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पूरा पाकिस्तान भारत की जद में, बच नहीं पाएगा… ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद टॉप आर्मी अफसर का बड़ा दावा

पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को भारत ने तबाह कर दिया. बिलबिलाए पाकिस्तान ने भारत पर हमला कर दिया, जोकि उसकी सबसे बड़ी गलती थी. भारत ने उसके हमले को नाकाम करते हुए जिन्ना के मुल्क के एयरबेस तबाह कर दिए. क्या उसे अंदाजा नहीं था कि भारत की आर्मी इतनी पावरफुल है कि उसकी पलक झपकते नींद उड़ा देगी. इस बीच सेना वायु रक्षा महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल सुमेर इवान डी’कुन्हा ने भारत की सैन्य शक्ति पर बात की है.

‘ऑपरेशन सिंदूर’ का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भारत के पास पाकिस्तान के समूचे क्षेत्र में स्थित टारगेट पर हमला करने की क्षमता है. समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल डी’कुन्हा ने कहा, ‘पूरा पाकिस्तान जद में है.’ उन्होंने कहा कि भले ही पाकिस्तान अपने सेना मुख्यालय (जीएचक्यू) को रावलपिंडी से खैबर पख्तूनख्वा (केपीके) जैसे क्षेत्रों में ट्रांसफर कर दे, लेकिन उसे एक गहरा गड्ढा खोजना होगा.

आधुनिक स्वदेशी तकनीक की बड़ी भूमिका

लेफ्टिनेंट जनरल डी’कुन्हा ने कहा, ‘मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि भारत के पास पाकिस्तान से पूरी गहराई तक निपटने के लिए पर्याप्त हथियार हैं इसलिए सबसे बड़े से लेकर सबसे छोटे तक, चाहे वह कहीं भी हो, पूरा पाकिस्तान हमारी सीमा के भीतर है. हम पूरी तरह से सक्षम हैं, चाहे वह हमारी सीमाओं पर हो या गहराई में, हम पूरे पाकिस्तान से मुकाबला कर सकते हैं.’

उन्होंने कहा, ‘जीएचक्यू रावलपिंडी से केपीके या जहां भी वे जाना चाहते हैं, वहां जा सकते हैं, लेकिन वे सभी सीमा के भीतर हैं इसलिए उन्हें वास्तव में एक गहरा गड्ढा ढूंढना होगा.’ दरअसल, लंबी दूरी के ड्रोन और गाइडेड युद्ध सामग्री सहित आधुनिक स्वदेशी तकनीक ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

800 से 1000 ड्रोन पाकिस्तान ने भेजे

लेफ्टिनेंट जनरल ने बताया कि हथियार ले जाने वाले सभी ड्रोन को सफलतापूर्वक रोका गया, जिससे किसी भी नागरिक को हताहत होने से बचाया जा सका. उन्होंने कहा, ‘मैं कहूंगा कि चार दिनों में पूरी पश्चिमी सीमा पर 800 से 1000 के बीच ड्रोन आए. उनमें से बड़ी संख्या नष्ट किए गए. एक बात तो तय है कि सभी मानवरहित लड़ाकू एरियल वाहन जो पेलोड ले जा रहे थे उनका उद्देश्य हमारी नागरिक आबादी को नुकसान पहुंचाना था और उन्हें आबादी की तरफ गाइड किया गया था, हमने सुनिश्चित किया कि वे कोई नुकसान न करें और मुझे लगता है कि इसका सबूत वास्तव में हमने देखा. कोई भी नागरिक हताहत नहीं हुआ.’

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