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रंजीत सागर डैम से छोड़े पानी ने मचाई तबाही, बढ़ी लोगों की मुसीबतें, दोपहर 1 बजे…

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गुरदासपुर: रंजीत सागर डैम की झील में जल स्तर 527 मीटर के पास पंहुचने के कारण रंजीत सागर डैम प्रबंधकों ने डैम से 1 लाख 50 हजार क्यूसिक पानी के निकास का निर्णय लेकर डैम के सभी गेट खोल दिए हैं। बेशक डैम प्रबंधक डैम से पानी का निकास कर अधिक से अधिक बिजली पैदा कर रहे हैं,पंरतु पानी निकास के चलते रावी दरिया के किनारे बसें गांवों को भारी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है।

इस संबंधी इकट्ठी की गई जानकारी के अनुसार रंजीत सागर डैम की झील में जल स्तर 526.800 मीटर पंहुच गया है। जो लगभग खतरे के निशान पर पंहुच गया है। क्योंकि झील में 527 मीटर तक जल स्तर का पहुंच जाना खतरे के निशान को माना जाता है। इस लिए डैम प्रबंधकों ने डैम से पानी निकास फिर से शुरू कर दिया है। रात को डैम से 1 लाख क्यूसिक पानी छोड़ा गया। वहीं जम्मू कश्मीर राज्य से आने वाले दरिया उज्ज,जलालिया व बसंतर का पानी भी मकोड़ा पत्तन के पास आकर रावी दरिया में मिलने से स्थिति फिर से खराब हो रही है। आज दोपहर लगभग 1-00 बजे दरिया में पानी फिर 4 से 5 फुट तक ऊंचा होने से लोगों को भारी मुश्किल का सामना करना पड़ा। गांव आदिया व अन्य गांवों में बाढ़ का पानी जो निकल गया था आज फिर पानी भर गया। लोगों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। लोगों का कहना है कि हमारी फसलें तो पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है तथा घरों को भी भारी क्षति के साथ साथ घरेलू समान भी पूरी तरह से नष्ट हो गया है।

क्या कहना है कि दीनानगर की विधायक अरूणा चौधरी का
इस संबंधी जब दीनानगर हल्के की विधायका अरूणा चौधरी से बात की गई तो उन्होने कहा कि आज समय राजनीति करने का नही है,बल्कि की मिल कर लोगों की मदद करने का है। उन्होने कहा कि लोग राहत के लिए जिला प्रशासन की तरफ देख रहे हैं,जिला प्रशासन पंजाब सरकार की तरफ देख रहा है जबकि पंजाब सरकार केन्द्र सरकार की तरफ देख रही है। जिस कारण बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत उतनी नही मिल रही है जितनी जरूरत है। समाजिक व धार्मिक संगठन लोगों की मदद कर रहे हैं। मैं भी हर बाढ़ प्रभावित गांव में पंहुच कर चुकी हूं,पंरतु लोगों की मुसीबत अधिक है तथा राहत कम है। उन्होने कहा कि हमारा प्रथम कर्तव्य बनता है कि हम जो हो सकता है वह करें।

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