Logo
ब्रेकिंग
अमृतसर एयरपोर्ट पर दिखा संदिग्ध ड्रोन, 7 फ्लाइट्स हुईं डायवर्ट; जांच में सामने आया बड़ा सच Batala News: ब्याह पंचमी से पहले शरारती तत्वों की करतूत, गुरु नानक देव जी व माता सुलखनी जी के होर्डि... डीपीएस इंदिरापुरम में हर्षोल्लास से मना शिक्षक दिवस: शिक्षकों के समर्पण और योगदान का हुआ सम्मान जालंधर नगर निगम कमिश्नर बदले, IAS संदीप ऋषि की जगह PCS सुरिंदर सिंह संभालेंगे कमान अमृतसर में ड्रोन गतिविधि के बाद आदमपुर एयरपोर्ट पर हाई अलर्ट: SSP हरविंदर विर्क ने दिए सुरक्षा बढ़ान... पंजाब और चंडीगढ़ में सरकारी कर्मचारियों का पूर्ण काम बंद: आज एक दिवसीय भूख हड़ताल, आम जनता परेशान Punjab Election 2027: पंजाब चुनाव को लेकर BJP का मास्टरप्लान, अक्टूबर में PM मोदी का 3 दिवसीय दौरा; ... लुधियाना में बेखौफ झपटमारों पर जनता का फूटा गुस्सा: बुजुर्ग महिला की बाली छीन रहे बदमाश को रंगे हाथ ... इस्लाम गंज में सवारी बिठाने को लेकर खूनी संघर्ष: ऑटो चालक पर तेजधार हथियारों से जानलेवा हमला Punjab Politics: 'बयानबाजी से पहले आंकड़े पढ़ें बाली', जालंधर भाजपा अध्यक्ष ने करतारपुर कॉरिडोर व AI...
Header Ad

सड़क दुर्घटना में घायल युवक को लोगों ने समझ लिया था मृत, पुलिसकर्मी की सूझबूझ से बच गई जान

सिंगरौली। मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में एक थाना प्रभारी की सूझबूझ ने एक ऐसे युवक की जान बचा ली, जिसे लोगों ने मृत समझ लिया था। दरअसल माड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम असनी में 47 वर्षीय शिवप्रसाद साकेत को पिकअप वाहन ने टक्कर मार दी थी जिसके कारण युवक बुरी तरह घायल होकर बेहोश हो गया था.घटना की सूचना पर मौके पर माड़ा थाना प्रभारी शिवपूजन मिश्रा जब मौके पर पहुंचे तो इस दौरान वहां मौजूद लोग युवक की हालत देखकर उसे मृत बता रहे थे।

कुछ लोग घायल को ले जाने का भी विरोध कर रहे थे। उनका कहना था कि घायल युवक के परिजनों के आने के बाद उसे ले जाने देंगे.लेकिन माड़ा थाना प्रभारी शिवपूजन मिश्रा ने घटना स्थल पर मौजूद लोगों की बातों को अनसुना कर दिया और एंबुलेंस आने का इंतजार न करते हुए अपने वाहन से घायल युवक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खुटार लेकर पहुंच गए.जहां डॉक्टर ने बताया कि युवक अभी जिंदा है.वह घायल होकर बेहोश हो गया था, लेकिन सांस चल रही थी.

अस्पताल पहुंचने में देरी होती तो जा सकती थी युवक की जान

हालांकि अब युवक का इलाज हो रहा है और वह खतरे से बाहर है.वहीं जिले भर में माड़ा थाना प्रभारी के इस सूझबूझ की चर्चा की जा रही है.क्योंकि यदि वहां एंबुलेंस आने का इंतजार किया जाता तो शायद घायल युवक समय रहते अस्पताल नहीं पहुंच पाता.और उसकी मृत्यु हो सकती थी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.