डॉक्टर हैं न ही जांच सुविधाएं।

स्थिति यह है कि प्रदेश के रोगियों को आज भी उपचार के लिए मुंबई, नागपुर जैसे दूसरे राज्यों में जाना पड़ रहा है। हार्ट में ब्लॉकेज का पता करने के लिए एंजियोग्राफी और ब्लॉकेज हटाने के लिए एंजियोप्लास्टी की सुविधा मात्र भोपाल और रीवा के मेडिकल कॉलेज में है।

इसलिए पड़ी जरूरत

सरकार ने कैंसर रोग के उपचार के लिए अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में अलग-अलग माडल अपनाए। सिकाई के लिए पीपीपी से लीनियर एक्सीलेरेटर लगाने की प्रयास किया पर निवेशक नहीं आए। इसी तरह से जबलपुर और ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में प्रारंभ हुए कैंसर संस्थान के लिए डॉक्टर नहीं मिल रहे।

एमआरआई और सीटी स्कैन मशीन लगाने के लिए भी छोटे जिलों पीपीपी से निवेशक नहीं मिल रहे हैं। इस कारण अधिकतर कॉलेजों में सरकार खुद दोनों विभाग प्रारंभ करने की तैयारी कर रही है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.