Logo
ब्रेकिंग
Dhamtari Maratha Community: मराठा पारा में जीवंत हुई सदियों पुरानी संस्कृति; महालक्ष्मी पूजा में उमड... Chhattisgarh CM Visit: रायगढ़ के बनोरा आश्रम में सीएम साय ने खाया पंगत में प्रसाद; 8 एकड़ में बने आध... Ranchi TB Free Mission: टीबी मुक्त झारखंड के लिए NHM की बड़ी पहल; 350 NCC कैडेट्स बने 'माई भारत वॉलि... Katras Coalfield Threat: धनबाद में भू-धंसान प्रभावित परिवारों को अटल क्लिनिक में मिली शरण; बेलगड़िया... Surender Koli Death Mystery: हरिद्वार में मृत मिले सुरेंद्र कोली को लेकर पीड़ित परिवार का आरोप, 'जान... FDA Alert Maharashtra: इंदौर की कंपनी द्वारा निर्मित पैरासिटामोल व टेल्मिसर्टन टैबलेट्स की जांच रिपो... Beneshwar Dham News: डूंगरपुर में भारी बारिश से टापू बना प्रसिद्ध बेणेश्वर धाम; त्रिवेणी संगम उफान प... Maharashtra Railway Infrastructure: मुकुटबन-गडचांदूर के बीच बनेगी 38 किमी नई रेल लाइन; ₹493 करोड़ की... Surender Koli Suicide News: निठारी कांड के चर्चित आरोपी सुरेंद्र कोली की संदिग्ध मौत, हरिद्वार में ल... Punjab Politics: पंजाब में नशे के खिलाफ BJP का आर-पार का संग्राम; 4 कोनों से शुरू होंगी यात्राएं, जा...
Header Ad

बिहार के एक घर में 900 से ज्यादा वोटर… राहुल के नए आरोपों पर क्या बोला चुनाव आयोग?

0

बिहार में विधानसभा चुनावों से पहले वोट चोरी का मुद्दा थमने का नाम नहीं ले रहा है. कांग्रेस की तरफ से लगातार चुनाव आयोग पर कई आरोप लगाए जा रहे हैं. इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दावा किया कि एक ही घर में 947 वोटर पाए गए हैं. ये एक तरह की धांधली है. आरोपों के बाद अधिकारियों की तरफ से इस मामले में कहा गया कि में स्थायी मकान संख्या न होने के कारण काल्पनिक मकान संख्या दी गई है.

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को निर्वाचन आयोग पर निशाना साधते हुए कहा, “बिहार की मतदाता सूची के मसौदे में गया जिले के एक पूरे गांव को एक ही घर में रहते हुए दिखाया गया है. ‘वोटर अधिकार यात्रा’ निकाल रहे राहुल गांधी ने अपनी पार्टी का एक सोशल मीडिया पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, ‘निर्वाचन आयोग का जादू देखो, एक मकान में पूरा गांव बस गया.

क्या है पूरा मामला?

कांग्रेस ने बिहार की वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों को लेकर एक बार फिर बड़ा दावा किया है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बोधगया के निडानी गांव में 947 मतदाता एक ही मकान संख्या के अंतर्गत लिस्टेड हैं. इस पर स्थानीय अधिकारियों और राज्य के मुख्य निर्वाचन ऑफिस की तरफ से स्पष्टीकरण दिया गया. अधिकारियों ने कहा कि मकान संख्या “काल्पनिक” है क्योंकि वहां के घरों में कोई संख्या नहीं है.

चुनाव आयोग पर कांग्रेस ने साधा निशाना

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में, कांग्रेस ने “चुनाव आयोग” निशाना साधा है. उन्होंने पोस्ट करते हुए लिखा कि बिहार में चुनाव आयोग का करिश्मा देखिए. आधिकारिक वोटर लिस्ट में 947 वोटर एक ही घर (मकान नं. 6) में रहते हैं. जबकि हकीकत है कि निदानी में सैकड़ों घर और परिवार हैं, मगर लिस्ट में पूरा गांव एक काल्पनिक मकान में समा गया है.

कांग्रेस ने BLO के कामकाज पर भी सवाल खड़े किए हैं, उन्होंने लिखा कि BLO ने किस तरह डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन की? असली मकान नंबर वोटर लिस्ट से क्यों गायब कर दिए गए? इसका फायदा किसे पहुंचाया जा रहा है? यह कोई साधारण गलती नहीं, बल्कि पारदर्शिता के नाम पर एक मजाक है.

आगे लिखा जब मकान नंबर मिटा दिए जाते हैं, तो फर्जी वोटर, डुप्लीकेट नाम और भूतिया पहचान छिपाना आसान हो जाता है. अगर एक छोटे से गांव में 947 वोटरों को एक ही पते पर डंप किया जा सकता है, तो सोचिए बिहार और पूरे भारत में गड़बड़ी का पैमाना कितना बड़ा होगा. कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से भी जवाब मांगा है.

गया प्रशासन ने दिया जवाब

गांधी के पोस्ट के जवाब में, गया जिला प्रशासन ने ग्रामीणों के चार वीडियो क्लिप एक्स पर शेयर किए. पोस्ट में लिखा था, “कई गांवों में मकान नंबर आवंटित नहीं होते, जिसके कारण मतदाता सूची में प्रतीकात्मक मकान नंबर दिए जाते हैं. जिन मतदाताओं का जिक्र किया गया है, वे सभी गांव में मौजूद हैं और असली मतदाता हैं. निडानी गांव के बूथ नंबर 161 के मतदाता खुद स्थिति स्पष्ट कर रहे हैं. ”

एक वीडियो में एक निवासी कह रहा है, “गांव निडानी, बूथ नंबर 161, यहां की बदनामी की जा रही है कि एक ही घर में 900 वोट हैं, यह पूरी तरह से गलत है. हम चुनाव आयोग की तरफ से किए गए सर्वेक्षण से संतुष्ट हैं. जहां तक मकान नंबरों की बात है, 161 में कोई मकान नंबर नहीं है, हम गांव में रहते हैं, गांव में मकान नंबर होते ही नहीं हैं.”

बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने कहा, “काल्पनिक मकान संख्या एक काल्पनिक (प्रतीकात्मक) मकान संख्या होती है,जो तब दी जाती है जब किसी मतदाता के निवास स्थान पर वास्तविक मकान संख्या उपलब्ध नहीं होती है.

Leave A Reply

Your email address will not be published.