Logo
ब्रेकिंग
फोन नहीं उठाते सीईओ,मीडियाकर्मियों में नाराजगी,ज्ञापन सौंपा Ola Uber Ban Chandigarh: ओला-उबर के लाइसेंस रद्द होने के बाद शुरू हुई 'भारत टैक्सी', जानिए यात्रियों... Haryana News: लगातार चौथी बार देश में अव्वल रही करनाल शुगर मिल, केंद्रीय मंत्रियों ने दी प्रतिष्ठित ... NCC DG Team Selection: हरियाणा के होनहार शूटर विजयन्त ढाण्डा ने बढ़ाया राज्य का मान, देश के टॉप-12 शू... Haryana Road Mishap: नूंह सड़क हादसे में चार लोगों की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल; पुलिस जांच में ज... Haryana Crime News: पानीपत में اغवा हुआ बच्चा बरामद, एक लाख में बेचने की थी डील; पुलिस ने दो को दबोच... Gurnam Singh Chaduni Mahapanchayat: धान खरीद की मांग पर अड़े किसान, हाईवे पर बीती रात; आज होगी बड़ी ... Patna Mithila Colony Incident: दानापुर में खूनी संघर्ष, शादी से पहले सिपाही भाई ने की आत्महत्या, पुल... Delhi Demolition News: शालीमार बाग मैक्स अस्पताल रोड पर देर रात चला पीला पंजा; भारी पुलिस बल तैनात, ... Monsoon Update 2026: मॉनसून की विदाई के बीच बिगड़ेगा मौसम; मध्य प्रदेश, ओडिशा और पूर्वोत्तर में भारी...
Header Ad

बेंगलुरु में CBI का बड़ा एक्शन: 16 ठिकानों पर एक साथ की रेड, नेताओं के रिश्तेदारों और करीबियों के खातों में भेजा सरकारी पैसा

0

कर्नाटक में CBI ने सोमवार को बेंगलुरु और आंध्र प्रदेश में 16 जगहों पर एक साथ रेड की है. यह एक्शन वाल्मीकि कॉरपोरेशन (M/s Karnataka Maharshi Valmiki Scheduled Tribes Development Corporation Limited KMVSTDCL) से सरकारी पैसे चुराकर नेताओं के रिश्तेदारों और करीबियों के खातों में भेजने के मामले में की गई है. ये सरकारी संस्था, जो कर्नाटक सरकार के अधीन है, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की MG रोड शाखा में खाता रखती थी.

बताया जाता है कि यह मामला 3 जून 2024 को दर्ज हुआ था। यूनियन बैंक के DGM द्वारा शिकायत दी गई थी कि खातों से 84.63 करोड़ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज और गलत तरीके से ट्रांसफर करके निकाल लिए गए. पैसे ट्रांसजेक्शन का ये खेल 21 फरवरी 2024 से 6 मई 2024 के बीच चला. बाद में इस मामले में कर्नाटक हाई कोर्ट ने भी संज्ञान लिया.

अब तक कोर्ट में 4 रिपोर्ट हुई पेश

इस दौरान 16 नवंबर 2024 को विधायक बसनगौड़ा आर. पाटिल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि CBI जल्द से जल्द फाइनल रिपोर्ट पेश करे और समय-समय पर स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में दे. बताया जाता है कि अब तक 4 रिपोर्ट पेश हो चुकी हैं और कोर्ट खुद इस मामले पर नजर रख रहा है. माना जा रहा है कि कोर्ट के इस मामले में एक्टिव होने के बाद ही एक्शन शुरू हुआ है.

जांच में हुए खुलासे

अभी तक की जांच में कई खुलासे हुए हैं. जांच में सामने आया है कि सिर्फ वाल्मीकि कॉरपोरेशन ही नहीं, बल्कि एसटी वेलफेयर डिपार्टमेंट और कर्नाटक जर्मन टेक्निकल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (KGTTI) के पैसे भी गलत तरीके से ट्रांसफर किए गए.

मंत्री के रिश्तेदारों के खाते में भेजे गए करोड़ों रुपये

बताया जाता है कि यहां से 2.17 करोड़ रुपये बैंक ऑफ बड़ौदा, सिद्धैया रोड, बेंगलुरु से निकालकर बीच की कंपनियों जैसे M/s SKR Infrastructure और M/s Golden Establishment के जरिए M/s Dhanalaxmi Enterprises के खाते में भेजे गए. यह कंपनी मंत्री बी. नागेंद्र के करीबी नेक्कंती नगराज की है. इनमें से करीब 1.20 करोड़ रुपये मंत्री के रिश्तेदारों जैसे बहन, बहनोई और निजी सहायक के खातों में पहुंचाए गए.

इनके खातों में पहुंचे 64 लाख रुपये

जांच में सामने आया है कि इसके बाद कैनरा बैंक, विल्सन गार्डन शाखा से करीब 64 लाख रुपये निकालकर M/s Sadguru Education Trust, M/s Sadguru Solutions, फिर M/s Skillpoint Training, उसके बाद M/s Style Machine के खातों में घूमते हुए एन. रविकुमार (नेक्कंती नगराज के भाई) और एन. यशवंत चौधरी (भतीजा) तक पहुंचाएं गए हैं.

हाई कोर्ट के आदेश के CBI ने लिया एक्शन

CBI की छापेमारी और जांच से साफ हो रहा है कि सरकारी योजनाओं का पैसा नेताओं के निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया. कोर्ट भी इस मामले में सख्ती से कार्रवाई कर रही है। आने वाले समय में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.

Leave A Reply

Your email address will not be published.