Logo
ब्रेकिंग
जेपीएससी भर्ती रद्द करने पर हाईकोर्ट की रोक: छात्रों ने सरकार पर लगाया धोखाधड़ी का आरोप, सभी 24 जिलो... 'वंदे मातरम्' के 6 छंद और 190 सेकंड की समयसीमा: अधूरा गाना अब गैर-कानूनी, गृह मंत्रालय ने तय किए कड़... यूपी गैंगस्टर एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, दो वकीलों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई रद्द दिवाली-छठ पर दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: UP-बिहार के लिए शुरू होंगी DTC की लग्जरी बसें वेब सीरीज देखकर बनाई 'चोरी की क्लास': 18 साल होते ही बच्चों को निकालता था हिस्ट्रीशीटर, जबलपुर RPF क... 21 अगस्त वेदर अपडेट: दिल्ली में झमाझम बारिश के आसार, एमपी-राजस्थान और यूपी के कई जिलों में येलो अलर्... जयपुर के बगरू में स्कूल निरीक्षण के दौरान भारी बवाल: CJP कार्यकर्ताओं पर हमला, गाड़ियों में तोड़फोड़ 'लेडी सिंघम' CSP नेहा पच्चीसिया पर FIR: एयरहोस्टेस से DSP बनीं अफसर पर घूसखोरी और आपराधिक साजिश का म... 'चीनी संसद जैसी बन जाएगी लोकसभा': नए संसद भवन के डिजाइन पर बोले शशि थरूर, दूरी और ध्रुवीकरण का कराया... फेल करने की धमकी देकर छात्राओं से किस करता था शिक्षक, हंगामे के बाद एफआईआर
Header Ad

प्रैक्टिकल वाला होमवर्क करने के लिए खेत में काम करेंगे छात्र, मालिक किसानों को हर वर्ष मिलेगा पैसा

0

मध्य प्रदेश में अब बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई करने वाले छात्र खेतों में प्रैक्टिकल कर सकेंगे. प्रदेश के 20 कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र ऐसा कर पाएंगे. राज्य में 17 जिलों के 20 कॉलेजों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बीएससी एग्रीकल्चर कोर्स की पढ़ाई शुरू की गई है. इंदौर, राज्य की राजधानी भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, रीवा समेत 17 जिलों के 20 कॉलेजो में बीएससी एग्रीकल्चर कोर्स शुरू किया गया है.

इन्हीं कॉलेजों के छात्र खेतों में कृषि का प्रैक्टिकल कर सकेंगे. उच्च शिक्षा विभाग छात्रों को खेती की जमीन उपलब्ध कराएगा. इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग किसानों के साथ एमओयू साइन करेगा. ये एमओयू तीन साल का होगा. इसमें किसानों को साल के 10 हजार रुपये दिए जाएंगे. कॉलेजों को समझौता करने का प्रस्ताव दिया गया है. इसी के तहत अब कॉलेज किसानों से बातचीत कर एमओयू साइन करेंगे.

इस पहल का क्या है मकसद?

कॉलेजों को 30 सितंबर तक की डेडलाइन एमओयू साइन करने के लिए दी गई है. उच्च शिक्षा विभाग की ओर से की गई इस पहल का उद्देश्य ये है कि छात्र खेती के गुण सीख सकें. खेती की जमीन पर कोर्स से जुड़े प्रैक्टिकल करके छात्र फसल की बारीकियों के बारे में जान सकेंगे. छात्रों के साथ किसान अपना अनुभव साझा करेंगे.

किसान छात्रों को सिखाएंगे खेती

किसान छात्रों को फसल बोने, मिट्टी, जैविक खाद बनाने, कीटनाशक का उपयोग और बीज आदि के बारे में व्यवहारिक रुप से बताएंगे. कृषि वैज्ञानिक प्रयोग और परीक्षण की योजना तैयार करेंगे. अगर शिक्षा विभाग का ये प्रयोग सफल हो जाता है, तो खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर समेत अन्य जिलों के एक-एक कॉलेजों में भी बीएससी एग्रीकल्चर कोर्स शुरू किया जाएगा.

इन कॉलेजों में बीएससी एग्रीकल्चर पढ़ाने के लिए तीन-तीन अथिति शिक्षकों की भी की नियुक्ति की जाएगी. इसका प्रोसेस शुरू किया जा चुका है.

Leave A Reply

Your email address will not be published.