
पंचकूला (हरियाणा): हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को पक्का (नियमित) करने और प्रदेश में रुकी हुई नियमित भर्ती प्रक्रियाओं को शुरू करने की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी ने बड़ा मोर्चा खोल दिया है।
पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित HKRN मुख्यालय के बाहर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विशाल धरना-प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी संजय दत्त, पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से किया।
⚖️ ‘समान काम के लिए समान वेतन’ की मांग, चुनावी वादों पर सरकार को घेरा
धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी की नीतियों पर तीखा हमला बोला:
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समान वेतन की मांग: कांग्रेस नेताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए मांग की कि HKRN कर्मचारियों को ‘समान काम का समान वेतन’ दिया जाए और उनके रोजगार को सुरक्षित किया जाए।
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चुनावी वादे की याद: पार्टी ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने HKRN कर्मचारियों को स्थायी करने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद भी हजारों कर्मचारियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
💼 ठेका व्यवस्था में शोषण का आरोप: न पीएफ की सुरक्षा, न ग्रेच्युटी का लाभ
प्रदर्शन में शामिल वक्ताओं ने अनुबंध प्रणाली की खामियों को उजागर करते हुए कर्मचारियों के अधिकारों की बात कही:
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सामाजिक सुरक्षा का अभाव: पार्टी नेताओं ने कहा कि ठेका व्यवस्था के तहत काम कर रहे युवाओं को न तो नियमित वेतनमान मिल रहा है और न ही उन्हें भविष्य निधि (PF), ग्रेच्युटी या स्थायी सेवा जैसी बुनियादी सुविधाएं दी जा रही हैं।
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प्रमुख नेताओं की उपस्थिति: इस धरने में कार्यक्रम के संयोजक विधायक अशोक अरोड़ा और पंचकूला विधायक चौधरी चंद्रमोहन सहित कांग्रेस सांसद, विधायक, पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद और बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए।
🎯 प्रदेश के युवाओं के साथ अनदेखी का आरोप, पारदर्शी भर्ती नीति की मांग
कांग्रेस ने राज्य की रोजगार व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर बल दिया:
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स्थानीय युवाओं की उपेक्षा: नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य की नियमित नौकरियों में हरियाणा के मूल युवाओं की अनदेखी की जा रही है।
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नियमित भर्ती शुरू करने की मांग: कांग्रेस ने सरकार से मांग की कि HKRN कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से नियमित किया जाए, रिक्त पदों पर पारदर्शी एवं नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए और ठेका प्रथा को समाप्त किया जाए।
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आंदोलन जारी रखने की चेतावनी: पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि युवाओं और कर्मचारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार अपने वादों को पूरा नहीं करती।

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