
कैलिफोर्निया: अमेरिका के कैलिफोर्निया स्टेट असेंबली ने 8 नवंबर को ‘दिवाली डे’ के तौर पर आधिकारिक मान्यता देने वाला एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किया है। साथ ही राज्य के सभी नागरिकों से इस पावन पर्व के जश्न में उत्साहपूर्वक शामिल होने की अपील की गई है।
असेंबली के सदस्य दर्शन पटेल और ऐश कालरा द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव में कैलिफोर्निया और दुनियाभर में निवास करने वाले भारतीय-अमेरिकियों और भारतीय मूल के लोगों के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया गया है। असेंबली द्वारा पारित प्रस्ताव में कहा गया है कि यह संस्था इस वर्ष 8 नवंबर को दिवाली के पर्व को मान्यता देती है और लोगों को इस खुशी के दिन जश्न मनाने के लिए प्रोत्साहित करती है।
🪔 दुनिया के सबसे प्राचीन और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण त्योहारों में शामिल है दिवाली
त्योहार का वैश्विक महत्व और परंपराएं:
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साझा विरासत: प्रस्ताव में उल्लेख किया गया है कि दिवाली भारतीय-अमेरिकियों और दक्षिण एशियाई अमेरिकियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे अमेरिका समेत पूरी दुनिया में हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन समुदायों द्वारा प्रतिवर्ष मनाया जाता है।
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रोशनी का पर्व: ‘दीयों की कतार’ के रूप में जानी जाने वाली दिवाली दुनिया के सबसे पुराने त्योहारों में से एक है, जो परिवारों, दोस्तों और समुदायों को एकता, उदारता, खुशी और आत्म-चिंतन के सूत्र में बांधती है।
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घरों की सजावट: इस दिन घरों को मोमबत्तियों, तेल के दीपकों और लाइटों से रोशन किया जाता है तथा अच्छी सेहत, ज्ञान, शांति, समृद्धि और सकारात्मकता के स्वागत के लिए आतिशबाजी की जाती है।
✨ बुराई पर अच्छाई की जीत और आंतरिक विकास का प्रतीक है दीपावली
आध्यात्मिक और दार्शनिक संदेश:
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सकारात्मकता का संदेश: प्रस्ताव के अनुसार, दिवाली को विभिन्न सांस्कृतिक परंपराओं के तहत बुराई पर अच्छाई की विजय के रूप में मनाया जाता है।
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नकारात्मकता से मुक्ति: यह पर्व संघर्षों से उबरने, नकारात्मकता को दूर करने, विनम्रता अपनाने और व्यक्तिगत चुनौतियों के बीच भी मानवता व दयालुता बनाए रखने की प्रेरणा देता है।
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आत्म-चिंतन का समय: दिवाली मनाने वाले समुदायों के लिए यह ज्ञान, व्यक्तिगत विकास, बुद्धिमत्ता और सकारात्मक बदलाव का संकल्प लेने का एक पवित्र अवसर है।

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