Logo
ब्रेकिंग
छिंदवाड़ा में भारी बारिश के मौसम में भी गहराया पेयजल संकट: 147 में से 96 तालाब सूखे, महीने में 15 दि... खजुराहो के मतंगेश्वर महादेव: हर साल बढ़ता है रहस्यमयी जीवित शिवलिंग, सावन के अंतिम सोमवार उमड़ा जनसै... रतलाम कृषि मंडी में अचानक छुट्टी पर भड़के किसान: 600 प्याज की ट्रालियां खड़ी कर महू-नीमच रोड किया जा... 'ट्रस्ट में आंदोलन से जुड़े लोग नहीं': राम मंदिर विवाद और 'जैन-जी' आंदोलन पर बोले भोजपाली बाबा रविंद... सिंगरौली सरकारी अस्पताल की खुली पोल: डॉक्टर की कुर्सी पर सफाईकर्मी, सीएमएचओ ने दिए जांच के आदेश मध्य प्रदेश में फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा: सीएम के लेटरहेड से ट्रांसफर और हाईकोर्ट में फर्जी वकालतना... कार्तिक त्यागी की 153.6 Kmph की आग उगलती गेंद: UP T20 लीग में प्रिंस यादव का उखाड़ा विकेट, रिंकू सिं... 'कर्नाटक ही नहीं, पूरे सिनेमा जगत के किंग हैं यश': टॉक्सिक के प्रमोशनल इवेंट में दिखा जबरा क्रेज गिनी की राजधानी कोनाक्री में लैंडफिल का विशाल ढेर ढहने से 30 की मौत: मलबे में दबीं झुग्गियां, 6 घायल चीनी शेयरों में 11% तक का जबरदस्त उछाल: बलरामपुर चीनी, धामपुर और उत्तम शुगर में तेजी, जानें तेजी के ...
Header Ad

यूपी के सबसे बड़े अस्पताल के पास नहीं है पैसा, मिलेगा लोन तभी खरीदा जाएगा गामा नाइफ

लखनऊ के संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में जुलाई तक गामा नाइफ सर्जरी की सुविधा शुरू होने की तैयारी है. संस्थान ने गामा नाइफ के लिए बैंक से कर्ज लेने का फैसला किया है. लोन मंजूर होने के बाद इसकी खरीदारी की प्रक्रिया चल रही है. उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े मेडिकल संस्थान के पास गामा नाइफ मशीन खरीदने के लिए पैसा नहीं है. इसलिए बैंक से पैसे लोन पर लेने पड़े हैं. गामा नाइफ मशीन से बिना चीरा लगाए छोटे ट्यूमर का इलाज संभव हो सकेगा.

गामा नाइफ रेडियो थेरेपी की तकनीक है. इसमें बिना चीरा लगाए सिर के ट्यूमर की सर्जरी करना संभव है. इस आधुनिक तकनीक के माध्यम से सिर के ट्यूमर और घाव पर बेहद सटीक तरीके से रेडिएशन पहुंचती है. गामा नाइफ सर्जरी का इस्तेमाल दिमागी ट्यूमर और धमनी संबंधित विकृतियों के साथ सिर के अन्य समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता है. इसमें मरीज को खतरा ना के बराबर होता है.

70 करोड़ लिया लोन

गामा नाइफ सर्जरी की व्यवस्था के लिए अस्पताल प्रशासन ने 70 करोड़ लोन पर लिए हैं. इसमें से 60 करोड़ रुपए से गामा नाइफ मशीन की खरीद होगी. वहीं, 10 करोड़ रुपये से इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किए जाएंगे. गामा नाइफ के रेडिएशन का इस्तेमाल कंप्यूटर के माध्यम से किया जाता है. इससे यह बेहद सटीक काम करता है और इससे शरीर के बाकी हिस्सों को नुकसान नहीं पहुंचता है.

जुलाई से शुरू हो सकती है सुविधा

पीजीआई के डायरेक्टर प्रोफेसर आरके धीमान का कहना है गामा नाइफ आधुनिक तकनीक है. मरीज को इसका लाभ मिलना चाहिए. इसलिए बैंक से लोन लेकर संस्थान में सुविधा शुरू हो की जा रही है. संस्थान ही भुगतान करेगा. जुलाई तक सुविधा शुरू होने की उम्मीद है. गामा नाइफ सर्जरी की शुरुआत से लाखों लोगों को सुविधा मिलेगी. प्राइवेट अस्पताल में गामा नाइफ सर्जरी करने के की फीस लाखों रुपये में है. संजय गांधी अस्पताल में इसकी शुरुआत होने जाने के बाद से ही गरीब आदमी को भी बेहतर मिलेगा

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.