Logo
ब्रेकिंग
दुबई से पति को तलाशते हुए सतना पहुंची महिला: महिला थाने में दर्ज कराई गुमशुदगी की शिकायत 🛕 खैरागढ़ के जमातपारा में 300 साल पुराना बनबिहारी मंदिर: कृष्ण भक्ति और रियासतकालीन इतिहास का संगम Durg News: दिव्यांगता को बनाया ताकत, दुर्ग के दृष्टिबाधित शिक्षक अवतार गुप्ता ने की डिजिटल एक्सेसिबि... Chhattisgarh BJP News: रायपुर में जुटेगा प्रबुद्ध वर्ग और ओबीसी मोर्चा, संगठन महामंत्री पवन साय देंग... Guru Balakdas Jayanti: पंडरिया में धूमधाम से मनी गुरु बालकदास की 221वीं जयंती, 30 गांवों में निकली भ... NTPC Korba Blackout: एनटीपीसी कोरबा की सभी 7 यूनिट्स एक साथ ट्रिप, 7 राज्यों में गहराया बिजली संकट Jashpur News: 850 साल पुराने रियासतकालीन बालाजी मंदिर में गूंजे श्रीकृष्ण के जयकारे, राजपरिवार ने झु... CGPSC State Service Exam: कम अभ्यर्थियों के चयन पर सीजीपीएससी का स्पष्टीकरण, 21 सितंबर से साक्षात्का... रायगढ़ जिले के लिए गौरव का पल: प्राथमिक शाला सेमरा की दो शिक्षिकाएं राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान से सम... रायपुर में शिक्षक दिवस पर राज्य स्तरीय सम्मान समारोह: 63 उत्कृष्ट शिक्षक सम्मानित, 4 को मिला स्मृति ...
Header Ad

रांची: JPSC-JSSC आंदोलन के बीच अस्पताल में भर्ती देवेंद्र नाथ महतो से मिले रघुवर दास, कहा— ‘छात्रों पर लाठीचार्ज निंदनीय’

रांची (झारखंड): राज्य में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में सुधार एवं अनियमितताओं की जांच समेत विभिन्न मांगों को लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे उग्र छात्र आंदोलन के बीच झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सदर अस्पताल पहुँचकर आंदोलनकारी छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से मुलाकात की।

उन्होंने अस्पताल में भर्ती देवेंद्र नाथ महतो के स्वास्थ्य का हाल-चाल जाना और उनके चल रहे इलाज के विषय में डॉक्टरों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

📜 ‘न्याय मिलने तक जारी रहेगा सत्याग्रह’— देवेंद्र नाथ महतो ने सदर अस्पताल के CS को लिखा पत्र

उल्लेखनीय है कि 10 अगस्त को आयोजित ‘विधानसभा घेराव’ प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई में घायल होने के उपरांत देवेंद्र नाथ महतो को उपचार हेतु सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

अस्पताल से ही देवेंद्र नाथ महतो ने मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (CS) को एक पत्र प्रेषित किया है, जिसमें उन्होंने चिकित्सकीय उपचार पूर्ण होते ही जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित आंदोलन स्थल पर वापस जाने की अनुमति मांगी है। उन्होंने पत्र में स्पष्ट किया है कि JPSC और JSSC से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और धांधली के विरुद्ध उनका सत्याग्रह और अनिश्चितकालीन आंदोलन न्याय मिलने तक अनवरत जारी रहेगा।

🤝 ‘यह केवल व्यक्तिगत मांग नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य का संघर्ष है’— देवेंद्र महतो

अपने पत्र में देवेंद्र नाथ महतो ने उल्लेख किया कि वे JPSC-JSSC छात्र आंदोलन के अंतर्गत अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और सत्याग्रह में निरंतर शामिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पूरे झारखंड के हजारों मेधावी छात्र-युवा अपने बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकारों, सुरक्षित भविष्य और न्याय के लिए सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं। उनका यह आंदोलन केवल व्यक्तिगत लाभ तक सीमित नहीं है, अपितु राज्य की संपूर्ण पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और भावी पीढ़ी के भविष्य से जुड़ा एक अत्यंत संवेदनशील विषय है।

🏥 10 अगस्त को लाठीचार्ज में हुए थे घायल, डॉक्टर की सलाह पर आंदोलन में लौटने की मांगी अनुमति

देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी बात रखते हुए बताया कि 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के समय पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग (लाठीचार्ज) और वॉटर कैनन के इस्तेमाल से वे चोटिल हो गए थे, जिसके कारण उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।

वर्तमान में उनका इलाज जारी है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से अनुरोध किया है कि आवश्यक चिकित्सीय देख-रेख और सावधानियों का पालन करते हुए उन्हें पुनः सत्याग्रह स्थल पर लौटने की औपचारिक स्वीकृति दी जाए, क्योंकि अस्पताल में रहते हुए भी उनका पूरा ध्यान आंदोलनरत साथियों पर ही केंद्रित है।

🔍 ‘JPSC-JSSC मामलों की हो CBI जांच, छात्रों पर लाठीचार्ज निंदनीय’— पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास

इधर, सदर अस्पताल पहुँचे पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने देवेंद्र नाथ महतो से गहन बातचीत कर पूरे आंदोलन की अद्यतन स्थिति और परीक्षार्थियों की जायज मांगों की जानकारी ली।

छात्रों के इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त करते हुए रघुवर दास ने राज्य सरकार से परीक्षार्थियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने JPSC और JSSC से जुड़ी सभी विवादित परीक्षाओं की निष्पक्ष सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग पुनः दोहराई। पूर्व मुख्यमंत्री ने विधानसभा घेराव के दौरान निहत्थे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए प्रशासन से सहयोगात्मक रवैया अपनाने और संवाद के जरिए समाधान निकालने की सलाह दी।

devendra Nath mahato

Comments are closed.