Logo
ब्रेकिंग
गंगा में उफान से बिजनौर बैराज का बायां तटबंध धंसा: 100 मीटर ACBM पैच नदी में समाया, युद्धस्तर पर बचा... रामगढ़ में बड़ा औद्योगिक हादसा: 'मां छिन्मस्तिका सीमेंट एंड इस्पात' फैक्ट्री में टरबाइन फटने से 3 इं... बेतिया में दिल दहला देने वाला हादसा: छठिहार में ऑर्केस्ट्रा देख रहे 18 लोगों को बस ने कुचला, 5 की मौ... पुर्तगाल ने क्रिकेट में रचा इतिहास: मोइजेस हेनरिक्स की कप्तानी में जीता ICC T20 सब-रीजनल क्वालिफायर,... दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में सलमान खान से जुड़े जिम में लगी आग: मची अफरा-तफरी, समय रहते निकाले गए लोग कैलिफोर्निया स्टेट असेंबली का ऐतिहासिक फैसला: 8 नवंबर को घोषित किया 'दिवाली डे', पास हुआ प्रस्ताव LIC जीवन उमंग पॉलिसी: प्रीमियम भुगतान के लचीले विकल्प, बोनस और परिवार के लिए रेगुलर इनकम का भरोसा बच्चों की प्राइवेसी उल्लंघन पर TikTok को बड़ा झटका: US सरकार के साथ $400 मिलियन का ऐतिहासिक समझौता रक्षाबंधन 2026: 28 अगस्त को न भद्रा का डर न ग्रहण का असर, जानें पंचक में राखी बांधने का सबसे शुभ समय डैंड्रफ से हमेशा के लिए छुटकारा क्यों नहीं मिलता? जानिए सीबम, यीस्ट और स्कैल्प केयर का कनेक्शन
Header Ad

ये तुम्हारे बच्चे हैं… जब ‘नजाकत’ से आतंकियों ने पूछा, जान जोखिम में डाल बचाई पर्यटकों की जिंदगी

जम्मू कश्मीर के पहलगा में हुए आतंकी हमले के दौरान 26 लोगों की जान चली गई. वहीं कुछ लोग अपनी जान बचाने में सफल रहे. उन लोगों की उस हमले को याद कर रूह कांप जा रही है. लेकिन इस दौरान पहलगाम में घटनास्थल पर मौजूद कश्मीरी लोगों की सराहना करते नहीं थक रहे हैं. लोग बार-बार उन कश्मीरी लोगों का शुक्रिया कर रहे हैं. छत्तीसगढ़ के रहने वाले अरविंद अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर परिवार के लोगों की जान बचाने के लिए नजाकत अली को शुक्रिया कहा है.

अरविंद ने कहा कि पहलगाम हमले के समय वो और उनका परिवार वहीं पर था. सभी लोग फोटो क्लिक कर रहे थे. अचानक से फायरिंग की आवाज आने लगी. शुरू में ऐसा लगा जैसे पटाखे फूट रहे हो. मगर सब भागने लगे. भागने के दौरान मैं गिर गया और परिवार से अलग हो गया. ऐसे में घोड़े वाले नजाकत अली, जो 20 साल से वहां काम कर रहे हैं. उनकी गोद में अरविंद अग्रवाल के बच्चे थे. उनकी पत्नी भी वहां पर थीं. आतंकियों ने पूछा तुम मुस्लिम हो? ये बच्चे तुम्हारे है? नजाकत ने कहा हां. परिवार के लोगों की जान बची.

हमले के बाद नजाकत अली की क्यों हो रही तारीफ?

वहीं अरविंद ने ये भी बताया की हम ताज्जुब कर रहे थे कि वहां कोई सुरक्षा कर्मी नहीं था. हम तो आधे रास्ते से वापिस जाने की सोच रहे थे. मेरी बेटी डरी हुई है. जब आतंकियों ने एक शख़्स को मारा तो मांस के टुकड़े मेरी बेटी पर लगे. वो सहमी हुई है. पुलिस और आर्मी को देखकर डर रही है. कह रही हैहमेंमतमारो.

क्या बोले छत्तीसगढ़ के अरविंद?

वहीं हमले के वक्त नजाकत अली के पास अरविंद अग्रवाल के बच्चे थे. आतंकियों ने नजाकत से पूछा क्या तुम मुस्लिम हो? क्या ये बच्चे तुम्हारे है? जवाब में नजाकत अली ने हां कहा और वहां से आतंकी आगे चले गए. इस दौरान अरविंद अग्रवाल की पत्नी भी नजाकत अली के साथ थी.

अरविंद के परिवार के लोगों ने नजाकत अली को शुक्रिया बोला है और फेसबुक पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि आपने अपनी जान दाव में लगाके हमारी जान बचायी. हम नजाकत भाई का एहशान कभी नहीं चुका पाएंगे.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.