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मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में बिल्लियों में मिला बर्ड फ्लू, स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप

मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में H5N1 (हाईली पैथोजेनिक एवियन इन्फ्लूएंजा) 3 पालतू बिल्लियों और एक जीवित पक्षी में पाया गया. 31 जनवरी 2025 को छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश में 3 पालतू बिल्लियों और एक जीवित पक्षी बाजार में H5N1 का मामला सामने आया. इसके बाद, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं.

राज्य को एवियन इन्फ्लूएंजा के नियंत्रण और रोकथाम के लिए योजना के मुताबिक काम शुरू करने को कहा गया. बाजार में सभी पक्षियों को मारा गया और बाजार को 21 दिनों के लिए बंद कर दिया गया, जब तक वहां की सफाई का प्रमाण पत्र नहीं मिल गया.

65 नमूने इकट्ठा किए गए

विभाग द्वारा तय की गई योजना के अनुसार सभी जरूरी कदम उठाए गए. भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा बनाई गई योजना के मुताबिक भी सभी जरूरी कदम उठाए गए. 10 फरवरी 2025 को, पक्षी बाजार में काम करने वाले पशु चिकित्सकों और अन्य लोगों के 65 नमूने इकट्ठा किए गए और पुणे के NIV भेजे गए. सभी नमूने इन्फ्लूएंजा के लिए नेगेटिव पाए गए.

बर्ड फ्लू कितना खतरनाक

बता दें कि बर्ड फ्लू एक प्रकार का इन्फ्लुएंजा है. इन्फ्लुएंजा एक एच5एन1 प्रकार का वायरस है. पानी के फव्वारे से शुरू हुआ वायरस मुर्गी पालन में सबसे तेजी से फैला. इसके प्रभाव में घरेलू पोल्ट्री फॉर्म आ जाते हैं. अगर यह वायरस किसी पक्षी में फैलता है तो उसके मरने की गति तेज हो जाती है. हालांकि यह वायरस इंसान से इंसान में नहीं फैलता है. लेकिन पक्षियों से इंसानों में फैल सकता है.

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