Logo
ब्रेकिंग
'100वीं गलती पर डेंटिंग-पेंटिंग कर दें': प्रीतम लोधी ने दी बयानों पर सफाई, खनियांधाना सभा के बाद नया... कटनी CSP नेहा पच्चीसिया तत्काल प्रभाव से सस्पेंड: हत्या के आरोपी को बचाने और जमीन सौदे का आरोप, दफ्त... तेंदुए के शिकार पर विवादित बयान: IFS उत्तम शर्मा बोले- 'सतर्क रहें, हर जगह हैं दिमागी नक्सल', PMO तक... झमाझम बारिश के बीच कलेक्ट्रेट पहुंचे एक्सीलेंस स्कूल के छात्र, कलेक्टर से मिलने की जिद बैतूल में स्मार्ट मीटर का विरोध, बिजली विभाग बोला हर घर में लगेंगे। बैतूल में लगे 22 हजार मीटर छात्राओं से अश्लील हरकत का आरोपी शिक्षक गिरफ्तार, सरेंडर का दावा MP में 32 IAS अफसरों के तबादले: अभिषेक चौधरी बने ग्वालियर नगर निगम आयुक्त, देखें पूरी ट्रांसफर लिस्ट BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप: त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने रचा इतिहास, भारत का मेडल पक्का वंदे मातरम् पर कंगना और शर्मिला टैगोर आमने-सामने: 'हिंदू-मुस्लिम सोच से बाहर निकलें', कंगना ने दिया ... पेरू में 6.7 तीव्रता का जोरदार भूकंप: कांप उठे दक्षिणी एंडीज पहाड़, 'रिंग ऑफ फायर' में बसे देश में द...
Header Ad

भोपाल में जैविक खेती कार्यशाला का आयोजन, सीएम मोहन बोले- कृषि को भी उद्योग की तरह विकसित किया जाना चाहिए

भोपाल : मध्य प्रदेश सरकार इस साल को उद्योग वर्ष के रूप में मना रही है। कृषि प्रधान इस प्रदेश में खेती को भी उद्योग की तरह विकसित किया जाना चाहिए। तेजी से बढ़ रहे जैविक खेती को प्रोत्साहन देने में सरकार पूरी तरह मदद कर रही है। भविष्य में इस क्षेत्र को वन मेला, कार्तिक मेला, व्यापार मेला की तर्ज पर जैविक उत्पाद मेला का आयोजन भी किया जाना चाहिए। मेलों में लोगों की आवाजाही से जैविक खेती और उत्पाद के लिए जागृति लाना आसान होगा। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने शुक्रवार को भोपाल के बरखेड़ी कलां में आयोजित जैविक खेती कार्यशाला के दौरान यह बात कहीं। उन्होंने जैविक और प्राकृतिक खेती के दौरान रसायन उपयोग से बचने की सलाह दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती के दौरान किया जा रहा रसायन उपयोग व्यवस्था को बिगाड़ रहा है, इसके उपयोग से बचना चाहिए।  जैविक और प्राकृतिक उत्पादों को अपने देश में ही बाजार मिले, ऐसे प्रयास किए जाएं। वर्तमान में 33 जिलों में करीब एक लाख हेक्टेयर में जैविक खेती हो रही। इसको 5 लाख हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य रखा जाना चाहिए। हर साल इसका दायरा बढ़ाएं। कृषि को भी उद्योग की तरह विकसित किया जाना चाहिए।

कृषि आधारित उद्योगों पर चिंतन किया जाना चाहिए। सरकार हमेशा जैविक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए तैयार है। जैविक खेती के दौरान इस बात का ख्याल भी रखा जाए कि प्राकृतिक व्यवस्था पर कोई प्रभाव न पड़ें।

उन्होंने आगे कहा कि नवीन तकनीक से उन्नत खेती की जाए, इससे बेहतर परिणाम मिलेंगे। जैविक खेती के लिए आदर्श गांव स्थापित किए जाएं। कृषि को लेकर नागपुर मॉडल पर काम करने की तैयारी है। कोशिश यह भी होगी कि हम स्वयं अपना मॉडल भी बनाएं। भारत सरकार और मप्र सरकार मिलकर खेती को प्रोत्साहन देने वाले कार्यक्रम चला रही है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.